लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता उत्तर प्रदेश की लिखित परीक्षा का पेपर लीक, राज बब्बर ने दी सफाई

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अपने सभी विभाग दुरुस्त करने के प्रयास में भले ही है, लेकिन सब कुछ उलटा-पुलटा हो रहा है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता पद की लखनऊ में कल हुई लिखित परीक्षा से पहले ही पेपर आउट हो गया। हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा का तो पेपर आउट होने की खबरें आती रहती हैं लेकिन पार्टी के प्रवक्ता पद की परीक्षा का पेपर आउट होने से लखनऊ में खलबली मच गई है।

राज बब्बर ने दी सफाई  उत्तर प्रदेश में कांग्रेस प्रवक्ता बनने के लिए हुई लिखित परीक्षा में नकल तथा बवाल पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा में कोई नकल नहीं हुई है। ना ही किसी को फेल करने के लिए परीक्षा ली गई है। राज बब्बर ने कहा कि राहुल गांधी नए तरीके से कांग्रेस के अंदर बदलाव ला रहे हैं। यह भी बदलाव की एक कोशिश है। किसी को फेल करने के लिए यह परीक्षा नहीं है क्योंकि इतने सीनियर लोगों को फेल करने के बारे में नहीं सोचा जा सकता।  उन्होंने कहा कि हमें नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। हर रोज टीवी के एंकरों से रूबरू होना पड़ता है। ऐसे में पुख्ता जानकारी रखने वाले लोगों की जरूरत है। वह टेस्ट भी इसी कारण लिया गया। मैंने भी कल प्रश्न पत्र देखे थे। कई सवालों का उत्तर मैं खुद नहीं दे सकता इसलिए पास-फेल का कोई सवाल ही नहीं। राज बब्बर ने कहा कि प्रवक्ताओं की औसत उम्र 40 की होगी। हमें युवा प्रवक्ता की जरूरत है लेकिन औसत उम्र का मतलब यह नहीं कि हम सिर्फ 40 के ऊपर के प्रवक्ता नहीं रखेंगे। हमारे प्रवक्ताओं की उम्र ज्यादा भी हो सकती है।   कांग्रेस नेता और एमएलसी दीपक सिंह परीक्षा में नकल या फिर पास और फेल को नकार दिया। उनके मुताबिक, अब चुनौतियां नई तरह की है इसलिए प्रवक्ताओं को भी नई चुनौतियों से रूबरू होना होगा। राहुल गांधी की सोच के तहत यह परीक्षाएं हुई हैं और इसमें जो बेहतर होगा वह निकल कर सामने आएगा।  क्यों बनना चाहते हैं प्रवक्ता  लिखित परीक्षा के बाद साक्षात्कार मुश्किल था। इंटरव्यू में रोहन गुप्ता व प्रियंका चतुर्वेदी के साथ प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर भी अभ्यर्थियों के सामने बैठे थे और बड़ी बारीकी से उनके जवाबों व हावभाव पर नजर बनाए थे। अभ्यर्थियों से सामान्य प्रश्नों के बीच यह भी पूछा गया कि वह प्रवक्ता क्यों बनना चाहते हैं। अभ्यर्थियों से उनकी शैक्षणिक योग्यता के साथ भाषा ज्ञान, व्यवसाय, अनुभव व अन्य जानकारियां भी ली गईं। खासकर मीडिया के तीखे सवालों और आरोपों पर उनके त्वरित जवाब की क्षमता को आंका गया।    कांग्रेस प्रवक्ता बनने के लिए पूछे गए सवाल  1. यूपी में कितने मंडल और जिले और ब्लॉक हैं।  2. यूपी में लोकसभा की कितनी सीटें आरक्षित हैं।  3. 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को कितनी सीटें मिली थीं।  4. यूपी में लोकसभा व विधानसभा की कितनी सीटें हैं।  5. यूपी में एक लोकसभा में कितनी विधानसभा सीटें हैं।  6. किन लोकसभा सीट पर मानक से कम या ज्यादा विधानसभा सीटें हैं।  7. मोदी सरकार की असफलता के मुख्य कारण क्या हैं।  8. योगी सरकार की असफलता के मुख्य कारण क्या हैं।  9. मनमोहन सरकार की उपलब्धियां क्या हैं।  10. प्रवक्ता का काम क्या है।  11. आप प्रवक्ता क्यों बनना चाहते हैं।  12. आज समाचार पत्रों में तीन प्रमुख खबरें क्या हैं। जिस पर आप बयान जारी कर सकते हैं।  13. प्रमुख हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू अखबार व चैनलों के नाम बतायें।  14. 2014 के लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कितने प्रतिशत वोट मिले।
