शख्स 23 साल से खोद रहा था घर की जमीन और देखा तो..

कई बार लोग ऐसे-ऐसे काम कर जाते हैं जिसके बारे में सुनकर हम भी हैरत में पड़ जाते हैं. बहुत बार ये काम उम्दा भी होते हैं और कई बार फ़िज़ूल भी लगते हैं. आज हम ऐसे ही काम के बारे में बात कर रहे हैं जिसे एक शख्स ने किया है और ऐसा काम किया है पूरी दुनिया उसे याद रखेगी. आइये जानते हैं कौन है वो शख्स और क्या कारनामा किया है.असल में लेवोन अराकेलीन की पत्नी तोशिया ने पति से कहा था कि आलू को स्टोर करके रखने के लिए एक गड्डा खोदे. इतना ही था की लेवोन उस गड्ढे को हर रोज़ 23 साल तक खोदते रहे और खोदते-खोदते उन्होंने एक मंदिर का निर्माण कर दिया. ये मंदिर इतना प्रसिद्द हो गया कि इसे देखने दूर-दूर से लोग आते हैं.  लेवोन हर रोज़ 18 घंटे इस मंदिर को देते थे और खोदा करते थे और हथौड़ी, छैनी की मदद से मंदिर को बना दिया. आपको बता दें, यह अद्भुत भूमिगत मंदिर 280 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और 20 मीटर अंदर तक खोदकर बनाया गया है जिसमें 7 कमरे भी शामिल हैं. यानी इस मंदिर को लेवोन ने अपने हाथों से ही बनाया और उसकी मूर्तियों को पत्थर की मदद से बनाया है जो बेहद ही शानदार और खूबसूरत है.

दरअसल, आर्मेनिया गांव में रहने वाले शख्स लेवोन अराकेलीन ने अपने घर के नीचे ही एक मंदिर बना डाला. जिसे देखकर आप भी हैरान रह जायेंगे. मंदिर बनाने के पीछे कारण भी अजीब है.

असल में लेवोन अराकेलीन की पत्नी तोशिया ने पति से कहा था कि आलू को स्टोर करके रखने के लिए एक गड्डा खोदे. इतना ही था की लेवोन उस गड्ढे को हर रोज़ 23 साल तक खोदते रहे और खोदते-खोदते उन्होंने एक मंदिर का निर्माण कर दिया. ये मंदिर इतना प्रसिद्द हो गया कि इसे देखने दूर-दूर से लोग आते हैं.

वोन हर रोज़ 18 घंटे इस मंदिर को देते थे और खोदा करते थे और हथौड़ी, छैनी की मदद से मंदिर को बना दिया. आपको बता दें, यह अद्भुत भूमिगत मंदिर 280 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और 20 मीटर अंदर तक खोदकर बनाया गया है जिसमें 7 कमरे भी शामिल हैं. यानी इस मंदिर को लेवोन ने अपने हाथों से ही बनाया और उसकी मूर्तियों को पत्थर की मदद से बनाया है जो बेहद ही शानदार और खूबसूरत है.

 

You May Also Like

English News