विराट को इसलिए टीम से किया गया था बाहर, इस खिलाड़ी की मदद से कर पाए वापसी

विराट कोहली के स्टार क्रिकेटर बनने की कहानी काफी प्रेरणादायी है। कम परिपक्व युवा से रन मशीन बनना और फिर टीम इंडिया का कप्तान बनना, कोहली की कहानी के किस्से बेहद शानदार है। दिग्गज बल्लेबाज बनने की उनकी कहानी आसान नहीं है। जब वो टीम इंडिया में आये, तब से अगले कुछ सालों तक उनका सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा।  विराट को इसलिए टीम से किया गया था बाहर, इस खिलाड़ी की मदद से कर पाए वापसी

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देश को अंडर-19 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी दिलाने के छह महीनों के भीतर कोहली इंटरनेशनल क्रिकेटर बने। हालांकि, शुरुआती समय में उन्हें ज्यादातर बेंच पर बैठना पड़ा क्योंकि टीम में स्थानों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा थी। 

फिर कोहली को इंग्लैंड के खिलाफ 2008 में वन-डे सीरीज के दौरान शामिल किया गया। उन्हें टीम प्रबंधन ने कहा कि सीरीज के अंतिम दो मैचों में खेलने का मौका दिया जाएगा। दुर्भाग्यवश मुंबई में आतंकी हमले की वजह से दौरा रद्द करना पड़ा और युवा कोहली को खेलने का मौका नहीं मिला। उन्हें टीम से भी बाहर कर दिया गया, जिसे कोहली अपने शानदार करियर का सबसे निराशाजनक समय मानते हैं। 

हालांकि, राजदीप सरदेसाई ने अपनी किताब ‘डेमोक्रेसी XI’ में खुलासा किया है कि कोहली को किस वजह से टीम से बाहर किया गया। किताब में एक पूर्व सिलेक्टर के मुताबिक कोहली को उनकी छवि की वजह से टीम से बाहर किया गया था। उनके मुताबिक, ‘हमें जहां तक याद है कि दक्षिण अफ्रीका में 2009 में हुए आईपीएल के दौरान कोहली बहुत शराब पीते थे और वो क्रिकेट से ज्यादा अपनी हेयरस्टाइल व टैटू पर ध्यान देते थे।’ 

हालांकि, विराट कोहली ने इसे अफवाह करार दिया और कड़ी मेहनत करके टीम में वापसी की। विराट को तब स्टार क्रिकेटर युवराज सिंह का साथ मिला। युवी ने कोहली का हौसला बढ़ाया और उन्हें एक महत्वपूर्ण सलाह दी, जिसका नतीजा आज सबके सामने हैं। कोहली अब टीम इंडिया के पोस्टर बॉय होने के साथ-साथ दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों की सूची में शामिल हैं। 

28 वर्षीय कोहली को युवी ने कहा, ‘अगर तुम्हें शीर्ष-स्तरीय खिलाड़ी बनना है तो मेरी नकल मत करो, सचिन तेंदुलकरको अपना आदर्श बनाओ। उनके जैसे अनुशासन रखो और मेरी तरह चिंतामुक्त होना छोड़ो।’ यह किस्सा सरदेसाई ने अपनी किताब में लिखा है। अब विराट कोहली युवाओं के आदर्श हैं। उन्होंने इतनी कम उम्र में कई रिकॉर्ड तोड़े हैं। कप्तान के रूप में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। व् एक भी वन-डे सीरीज में नहीं हारे हैं।

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