लखनऊ में पुलिस हिरासत में प्रमुख सचिव CM पर घूस मांगने का आरोप लगाने वाला अभिषेक गुप्ता

प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री शशि प्रकाश गोयल पर 25 लाख रुपया घूस लेने का आरोप लगाने वाले युवक अभिषेक कुमार गुप्ता को आज पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उसके खिलाफ कल भाजपा के नेता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।अभिषेक की बहन ने कहा कि मैं तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से पूछने आई हूँ कि एक नौजवान को घर से उठा लिया गया। यह कहाँ का न्याय है। उसने क्या गुनाह किया। कोई अपराधी है वो जिसे पुलिस उठाकर ले गई। हम तो आज सीएम से मिलेंगे। न्याय की मांग करेंगे। गाजीपुर और हजरतगंज पुलिस से संपर्क किया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। घर से पुलिस चार घंटा से लेकर कहां गई है, किसी को भी नहीं पता है। पुलिस कुछ नहीं बता रही। कल शाम से अचानक भाजपा के पदाधिकारी कहां से जाग गए कि यहां उनके नाम का दुरुपयोग हो रहा है। अभी तक कहाँ थे यह लोग।

एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि अभिषेक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव शशि प्रकाश गोयल की राज्यपाल से शिकायत करने वाले अभिषेक गुप्ता के खिलाफ भाजपा कार्यालय प्रभारी ने कल रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अभिषेक गुप्ता से पुलिस पूछताछ कर रही है। उसके खिलाफ भाजपा के नाम पर अधिकारियों को धमकाने के साथ ही धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 

लखनऊ के रहने वाले अभिषेक गुप्ता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव शशि प्रकाश गोयल पर 25 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। जिसके बाद कल रात को हजरतगंज थाने में भिषेक गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया था। 

मुख्यमंत्री के विशेष सचिव सुभ्रांत शुक्ला ने 28 मई को भाजपा के प्रदेश मुख्यालय को सूचित किया था कि इंदिरा नगर निवासी अभिषेक गुप्ता भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन और अन्य पदाधिकारियों के नाम लेकर अनुचित कार्य कराने का दबाव बना रहा है।

भाजपा के प्रदेश कार्यालय प्रभारी भारत दीक्षित ने इसे पार्टी की छवि धूमिल करने वाली कार्रवाई बताया। उन्होंने एसएसपी को पत्र लिखकर कहा है कि अभिषेक गुप्ता न तो भाजपा कार्यकर्ता है ना कार्यालय में कार्यरत है। भारत दीक्षित ने पार्टी पदाधिकारियों के नाम का दुरुपयोग करने वाले गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की थी।

अभिषेक गुप्ता ने हरदोई जिले की संडीला तहसील केरैसो गांव में पेट्रोल पंप की स्थापना के लिए मुख्य मार्ग की चौड़ाई कम होने के कारण आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की मांग की थी। उनका आवेदन नियमानुसार न होने के कारण खारिज कर दिया गया था। अभिषेक ने राज्यपाल से शिकायत की थी कि सीएम ऑफिस के अधिकारी ने उनसे 25 लाख रुपये की मांग की थी। रिश्वत न देने पर उनके प्रत्यावेदन पर निर्णय नहीं हो पाया है। राज्यपाल राम नाईक ने मामले में समुचित कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव एसपी गोयल पर 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगने वाले अभिषेक गुप्ता की गिरफ़्तारी पर एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि भाजपा प्रदेश कार्यालय प्रभारी भारत दीक्षित द्वारा एक तहरीर प्राप्त हुई इसमें लिखा गया है कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का नाम लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय में अधिकारियों पर दबाव बनाकर उन्हें अर्दब में लेकर काम कराने का दबाव बनाया जाता है। इससे पार्टी की छबि धूमिल हो रही है। इस शिकायत पर गुरुवार की देर रात्रि हजरतगंज कोतवाली में धारा 419, 420, 500आईपीसी के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। एसएसपी ने बताया कि शुक्रवार को पूर्वान्ह करीब 11 बजे के बाद गाजीपुर पुलिस ने धारा 161 सीआरपीसी के तहत पूछताछ के हिरासत में लिया है। पुलिस अभिषेक से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज कर रही है।

इस मामले में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव राजीव कुमार को अभिषेक गुप्ता के हरदोई स्थित पेट्रोल पंप की स्थापना संबंधी मामले की तथ्यात्मक जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल पर 25 लाख रुपए रिश्वत मांगने के आरोप का मामला। अभिषेक के परिवारीजन मुख्यमंत्री आवास पहुँचे। घरवालों का कहना है कि वो न्याय की मांग करने आए हैं। आवाज दबाने के लिए अभिषेक को पुलिस ने हिरासत में लिया। सीएम से मिलकर कार्रवाई की मांग करने पहुँचे है कालिदास मार्ग।

अभिषेक की बहन अल्पना ने कहा कि हम गाजीपुर थाना से सीधा सीएम के आवास पर इसलिए आए हैं कि हमको पता ही नहीं है कि हमारे भाई को पुलिस कहां लेकर गई है। उन्होंने कहा कि बिना किसी जांच के एक 22 वर्ष के मासूम नौजवान को उसके घर से पुलिस का उठा लेना तो संदेह पैदा करता है।

अभिषेक की बहन ने कहा कि मैं तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से पूछने आई हूँ कि एक नौजवान को घर से उठा लिया गया। यह कहाँ का न्याय है। उसने क्या गुनाह किया। कोई अपराधी है वो जिसे पुलिस उठाकर ले गई। हम तो आज सीएम से मिलेंगे। न्याय की मांग करेंगे। गाजीपुर और हजरतगंज पुलिस से संपर्क किया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। घर से पुलिस चार घंटा से लेकर कहां गई है, किसी को भी नहीं पता है। पुलिस कुछ नहीं बता रही। कल शाम से अचानक भाजपा के पदाधिकारी कहां से जाग गए कि यहां उनके नाम का दुरुपयोग हो रहा है। अभी तक कहाँ थे यह लोग।

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