लालू प्रसाद यादव ने नोटबंदी को लेकर पीएम मोदी से किए ये 22 सवाल

नोटबंदी को लेकर आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव मोदी सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं. नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने पर लालू यादव ने कहा कि नोटबंदी पूरी तरह फेल हो गई है. उन्होंने नोटबंदी पर सरकार से कई सवाल किए हैं. ये हैं नोटबंदी पर लालू यादव के पीएम मोदी से 22 सवाल.

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1- कितने लाख करोड़ का काला धन, इस कदम के कारण पकड़ा गया है?

2- नोटबंदी के कदम के बाद विदेशों से कितना काला धन देश में वापस आया है?

3- नोटबंदी से देश की गरीब जनता को ख़ासी तकलीफ़ हुई. क्या अब आप देशवासियों को निर्धारित समय सीमा दे सकते हैं जब तक उनके खातों में 15-15 लाख रुपये जमा हो जाएंगे? स्पष्ठ बताओ कब 15 लाख आयेगा?

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4- नोटबंदी के ठीक पहले के तीन महीनों में देश भर के बैंक खातों में जमा होने वाले पैसा अचानक बेवजह भारी उछाल देखा गया. जमा होने वाले ये तीन लाख करोड़ रुपये किसके थे और इनमें 25 लाख से अधिक जमा करने वाले लोग कौन थे? 

5- इससे अर्थव्यवस्था को कितने लाख करोड़ का सीधा-सीधा नुकसान हुआ है?

6- अर्थव्यवस्था का वृद्धि दर और विकास दर आपके इस कदम से कितना प्रतिशत घट जाएगा?

7- किसानों और गरीबों को बर्बाद करने में आपको कौन सा मानसिक सुख प्राप्त हुआ?

8- यह तो सर्वविदीत है कि विश्वभर में भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में नकारात्मक संदेश गया है. आने वाले धनराशि में कितनी गिरावट आने की संभावना है?

9- संगठित और असंगठित क्षेत्र से सरकारी अनुमान के अनुरूप कितने करोड़ मज़दूर और कामगार, स्थायी व अस्थायी रूप से रोज़गार से हाथ धो बैठे है और धो बैठेंगे?

10- कृषि क्षेत्र और गरीब किसानों के स्वावलंबन को लगे ज़ोरदार झटके से उबरने में कितना समय लग जाएगा? और इसके लिए सरकार की कोई योजना है?

11- नोटबंदी के कारण लघु, कुटीर, मध्यम व बड़े आकार के, हर क्षेत्र के उद्योगों का भारी नुकसान हुआ है. सबसे अधिक नुकसान किन उद्योगों का हुआ है और उन्हें वापस अपने पांवों पर खड़ा होने में कितना समय लगेगा? और इसके लिए सरकार की क्या योजना है?

12- काम व रोज़गार के अभाव में कितने करोड़ मज़दूर अपने गांवों को लौटने में विवश हुए? गांवों में इनके लिए रोज़गार के अवसर पैदा करने और लगातार दरकिनार किए मनरेगा में पुनः जान फूंकने में सरकार को कितना समय लगेगा?

13- प्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों लोग इस नोटबंदी की भेंट चढ़ चुके हैं. अप्रत्यक्ष रूप से लगभग कितने लोगों की इस कारण जान जाने का अनुमान है? पीड़ित परिवारों की मदद के लिए सरकार की क्या योजना है?

14- बैंकों में सरकारी अनुमान से कहीं ज्यादा जमा कर दिया गया. इस तरह से काले धन को सफेद कर लिए जाने का सरकार पूर्वानुमान क्यों नहीं लगा पाई?

15- कितने काले कारोबारी इस कदम के कारण पकड़े गए? उनसे कितने रकम की उगाही हो पायी?

16- नोटबंदी का कदम उठाने से पहले क्या अर्थशास्त्रियों से विचार विमर्श किया गया गया था? वे कौन कौन से अर्थशास्त्री थे? और उनकी इस संदर्भ में क्या राय थी?

17- नोटबंदी का कदम उठाने से पहले क्या सरकार ने सचमुच 6 महीनों तक तैयारी की थी? अगर हां, तो इस कदम के बाद हर समय सरकार असमंजस में क्यों दिखी? हर रोज़ नए नियम की ज़रूरत क्यों पड़ी?

18- अचानक नोटबंदी में सरकार द्वारा काला धन सफेद करने के लिए निकाली गई फिफ्टी-फिफ्टी योजना का कितने और किन किन भ्रष्ट लोगों ने लाभ उठाया? सरकार उनके नाम कब सार्वजनिक करेगी?

19- 2000 रुपये के बड़े नोट को जारी करने के पीछे सरकार की क्या मंशा थी?

20- जब लोगों को सीमित संख्या में ही 2000 रुपये के नोट वितरित हो रहे थे, इतनी बड़ी संख्या में करोड़ों के नए नोट कई लोगों के पास क्यों पकड़े गए? स्वाभाविक है इससे कई गुणा अधिक घोटालेबाज़ तो पकड़े ही नहीं गए होंगे.

21- जितने मूल्य के नोट नोटबंदी के कारण बेकार हो गए, उन्हें अर्थव्यवस्था में वापस डालने के लिए इन नोटों की छपाई का काम कब तक चलते रहने की उम्मीद है?

22- देश को बताओ कितने करोड़ के नकली नोट पकड़ाये गए या बचे? और नए नोट छापने का कुल खर्चा कितना होगा?

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