राज बब्बर ने दी सफाई
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस प्रवक्ता बनने के लिए हुई लिखित परीक्षा में नकल तथा बवाल पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा में कोई नकल नहीं हुई है। ना ही किसी को फेल करने के लिए परीक्षा ली गई है। राज बब्बर ने कहा कि राहुल गांधी नए तरीके से कांग्रेस के अंदर बदलाव ला रहे हैं। यह भी बदलाव की एक कोशिश है। किसी को फेल करने के लिए यह परीक्षा नहीं है क्योंकि इतने सीनियर लोगों को फेल करने के बारे में नहीं सोचा जा सकता।
उन्होंने कहा कि हमें नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। हर रोज टीवी के एंकरों से रूबरू होना पड़ता है। ऐसे में पुख्ता जानकारी रखने वाले लोगों की जरूरत है। वह टेस्ट भी इसी कारण लिया गया। मैंने भी कल प्रश्न पत्र देखे थे। कई सवालों का उत्तर मैं खुद नहीं दे सकता इसलिए पास-फेल का कोई सवाल ही नहीं। राज बब्बर ने कहा कि प्रवक्ताओं की औसत उम्र 40 की होगी। हमें युवा प्रवक्ता की जरूरत है लेकिन औसत उम्र का मतलब यह नहीं कि हम सिर्फ 40 के ऊपर के प्रवक्ता नहीं रखेंगे। हमारे प्रवक्ताओं की उम्र ज्यादा भी हो सकती है।
कांग्रेस नेता और एमएलसी दीपक सिंह परीक्षा में नकल या फिर पास और फेल को नकार दिया। उनके मुताबिक, अब चुनौतियां नई तरह की है इसलिए प्रवक्ताओं को भी नई चुनौतियों से रूबरू होना होगा। राहुल गांधी की सोच के तहत यह परीक्षाएं हुई हैं और इसमें जो बेहतर होगा वह निकल कर सामने आएगा।
क्यों बनना चाहते हैं प्रवक्ता
लिखित परीक्षा के बाद साक्षात्कार मुश्किल था। इंटरव्यू में रोहन गुप्ता व प्रियंका चतुर्वेदी के साथ प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर भी अभ्यर्थियों के सामने बैठे थे और बड़ी बारीकी से उनके जवाबों व हावभाव पर नजर बनाए थे। अभ्यर्थियों से सामान्य प्रश्नों के बीच यह भी पूछा गया कि वह प्रवक्ता क्यों बनना चाहते हैं। अभ्यर्थियों से उनकी शैक्षणिक योग्यता के साथ भाषा ज्ञान, व्यवसाय, अनुभव व अन्य जानकारियां भी ली गईं। खासकर मीडिया के तीखे सवालों और आरोपों पर उनके त्वरित जवाब की क्षमता को आंका गया।
कांग्रेस प्रवक्ता बनने के लिए पूछे गए सवाल
1. यूपी में कितने मंडल और जिले और ब्लॉक हैं।
2. यूपी में लोकसभा की कितनी सीटें आरक्षित हैं।
3. 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को कितनी सीटें मिली थीं।
4. यूपी में लोकसभा व विधानसभा की कितनी सीटें हैं।
5. यूपी में एक लोकसभा में कितनी विधानसभा सीटें हैं।
6. किन लोकसभा सीट पर मानक से कम या ज्यादा विधानसभा सीटें हैं।
7. मोदी सरकार की असफलता के मुख्य कारण क्या हैं।
8. योगी सरकार की असफलता के मुख्य कारण क्या हैं।
9. मनमोहन सरकार की उपलब्धियां क्या हैं।
10. प्रवक्ता का काम क्या है।
11. आप प्रवक्ता क्यों बनना चाहते हैं।
12. आज समाचार पत्रों में तीन प्रमुख खबरें क्या हैं। जिस पर आप बयान जारी कर सकते हैं।
13. प्रमुख हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू अखबार व चैनलों के नाम बतायें।
14. 2014 के लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कितने प्रतिशत वोट मिले।

राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस बदलाव की तरफ है। इसके क्रम में ही कल लखनऊ में उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता बनने की लिखित परीक्षा आयोजित की गई। करीब एक घंटे की लिखित परीक्षा में 14 प्रश्न थे। इनमें से कुछ सवाल देख कर तो पार्टी नेताओं के छक्के छूट गए। इसके बाद कुछ ने नकल का प्रयास भी किया।

इस विशेष परीक्षा को आयोजित कराने के लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी खास तौर पर दिल्ली से लखनऊ आई थीं। नकल के बाद भी परीक्षा सम्पन्न हो गई। इस परीक्षा का परिणाम दिल्ली से जारी होगा। उसके बाद इंटरव्यू भी होगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राज बब्बर ने यूपीसीसी की मीडिया कमेटी को भंग कर दिया था।

लिखित परीक्षा देने के बाद प्रवक्ता पद के अभ्यर्थी इंटरव्यू में पहुंचे तो ऐसे कई सवालों ने उनके पसीने छुड़ा दिए। कई अभ्यर्थी तो कुछ सवालों के बाद अटके, तो कई शुरुआती सवाल में ही बगले झांकने लगे। प्रदेश कांग्रेस के एक दर्जन प्रवक्ता अब किसी सिफारिश से नहीं बल्कि लिखित परीक्षा व इंटरव्यू पास कर बनेंगे। मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में यह व्यवस्था लागू कर चुकी कांग्रेस पहली बार उत्तर प्रदेश में इस फार्मूले पर काम कर रही है। पास होने वाले अभ्यर्थी पार्टी की मीडिया टीम में रखे जाएंगे।

पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता की परीक्षा प्रदेश कार्यालय में आयोजित की गई थी। इस दौरान काफी सख्ती भी की गई थी। परीक्षा शुरू होते ही पेपर लीक हो गया। प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ता ने प्रश्न पत्र की फोटो लेकर कई लोगों को व्हाटसएप कर दिया। इस परीक्षा को कराने का जिम्मा पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी को सौंपा गया था। उनको पहले 27 को लखनऊ आना था। इसके बाद वह कल दोपहर निर्धारित समय 2:30 बजे के स्थान पर एक घंटा विलंब से 3:30 बजे पहुंचीं।

लिखित परीक्षा देने के बाद प्रवक्ता पद के अभ्यर्थी इंटरव्यू में पहुंचे तो ऐसे कई सवालों ने उनके पसीने छुड़ा दिए। कई अभ्यर्थी तो कुछ सवालों के बाद अटके, तो कई शुरुआती सवाल में ही बगले झांकने लगे। प्रदेश कांग्रेस के एक दर्जन प्रवक्ता अब किसी सिफारिश से नहीं बल्कि लिखित परीक्षा व इंटरव्यू पास कर बनेंगे। मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में यह व्यवस्था लागू कर चुकी कांग्रेस पहली बार उत्तर प्रदेश में इस फार्मूले पर काम कर रही है। पास होने वाले अभ्यर्थी पार्टी की मीडिया टीम में रखे जाएंगे।

पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता की परीक्षा प्रदेश कार्यालय में आयोजित की गई थी। इस दौरान काफी सख्ती भी की गई थी। परीक्षा शुरू होते ही पेपर लीक हो गया। प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ता ने प्रश्न पत्र की फोटो लेकर कई लोगों को व्हाटसएप कर दिया। इस परीक्षा को कराने का जिम्मा पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी को सौंपा गया था। उनको पहले 27 को लखनऊ आना था। इसके बाद वह कल दोपहर निर्धारित समय 2:30 बजे के स्थान पर एक घंटा विलंब से 3:30 बजे पहुंचीं।

परीक्षा के दौरान सभी को मोबाइल फोन अपने पास रखने की इजाजत थी। करीब घंटे भर की परीक्षा में ही कई नेताओं को नानी याद आ गई। सब एक दूसरे की कॉपी में ताक झांक कर रहे थे। इस दौरान प्रियंका चतुर्वेदी ने कुछ को ऐसा करने से मना भी किया। टीवी चैनलों से लेकर अखबारों में पार्टी का पक्ष रखने वाले नेता पेपर देखने के बाद हैरान-परेशान थे। इसी बीच किसी से पेपर का फोटो लेकर उसको व्हाटसएप पर भेज दिया। एक ने कहा कि पहले से पता होता कि इतना पापड़ बेलना पड़ेगा तो फिर मैं यहाँ आता ही नहीं।

पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने बताया कि हम पहले गुजरात व मध्य प्रदेश में इस तरह परीक्षा का आयोजन कर चुके हैं। राजस्थान में हमें परीक्षा लेनी थी। कुछ वजहों से टल गई तो हम उत्तर प्रदेश आ गए।

राज बब्बर ने दी सफाई

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस प्रवक्ता बनने के लिए हुई लिखित परीक्षा में नकल तथा बवाल पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा में कोई नकल नहीं हुई है। ना ही किसी को फेल करने के लिए परीक्षा ली गई है। राज बब्बर ने कहा कि राहुल गांधी नए तरीके से कांग्रेस के अंदर बदलाव ला रहे हैं। यह भी बदलाव की एक कोशिश है। किसी को फेल करने के लिए यह परीक्षा नहीं है क्योंकि इतने सीनियर लोगों को फेल करने के बारे में नहीं सोचा जा सकता।

उन्होंने कहा कि हमें नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। हर रोज टीवी के एंकरों से रूबरू होना पड़ता है। ऐसे में पुख्ता जानकारी रखने वाले लोगों की जरूरत है। वह टेस्ट भी इसी कारण लिया गया। मैंने भी कल प्रश्न पत्र देखे थे। कई सवालों का उत्तर मैं खुद नहीं दे सकता इसलिए पास-फेल का कोई सवाल ही नहीं। राज बब्बर ने कहा कि प्रवक्ताओं की औसत उम्र 40 की होगी। हमें युवा प्रवक्ता की जरूरत है लेकिन औसत उम्र का मतलब यह नहीं कि हम सिर्फ 40 के ऊपर के प्रवक्ता नहीं रखेंगे। हमारे प्रवक्ताओं की उम्र ज्यादा भी हो सकती है। 

कांग्रेस नेता और एमएलसी दीपक सिंह परीक्षा में नकल या फिर पास और फेल को नकार दिया। उनके मुताबिक, अब चुनौतियां नई तरह की है इसलिए प्रवक्ताओं को भी नई चुनौतियों से रूबरू होना होगा। राहुल गांधी की सोच के तहत यह परीक्षाएं हुई हैं और इसमें जो बेहतर होगा वह निकल कर सामने आएगा।

क्यों बनना चाहते हैं प्रवक्ता

लिखित परीक्षा के बाद साक्षात्कार मुश्किल था। इंटरव्यू में रोहन गुप्ता व प्रियंका चतुर्वेदी के साथ प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर भी अभ्यर्थियों के सामने बैठे थे और बड़ी बारीकी से उनके जवाबों व हावभाव पर नजर बनाए थे। अभ्यर्थियों से सामान्य प्रश्नों के बीच यह भी पूछा गया कि वह प्रवक्ता क्यों बनना चाहते हैं। अभ्यर्थियों से उनकी शैक्षणिक योग्यता के साथ भाषा ज्ञान, व्यवसाय, अनुभव व अन्य जानकारियां भी ली गईं। खासकर मीडिया के तीखे सवालों और आरोपों पर उनके त्वरित जवाब की क्षमता को आंका गया।

कांग्रेस प्रवक्ता बनने के लिए पूछे गए सवाल

1. यूपी में कितने मंडल और जिले और ब्लॉक हैं।

2. यूपी में लोकसभा की कितनी सीटें आरक्षित हैं।

3. 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को कितनी सीटें मिली थीं।

4. यूपी में लोकसभा व विधानसभा की कितनी सीटें हैं।

5. यूपी में एक लोकसभा में कितनी विधानसभा सीटें हैं।

6. किन लोकसभा सीट पर मानक से कम या ज्यादा विधानसभा सीटें हैं।

7. मोदी सरकार की असफलता के मुख्य कारण क्या हैं।

8. योगी सरकार की असफलता के मुख्य कारण क्या हैं।

9. मनमोहन सरकार की उपलब्धियां क्या हैं।

10. प्रवक्ता का काम क्या है।

11. आप प्रवक्ता क्यों बनना चाहते हैं।

12. आज समाचार पत्रों में तीन प्रमुख खबरें क्या हैं। जिस पर आप बयान जारी कर सकते हैं।

13. प्रमुख हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू अखबार व चैनलों के नाम बतायें।

14. 2014 के लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कितने प्रतिशत वोट मिले।

 
 
 
 

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