वर्णिका कुंडू छेड़छाड़ केसः 5 महीने बाद सुभाष बराला के बेटे को मिली जमानत

आईएएस की बेटी वर्णिका कुंडू से छेड़छाड़ मामले में आरोपी विकास बराला को आखिरकार जमानत मिल ही गई, वह पिछले 5 महीने से जेल में था। उस पर वर्णिका कुंडू से छेड़छाड़ करने और अपहरण करने की कोशिश के आरोप हैं। अब से पहले उसकी जमानत याचिका चार बार रद्द हो चुकी है।

अब वह 5 महीनों के बाद जेल से बाहर आएगा। विकास बराला हरियाणा बीजेपी के अध्यक्ष सुभाष बराला का बेटा है। मामले में​ विकास का दोस्त आशीष भी आरोपी है। दोनों के खिलाफ शराब के नशे में वर्णिका कुंडू का पीछा करने, छेड़छाड़ करने और अपहरण के प्रयास के आरोप में मामला दर्ज हुआ था।

वहीं मामले में अब तक वर्णिका कुंडू का क्रॉस एग्जामिनेशन हो चुका है। अगली सुनवाई 23 जनवरी को होगी। उस दिन वर्णिका के पिता और हरियाणा कैडर के आईएएस वीएस कुंडू के बयान दर्ज किए जाएंगे।

ये है पूरा मामला- आईएएस की बेटी का पीछा किया

4 अगस्त 2017 देर रात 12.15 बजे सीनियर आईएएस की बेटी वर्णिका कुंडू की कार का सेक्टर-7 पेट्रोल पंप से सफारी कार में विकास बराला और आशीष ने पीछा किया। इसी रात 12.40 बजे साहसी युवती की सूचना पाते ही पुलिस की पीसीआर ने मनीमाजरा हाउसिंग बोर्ड चौक से आरोपी युवकों को गिरफ्तार किया।

देर रात 1.20 बजे हरियाणा के आईएएस अधिकारी अपनी बेटी के साथ शिकायत करवाने के लिए सेक्टर-26 पुलिस थाने पहुंचे। यहां पुलिस ने शनिवार सुबह 4 बजे आरोपियों के खिलाफ कमजोर धाराओं के खिलाफ मामला दर्ज किया।

शनिवार(5 अगस्त) सुबह 10 बजे हरियाणा के भाजपा अध्यक्ष के बेटे और उसके दोस्त के खिलाफ मामला दर्ज होने की खबर राजनीतिक गलियारों और मीडिया तक पहुंची। इसी दौरान साहसी युवती ने भी अपबिती घटना की जानकारी फेसबुक पर डाली।

तीन बजे पीड़ित लड़की के मजिस्ट्रेट के सामने 164 के बयान दर्ज करवाए गए। शनिवार दोपहर 4.20 बजे बजे पुलिस ने कमजोर धाराओं के साथ आरोपी युवकों ने पंचकूला निवासी एवं भाजपा ने कृष्ण ढुल्ल की गारंटी पर जमानत दे दी।

रविवार (6 अगस्त) कमजोर धाराएं लगाने और थाने से आरोपियों को जमानत मिलने की खबर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई। लोगों ने भाजपा और आरोपी युवकों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। इसके बाद साहसी लड़की और उकने पिता भी खुलकर मीडिया के समक्ष आ गए और उन्होंने ने भी कमजोर धाराओं को लेकर सवाल उठाए।

पुलिस के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज गायब होने से पुलिस की किरकिरी बढ़ गई और हरियाणा के भाजपा अध्यक्ष पर विरोधी दलों ने इस्तीफे का दबाव बनाना शुरू कर दिया। चंडीगढ़ के साथ साथ हरियाणा में भी भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गए।

सोमवार (7 अगस्त) को चंडीगढ़ भाजपा के उपाध्यक्ष रामवीर भट्टी द्वारा लड़कियों पर दिए गए बयान पर लोगों का रोष और बढ़ गया। इसी दिन हरियाणा के पार्टी प्रभारी अनिल जैन ने ट्विटर पर कहा कि सुभाष बराला पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी और बराला अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे लेकिन रोष बढ़ने के बाद जैन को ट्विटर से यह पोस्ट हटाना पड़ा।

जब पुलिस की किरकिरी चार तरफ से होने लगी और उनकी कारगुजारी पर सवाल उठने लगे तो आखिरकार पुलिस के एसएसपी डा. ईश सिंघल को बचाव के लिए प्रैसवार्ता बुलानी पड़ी लेकिन मीडिया के सवालों से एसएसपी प्रैस कांफ्रेस में बीच में छोड़कर भाग गए। जिसके बाद पुलिस के खिलाफ लोगों का रोष और बढ़ गया।

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