अभी-अभी: विराट कोहली की आपत्ति के चलते अब अनिल कुंबले ने लिया ये बड़ा फैसला…

भारतीय क्रिकेट टीम के नए कोच के आवेदन की अंतिम तारीख बुधवार (31 मई) को खत्म हो गई। मौजूदा कोच  अनिल कुंबले को आवेदन किए बगैर संभावित कोचों में रखा गया है लेकिन इस बात की कम संभावना दिख रही है कि उनका एक साल का कार्यकाल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा बढ़ाया जाएगा। कुंबले का कार्यकाल न बढ़ाए जाने की एक प्रमुख वजह भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा कप्तान विराट कोहली की उनसे अनबन बताई जा रही है।अभी-अभी: विराट कोहली की आपत्ति के चलते अब अनिल कुंबले ने लिया ये बड़ा फैसला...यह भी पढ़े:> जानिए… चोली के पीछे छिपे इन खास अंगों का पूरा सच और ये अनोखी बात…

सूत्रों के अनुसार बीसीसीआई और सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (सीओए) द्वारा दोनों के बीच सुलह कराने की सारी कोशिशें विफल हो चुकी हैं। इस सुलह से जुड़े रहे लोगों के अनुसार भारतीय टीम के कोच कुंबले और कप्तान कोहली के बीच मतभेद काफी पुराने हैं और “शायद कभी न सुलझने” के स्तर तक पहुंच चुके हैं।

भारतीय क्रिकेट टीम का नया कोच बनने वाले संभावित उम्मीदवारों के नाम भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्टार क्रिकेट खिलाड़ियों सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की स्क्रीनिंग कमेटी इस महीने के अंत तक छांटेगी। गुरुवार ( एक जून) से इंग्लैंड में शुरू हो रही चैंपियंस ट्रॉफी में भारत अपना पहला मैच रविवार (चार जून) को पाकिस्तान से खेलेगा। बहुत संभव है कि कुंबले का भारतीय टीम के साथ ये आखिरी दौरा हो।

कुंबले और कोहली के बीच विवाद पिछले साल नवंबर में इंग्लैंड के दौरे के समय शुरू हुआ था। एक अधिकारी ने बताया कि विराट के अलावा कई दूसरे खिलाड़ी भी कुंबले के रवैये से असंतुष्ट बताए गए। अधिकारी ने कहा, “जब कप्तान ही असंतुष्ट हो तो बाकी सबके पास कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं रह जाता।” बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, “अगर कोई चमत्कार होता है तभी कुंबले बने रहेंगे।” सीओए के एक सदस्य ने कहा, “अगर कोहली की बात मान ली गई तो बीसीसीआई एक बुरी नजीर स्थापित करेगा। कोहली बिगड़ैल बच्चे की तरह बरताव कर रहे हैं। कुंबले ने बहुत अच्छे परिणाम दिए हैं। स्क्रीनिंग कमेटी को फैसला लेते समय इसे ध्या में रखना चाहिए।”

हाल ही में कुंबले ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त सीओए और बीसीसीआई के सामने स्पेशल प्रजेंटेशन दिया जिसमें खिलाड़ियों और कोचों की तनख्वाह बढ़ाने का सुझाव दिया गया था। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि कुंबले  के कोच पद पर बने रहने से इसका कोई संबंध नहीं है। अधिकारी ने कहा, “कोहली के नेतृत्व में खिलाड़ी चाहते हैं कि कुंबले के रवैये पर उनकी सुनी जाए।”

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