लालू के घर पहुंच रहे विधायक, बोले- तेजस्वी को इस्तीफा देने की जरूरत नहीं…

बिहार में राजद और जेडीयू के गठबंधन की लगातार कमजोर होती दीवार के बीच लालू प्रसाद यादव के घर पर विधायक दल की बैठक शुरू हो गई है. बैठक में लालू यादव, बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के अलावा राजद के सभी आला नेता रहेंगे. इस बैठक में तेजस्वी यादव को लेकर कोई बड़ा फैसला हो सकता है. बैठक के लिए लालू के घर नेताओं का आना शुरू हो गया है.लालू के घर पहुंच रहे विधायक, बोले- तेजस्वी को इस्तीफा देने की जरूरत नहीं...चीनी मीडिया ने दी भारत को ये खुली बड़ी खतरनाक धमकी, जिसको सुनकर हिल गया पूरा भारत…

तेजस्वी को CM होना चाहिए

वहीं बैठक शुरू होने से पहले राजद विधायक अरुण यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव को इस्तीफा देने की कोई जरुरत नहीं है, उन्हें बिहार का मुख्यमंत्री होना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर किया था, उसी प्रकार हम चाहते हैं कि नरेंद्र मोदी भी भारत छोड़ें.

साफ है कि पिछले कुछ समय में तेजस्वी यादव के खिलाफ कई तरह के भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं. जिसके कारण उनपर इस्तीफा देने का दबाव है, इस मुद्दे पर अभी तक बिहार के सीएम नीतीश कुमार चुप्पी साधे हुए हैं. यही कारण है कि लालू इस बैठक में कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं.

वहीं बिहार सरकार में मंत्री विजय प्रकाश यादव ने कहा कि उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को इस्तीफा देने की जरुरत नहीं है. गठबंधन में कोई परेशानी नहीं है. इस्तीफा तो अमित शाह को देना चाहिए. उमा भारती को देना चाहिए. तेजस्वी यादव को इस्तीफा देने की कोई जरूरत नहीं है. नीतीश कुमार की चुप्पी पर विजय प्रकाश यादव का कहना है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है. गठबंधन को कुछ खतरा नहीं है. बिहार सरकार अच्छे से चलेगी.

नीतीश ने भी बुलाई बैठक

वहीं दूसरी तरफ, बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने मंगलवार को अपने विधायकों की बैठक बुलाई है. जिस तरीके से लालू के परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार ईडी और सीबीआई की कार्रवाई चल रही है, उस पर नीतीश कुमार ने चुप्पी साध रखी है. ऐसे में माना ये भी जा रहा है कि उनकी ये खामोशी किसी बड़े सियासी भूचाल की तरफ इशारा कर रही है.

हालांकि, अगर सोमवार को लालू यादव तेजस्वी को डिप्टी पद से हटाने पर फैसला कर लेते हैं, तो मुमकिन है नीतीश कुमार को कोई सख्त फैसला न लेना पड़े. जिसका नतीजा ये हो सकता है कि बिहार में महागठबंधन कायम रहने की उम्मीद बाकी रहेगी और नीतीश कुमार सत्ता का नेतृत्व करते रहेंगे.

डिप्टी सीएम के विकल्पों पर लगाए जा रहे कयासों से भी इस संभावना को बल मिलता नजर आता है. सूत्रों के मुताबिक लालू अपने बड़े बेटे और स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव को उप मुख्यमंत्री बनाने का फैसला ले सकते हैं. क्योंकि तेज प्रताप पर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं, ऐसी स्थिति किसी आगामी परेशानी से निपटने के लिए लालू आरजेडी कोटे से वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी को भी डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी सौंप सकते हैं.

इस सबके बीच नीतीश कुमार ने सोमवार को होने वाला अपना साप्ताहिक लोकसंवाद कार्यक्रम टाल दिया है. नीतीश ने खराब तबीयत का हवाला देते हुए ये कार्यक्रम रद्द किया है. हालांकि माना ये भी जा रहा है कि सोमवार को आरजेडी की बैठक होने के चलते नीतीश कुमार ने ये फैसला लिया और गेंद लालू के पाले में डाल दी.

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