वीरभद्र सिंह ने कहा: आय से अधिक संपत्ति केस में पटियाला कोर्ट से मिली जमानत

आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी को जमानत मिल गई है. पटियाला कोर्ट में सुनवाई के बाद वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी को जमानत मिल गई है. वीरभद्र सिंह को एक लाख का निजी मुचलका और पासपोर्ट जमा करने का पटियाला कोर्ट ने आदेश दिया. वीरभद्र सिंह ने कहा: आय से अधिक संपत्ति केस में पटियाला कोर्ट से मिली जमानतयह भी पढ़े: योगी सरकार ने नौकरी देने का वादा किया, कब पूरा होगा ये इंतजार पढ़ें ये खबर

हालांकि सोमवार को हुई सुनवाई में सीबीआई ने कोर्ट मे उनकी जमानत का विरोध किया था. सीबीआई ने कोर्ट मे तर्क दिया कि वे आय के ग्यात स्रोतों से अधिक संपत्ति मामले की चल रही जांच और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं. लोक अभियोजक ने कहा कि सिंह राज्य के राजा हैं और यदि उनकी जमानत याचिका मंजूर की जाती है तो फिर कोई भी व्यक्ति उनके खिलाफ गवाही देने के लिये अदालत में आने की हिम्मत नहीं करेगा. सीबीआई ने कहा, आरोपी मुख्यमंत्री है.

वीरभद्र सिंह और अन्य आरोपियों ने अपनी जमानत याचिका में कहा है कि जांच पहले ही पूरी हो चुकी है क्योंकि सीबीआई आरोप पत्र दायर कर चुकी है. याचिकाओं में कहा गया है, एजेंसी ने जांच जारी रहने के दौरान इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया. यदि जमानत पर रिहा किया जाता है तो इस बात की कोई गुंजाइश नहीं है कि आरोपी गवाहों को प्रभावित करेंगे या जांच बाधित करेंगे क्योंकि इस प्रकार का कोई आरोप नहीं है कि उन्होंने इस मामले में पहले कभी ऐसा किया हो.

वीरभद्र और आठ अन्य लोगों के खिलाफ कथित अपराध के लिए भ्रष्टाचार रोकथाम कानून और आईपीसी की धारा 109 (उकसाने) और 465 (जालसाजी के लिए सजा) के तहत दायर अंतिम रिपोर्ट में 225 गवाहों और 442 दस्तावेजों को रखा गया है. कांग्रेस नेता और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह के अलावा रिपोर्ट में चुन्नी लाल चौहान, जोगिंदर सिंह घल्टा, प्रेम राज, वकामुल्ला चंद्रशेखर, लवन कुमार रोच और राम प्रकाश भाटिया को आरोपी बनाया गया. इस मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी. अगली तारीख से इस मामले मे वीरभद्र पर आय से अधिक संपत्ति के मामले मे ट्रायल चलेगा.

वीरभद्र सिंह के खिलाफ सीबीआई ने सितंम्बर 2015 में आय से अधिक संम्पत्ति और भ्रष्टाचार के मामले में केस दर्ज किया था.

इससे पहले हिमाचल हाई कोर्ट ने एक अक्टूबर 2015 को अपने अंतरिम आदेश में सिंह की गिरफ्तारी, पूछताछ करने और चार्ज शीट दायर करने पर रोक लगा दी थी. उस आदेश में कहा गया था कि ऐसा करने के लिए एजेंसी को कोर्ट की इजाज़त लेनी होगी. बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केस को दिल्ली हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया और हाई कोर्ट से आए इस आदेश के कुछ धंटें बाद ही सीबीआई ने इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट मे वीरभद्र सिंह के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी.

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