विश्वास का केस लड़ने पर भड़की ‘AAP’, लीगल सेल के महासचिव अमित यादव को पद से हटाया    

 आम आदमी पार्टी (आप) में उठापटक जारी है। ‘आप’ ने लीगल सेल के महासचिव अमित यादव को पद से हटा दिया है, क्योंकि वह पार्टी के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास के केस की सुनवाई में बतौर उनके वकील उपस्थित हुए थे। कुमार विश्वास पर आम आदमी पार्टी के चुनाव प्रचार से संबंधित कई केस लंबित हैं, जिनमें से एक में 24 अप्रैल को वह बरी हो गए। विश्वास का केस लड़ने पर भड़की 'AAP', लीगल सेल के महासचिव अमित यादव को पद से हटाया    

पोस्टर लगाने का केस

इस केस में पार्टी की तरफ से कोई वकील उपलब्ध न कराए जाने पर विश्वास ने निजी स्तर पर अधिवक्ता अमित यादव को पैरवी के लिए नियुक्त किया था। केस जीतने के बाद विश्वास ने ट्वीट भी किया था कि मैं निजी वकील कर केस लड़ रहा हूं और एक केस में बरी हुआ हूं। ऐसे दर्जनों राजनीतिक केस मेरे ऊपर हैं और यह लड़ाई जारी रहेगी।

कानूनी मदद देने से इन्कार 

अरुण जेटली मानहानि मुकदमे में कुमार विश्वास अकेले अभियुक्त बचे हैं। अरविंद केजरीवाल समेत अन्य ने जेटली से माफी मांग ली है। इसके अलावा दिल्ली एवं अमेठी में ‘आप’ के लिए चुनाव प्रचार समेत कई मुकदमे विश्वास लड़ रहे हैं। पिछले दिनों पार्टी में कद घटाए जाने के क्रम में पार्टी ने उन्हें किसी भी तरह की कानूनी मदद देने से मना कर दिया है। इसका जिक्र विश्वास ने अपने ट्वीट में किया था।

निजी स्तर पर अमित ने किया था संपर्क

विश्वास के करीबी सूत्रों का कहना है कि इस तरह से पार्टी द्वारा पल्ला झाड़ लेने के बाद अधिवक्ता अमित यादव समेत कई वकीलों ने निजी स्तर पर विश्वास के मुकदमे लड़ने के लिए संपर्क किया था। उन्होंने दो मामलों में अमित यादव को अपना वकील नियुक्त किया है, जिसमें जेटली का मानहानि मुकदमा भी शामिल है।

महासचिव पद से छुट्टी

सूत्रों के अनुसार जब से अमित यादव ने निजी स्तर पर विश्वास की पैरवी करने की हामी भरी, तब से पार्टी के वरिष्ठ अधिकारियों और वकीलों के सुर अमित यादव के प्रति बदले हुए नजर आ रहे थे और कई मौकों पर उन्हें यह संकेत दिया गया था कि यदि वह विश्वास का केस लड़ेंगे तो उन्हें भी पार्टी की तरफ से दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। शुक्रवार को ‘आप’ ने अमित यादव को पार्टी के लीगल सेल के महासचिव पद से हटा दिया।

पार्टी के फैसले का स्वागत

अमित यादव ने कहा कि वह अन्ना आंदोलन से केजरीवाल के साथ जुड़े थे। दो साल पहले उन्हें पार्टी में लीगल सेल में सचिव बनाया गया था। एक साल पहले महासचिव बनाया गया। कुछ समय से वह कुमार विश्वास के साथ व्यावसायिक तौर पर जुड़े थे।

फोन पर हुई हटाने की बात

अमित ने बताया कि शुक्रवार दोपहर को पार्टी लीगल सेल के संयोजक मदनलाल ने फोन कर कहा कि क्या आप अब भी कुमार विश्वास का केस लड़ते रहेंगे। मैंने हां कहा। इस पर उन्होंने कहा कि आप इस्तीफा देंगे, मैंने कहा कि ठीक है मैं दे देता हूं। मगर उन्होंने कहा कि मैं ही आप को हटा देता हूं। इसके बाद उन्होंने मुझे हटा दिया। 

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