बड़ी खबर: मॉर्निंग वॉक के दौरान लालू के इस करीबी नेता की सरेआम हुयी हत्या, गुस्से से आज बबूला हुए लोग

पटना/दानापुर : मॉर्निंग वॉक पर निकले दानापुर वार्ड नंबर 15 के पार्षद केदार सिंह यादव (51 वर्ष) की गुरुवार की सुबह में करीब 5.45 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गयी. केदार सिंह यादव को आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद का करीबी माना जाता था.  बड़ी खबर: मॉर्निंग वॉक के दौरान लालू के इस करीबी नेता की सरेआम हुयी हत्या, गुस्से से आज बबूला हुए लोग
हमलावर एक बाइक पर तीन की संख्या में थे. तीनों शूटर ने काफी करीब से दो गोली कनपट्टी में और दो गोली सीने में मार कर मौत के घाट उतार दिया. हमले के बाद तीनों नया टोला होते हुए बेली रोड की ओर फरार हो गये. घटना के बाद  राजा बाजार स्थित पारस अस्पताल में वार्ड पार्षद को भर्ती  कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया. घटना के बाद मृतक  के भाई पारस राय के बयान पर  21 लोगों पर नामजद मामला दर्ज कराया  गया है.
वहीं, पुलिस प्रेम रतन, राज रतन, प्रशांत व चुन्नु को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है. पुलिस का मनाना है कि हत्या के पीछे जमीन विवाद है. हत्या शूटरों को सुपारी देकर करायी गयी है. जल्द ही मामले का खुलासा किया जायेगा.  पुलिस अपराधियों की पहचान करने के लिए घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाल रही है.

गोली लगने के बाद महिला किरायेदार ने मचाया शोर

गोली चलनेकी आवाज सुन कर बगल के किरायेदार अमिता देवी ने हल्ला करते हुए कह रही थीं कि केदार बाबू को गोली मार देलई. जब वह अपने घर से दौड़ते हुए वहां पहुंची तो देखी कि जमीन पर वह गिरे हुए हैं और खून से लथपथ हैं.
मृतक की पत्नी व वार्ड नंबर 16 की पार्षद शोभा देवी ने बताया कि नगर पर्षद के चुनाव में मेरे पति को कई लोगों ने जान से मारने की धमकी दी थी. वहीं, शोभा देवी ने  बताया कि प्रत्येक दिन वह अपने घर के सामने ही मॉर्निंग वॉक करने जाते  थे.
गुरुवार की सुबह जब वह नहीं उठे, तो मैं उन्हें मॉर्निंग वॉक के लिए उठायी थी. इधर, मृतक के भाई पारस राय ने दर्ज प्राथमिकी में कहा है कि जमीन विवाद को लेकर उनके भाई केदार सिंह यादव को अपराधियों ने गोली मार कर हत्या की है. साथ ही उन्होंने कहा है कि जब विरोधी चुनाव में मेरे भाई को नहीं हरा सके, तो अब हत्या करवा दी.

केदार सिंह यादव पर भी दर्ज थे 17 आपराधिक मामले

गुरुवार की सुबह अपराधियों की गोली के शिकार हुए केदार सिंह यादव की हत्या के पीछे जमीन विवाद का मामला बताया जा रहा है. केदार का पिछले कई सालों से कुछ लोगों से जमीन का विवाद चल रहा था.
वहीं, पुलिस रिकाॅर्ड को देखें तो केदार खिलाफ भी दानापुर और शास्त्रीनगर थाने में आपराधिक मामले दर्ज हैं. अब तक 17 केस दर्ज होन की जानकारी मिली है. इनके खिलाफ चुनाव के दौरान पटना पुलिस ने सीसीए-3 का प्रस्ताव भी भेजा था. इसमें जमीन कब्जा और रंगदारी के मामले दर्ज हैं. केदार सिंह यादव आरजेडी से जुड़े हुए थे.
मॉर्निंग वॉक के दौरान पप्पू यादव के बाद केदार बने टारगेट नेता, अधिकारी व अन्य हाइ प्रोफाइल लोगों की हत्या के लिए शूटर मॉर्निंग वॉक के टाइम को चुन रहे हैं.
लोग सुबह जब टहलने निकल रहे हैं, तो पहले से घात लगाये शूटर अासानी से उन्हें मौत के घाट उतार दे रहे हैं. पटना में यह ट्रेंड बढ़ता जा रहा  है. मॉर्निंग वॉक के दौरान 5 मई, 2017 को फतुहा में प्याज व्यवसायी व  आरजेडी नेता पप्पू यादव की हत्या कर दी गयी थी. अब केदार सिंह यादव को मौत के  घाट उतार दिया गया है.

अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा : आशा

दानापुर. विधायक आशा सिन्हा ने कहा कि अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है. दिन-दहाड़े वार्ड पार्षद केदार सिंह यादव के घर के सामने अपराधियों गोली मार कर आराम से निकाल जा रहा है.पुलिस कारवाई के नाम पर केवला खानापूर्ति करने में जुटी है.
श्रीमती सिन्हा ने मृतक की पत्नी शोभा देवी व पुत्र डा सुजीत कुमार व भाई पारस राय को सांत्वना देते हुए कही. उन्होंने कहा कि हत्यारों की अविलंब गिरफ्तारी करने की मांग की है.
वही राजद नेता सह नगर पर्षद के उपाध्यक्ष राज किशोर यादव ने घटना की गहरी निंदा करते हुए कहा कि हत्यारों की अविलंब गिरफ्तारी करने की मांग की है.
इधर मृतक का अंतिम दाह संस्कार पीपा पुल घाट पर किया गया. मुखग्नि पुत्र डा सुजीत कुमार ने दिया.घटना के विरोध में लोगों ने दानापुर-बेली रोड मुख्य मार्ग के सगुना मोड़ पर प्रदर्शन किया.

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