विचित्र मगरमच्छ: ये मगरमच्छ मृत्यु के बाद भी अगले दिन जिन्दा हो जाता है

इस मगरमच्छ का नाम बबिआ है और ये मगरमच्छ मंदिर की रखवाली करता हैं। ‘बबिआ’ नाम के मगरमच्छ से फेमस इस मंदिर में यह भी मान्यता है कि जब इस झील में एक मगरमच्छ की मृत्यु होती है तो रहस्यमयी ढंग से दूसरा मगरमच्छ प्रकट हो जाता है।ये भी पढ़े: 23 हफ्तों में महिला ने दिया ऐसे बच्चे को जन्म, डॉक्टरों के भी था समझ नहीं आ रहा है

भारत में ऐसे कई स्थान हैं जहां की मान्यताओं के बारे में स्थानीय लोगों के अलावा और कोई नहीं जानता। ऐसी ही एक मान्यता की जानकारी आज हम आपको दे रहे हैं। अगर हम आपको कहें की एक मगरमच्छ ऐसा भी है जो शाकाहारी है तो शायद आप विश्वास नहीं करेंगे। जी हाँ, अब हम आपको ऐसे ही एक मगरमच्छ के बारें में बताएंगे जो सिर्फ प्रसाद खाता हैं। 

इस मगरमच्छ का नाम बबिआ है…

ये शाकाहारी मगरमच्छ भारत में ही मौजूद है। केरला के प्रसिद्ध मंदिर पद्मानाभस्वामी मंदिर के के बीच स्थित तालाब में रहता है। ये मंदिर भगवान विष्णु का हैं और ये मंदिर झील के बीच बना हुआ हैं। इस मगरमच्छ का नाम बबिआ है और ये मगरमच्छ मंदिर की रखवाली करता हैं। ‘बबिआ’ नाम के मगरमच्छ से फेमस इस मंदिर में यह भी मान्यता है कि जब इस झील में एक मगरमच्छ की मृत्यु होती है तो रहस्यमयी ढंग से दूसरा मगरमच्छ प्रकट हो जाता है।

स्थानीय लोगों की माने तो…

भगवान की पूजा के बाद भक्तों द्वारा चढ़ाया गया प्रसाद बबिआ को खिलाया जाता है। मंदिर में प्रसाद खिलाने की अनुमति सिर्फ मंदिर के पुजारियों को ही है। मगरमच्छ शाकाहारी है और वह झील के अन्य जीवों को नुकसान नहीं पहुंचाता है। यह मगरमच्छ अनंतपुर मंदिर की झील में करीब 60 सालों से रह रहा है। स्थानीय लोगों की माने तो, इस मगरमच्छ की 1945 में एक अंग्रेज ने गोली मारकर हत्या की थी, लेकिन दूसरे ही दिन ये मगरमच्छ फिर से वहां प्रकट हो गया था।

 

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