रेस्‍टोरेंट में बच्‍चे को स्‍तनपान करा रही थी मां, शख्‍स ने टोका, कहा- ‘चेहरा ढक लो’

टेक्‍सास : अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर टेक्‍सास में एक अजीबोगरीब घटना घटी. एक रेस्‍टोरेंट में मां अपने बच्‍चे को स्‍तनपान (फीड) करा रही थी. इस दौरान वहां बैठे एक व्‍यक्ति को यह नागवार गुजरा. उसने उससे चेहरा ढकने को कहा और इतने में महिला ने चादर अपने चेहरे पर डाल ली. महिला ने उसकी बात का मान रखा और बच्‍चे को फीड कराते समय चेहरा ढके रखा. इस घटना की तस्‍वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई है. साथ ही चेहरा ढंकने के लिए कहने वाले व्‍यक्ति की निंदा हो रही है. लोगों का तर्क है कि वह महिला किसी मुस्लिम देश में नहीं थी. आखिर उससे चेहरे को ढंकने को क्‍यों कहा गया.रेस्‍टोरेंट में बच्‍चे को स्‍तनपान करा रही थी मां, शख्‍स ने टोका, कहा- 'चेहरा ढक लो'

4 माह का बच्‍चा है डुडले का 
उस महिला का नाम मेलेनी डुडले है. उसका 4 माह का बच्‍चा है. याहू लाइफस्‍टाइल की रिपोर्ट के मुताबिक डुडले के चेहरे को चादर से ढंकने की घटना अचानक हुई. डुडले ने कहा-मैं छुट्टियों पर अपने पूरे परिवार के साथ घूमने गई थी और एक व्‍यक्ति ने मुझसे चेहरा ढकने को कहा था. वैसे मैं चौकन्‍नी रहती हूं, लेकिन उस समय हम रेस्‍टोरेंट में पीछे की ओर बैठे थे. जब डुडले ने चेहरे पर चादर डाला तो उसके पति ने इसकी तस्‍वीर खींच ली. इस तस्‍वीर को कैरोल लॉकवुड ने शेयर किया. इस पोस्‍ट को अब तक 72 हजार लोगों ने लाइक किया है जबकि 2,16,000 शेयर हुए और 18 हजार कमेंट आए हैं.

क्‍या लिखा है फेसबुक पोस्‍ट में
फेसबुक पोस्‍ट में लिखा है कि मेरे मित्र की बहू को बच्‍चे को फीड कराते समय चेहरा ढकने के लिए कहा गया था और उसने वैसा किया भी. मैं उससे कभी नहीं मिला लेकिन मुझे लगता है कि उसने अच्‍छा किया. इस पोस्‍ट को परमिशन पर ही शेयर करें. मैंने इस पोस्‍ट को पब्लिक किया है… 

ऑस्‍ट्रेलियाई संसद में सांसद ने कराया था बच्‍चे को फीड
बीते साल जून में ऑस्ट्रेलियाई सासंद लैरीजा वाटर्स ने संसद में बच्चे को स्तनपान करवाते हुए प्रस्ताव पास करवाया था. महिला सांसद ने भरे सदन में सबके सामने अपनी 8 माह की बच्ची को स्तनपान कराया. बच्ची को स्तनपान करवाते वक्त वह सदन को संबोधित कर रही थीं. ऐसा करके वह संसद में स्तनपान कराते हुए संसद में प्रस्ताव पेश करने वाली पहली सांसद बन गई थीं. ऑस्ट्रेलिया की ग्रीन पार्टी की सांसद लैरीजा ने कोयला खदान मजदूरों को होने वाली फेफड़े की बीमारी से जुड़ा एक प्रस्ताव संसद में पेश किया था.

You May Also Like

English News