#बड़ी खबर: लालू और शरद ने रोका बिहार में भाजपा की जीत का रथ, लेकिन अहंकार क्या यह नहीं समझता

लखनऊ: अगर भाजपा को यह गलतफहमी है कि बिहार में वह नीतीश कुमार की वजह से हार गई थी, तो ऐसा नहीं है। बिहार में उसका रथ शरद यादव और लालू यादव ने रोका था और आगे भी बिहार में शरद यादव का महागठबंधन भाजपा को सफल नहीं होने देगा। ये बातें विख्यात चित्रकार डॉ. लाल रत्नाकर ने कही हैं।#बड़ी खबर: लालू और शरद ने रोका बिहार में भाजपा की जीत का रथ, लेकिन अहंकार यह नहीं समझता

डॉ. लाल रत्नाकर आगे लिखते हैं कि जिस नीतीश के सहारे भाजपा बिहार में अपना अभियान चलाना चाहती है, उसके बहुत सारे कारक हैं, जो उसके अभियान को सफल नहीं होने देंगे। अन्यथा वह नीतीश कुमार की सरकार न बनवाकर सीधे चुनाव में उनके साथ जाती।

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अगर उसने ऐसा नहीं किया है, तो उसको यह पता है कि उसको हराने में नीतीश कुमार का कोई रोल नहीं हो सकता। शरद यादव ने नीतीश को बिहार में जो जगह मुहैया कराई थी, वह अब नीतीश के बस का नहीं है और ना ही भाजपा के साथ रहने पर वह कभी इसकी परिकल्पना भी कर सकते हैं।

भाजपा दलितों-पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की विरोधी है और हमेशा वह सामाजिक न्याय के खिलाफ काम करती है। ब्राह्मणवाद को बढ़ावा देना उसका मुख्य उद्देश्य है। ऐसे में देश के पिछड़े और दलित वहां जाकर सामाजिक न्याय का विरोध करने का काम कर रहे हैं। भाषण देते हैं और अहंकार में चूर होते हैं, लेकिन उनका अहंकार क्या यह नहीं समझता या उन्हें समझ नहीं देता।

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भाजपा राष्ट्रवाद के नाम पर यह ब्राह्मणवाद का विस्तार करती हुई दिखाई दे रही है। क्या उन बहुजन नेताओं को यह दिखाई नहीं दे रहा है, जो भाजपा में ठहाके लगा रहे हैं। ये लोग सामाजिक न्याय के नाम पर कलंक हैं और अपने स्वार्थ में अंधा होकर भाजपा में बने हुए हैं।

बहुजन समाज उनकी इस कुत्सित नीति को समझ चुका है और आने वाले समय में खुलकर उनके विरोध में खड़ा होगा। क्योंकि अब यहां पर बहुजन समाज को यह संज्ञान हो गया है कि उसका वास्तविक हितैषी कौन है। उसके हक की लड़ाई कौन लड़ सकता है।

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