शत्रु-सिन्हा दोनों पहुंचे डीएमके के करीब

कल शुक्रवार को बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन से मिले. इस दौरान दोनों नेताओं ने डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि से भी मुलाकात की. ये दोनों अन्य डालो के नेताओ से भी लगातार मुलाकात कर रहे है. बातचीत की फोटो ट्वीट करते हुए स्टालिन ने लिखा, ‘मौजूदा राजनीतिक माहौल में इन दोनों नेताओं से सकारात्मक मुलाकात हुई, शुक्रगुजार हूं इनका क्योंकि दोनों नेताओं को करुणानिधि की सेहत के बारे में पता किया.’ कल शुक्रवार को बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन से मिले. इस दौरान दोनों नेताओं ने डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि से भी मुलाकात की. ये दोनों अन्य डालो के नेताओ से भी लगातार मुलाकात कर रहे है. बातचीत की फोटो ट्वीट करते हुए स्टालिन ने लिखा, 'मौजूदा राजनीतिक माहौल में इन दोनों नेताओं से सकारात्मक मुलाकात हुई, शुक्रगुजार हूं इनका क्योंकि दोनों नेताओं को करुणानिधि की सेहत के बारे में पता किया.'    बीजेपी से बगावत कर चुके दोनों नेता टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से भी संपर्क में है. शत्रुघ्न सिन्हा जहां बीजेपी में अपने बगावती सुर के लिए जाने जाते हैं, वहीं यशवंत सिन्हा बीती 21 अप्रैल को बीजेपी छोड़ चुके हैं. स्टालिन से कुछ दिनों पहले टीआरएस प्रमुख और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखऱ राव ने भी मुलाकात की थी.  बीजेपी पर हमला करने के दौरान कई बार यशवंत सिन्हा गैर बीजेपी और गैर कांग्रेसी दलों को बाहर से समर्थन करने की बात करते आए हैं. हालांकि पार्टी से छोड़ने के बाद उन्होंने किसी भी दल में शामिल न होने की बात जरूर कही थी. शत्रुघ्न सिन्हा का रुख भी बीजेपी के लिए हमलावर ही रहा है. पिछलों दिनों शत्रुघ्न अरविंद केजरीवाल से लेकर तेजस्वी यादव तक की तारीफ भी कर चुके हैं. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि एक-दूसरे के  विरोधी रहे दलों को साथ लाने में यह दोनों नेता एक पुल का काम कर सकते हैं. साडी तैयारियां 2019 में बीजेपी को घेरने के लिए की जा रही है.

बीजेपी से बगावत कर चुके दोनों नेता टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से भी संपर्क में है. शत्रुघ्न सिन्हा जहां बीजेपी में अपने बगावती सुर के लिए जाने जाते हैं, वहीं यशवंत सिन्हा बीती 21 अप्रैल को बीजेपी छोड़ चुके हैं. स्टालिन से कुछ दिनों पहले टीआरएस प्रमुख और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखऱ राव ने भी मुलाकात की थी.

बीजेपी पर हमला करने के दौरान कई बार यशवंत सिन्हा गैर बीजेपी और गैर कांग्रेसी दलों को बाहर से समर्थन करने की बात करते आए हैं. हालांकि पार्टी से छोड़ने के बाद उन्होंने किसी भी दल में शामिल न होने की बात जरूर कही थी. शत्रुघ्न सिन्हा का रुख भी बीजेपी के लिए हमलावर ही रहा है. पिछलों दिनों शत्रुघ्न अरविंद केजरीवाल से लेकर तेजस्वी यादव तक की तारीफ भी कर चुके हैं. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि एक-दूसरे के  विरोधी रहे दलों को साथ लाने में यह दोनों नेता एक पुल का काम कर सकते हैं. साडी तैयारियां 2019 में बीजेपी को घेरने के लिए की जा रही है.

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