शपथ लेने के बाद 24 घंटों में साबित कर दूंगा बहुमत- कुमारस्वामी

कर्नाटक चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतने के बाद भी भाजपा सरकार बनाने में नाकाम रही, वहीं कांग्रेस ने जेडीएस की कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाने की मांग को स्वीकार करते हुए उससे हाथ मिला लिया. अब कांग्रेस-जदएस गठबंधन के नेता एचडी कुमारस्वामी कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री होंगे, उनको 23 मई को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी. राज्यपाल वजुभाई वाला ने उनको बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया है.कर्नाटक चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतने के बाद भी भाजपा सरकार बनाने में नाकाम रही, वहीं कांग्रेस ने जेडीएस की कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाने की मांग को स्वीकार करते हुए उससे हाथ मिला लिया. अब कांग्रेस-जदएस गठबंधन के नेता एचडी कुमारस्वामी कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री होंगे, उनको 23 मई को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी. राज्यपाल वजुभाई वाला ने उनको बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया है.    इस पर पूर्व मुख्यमंत्री एच डी देवेगौडा के बेटे कुमारस्वामी ने कहा है कि वे दिल्ली जा रहे हैं सोनिया गाँधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी से मुलाकात करने के लिए, उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के 24 घंटे के अंदर बहुमत साबित करने का दावा भी किया है. इससे पहले करीब 20 मिनट तक उन्होंने भावुक भाषण दिया, इसमें उन्होंने कर्नाटक के विकास के लिए पूरी जिंदगी काम करने का वादा किया और यह भरोसा भी जताया कि अगले चुनाव में भाजपा 150 का आंकड़ा हासिल करेगी.    वहीं दूसरी तरफ बहुमत नहीं जुटा पाने की बेचैनी दोपहर बाद भाजपा खेमे में दिखने लगी थी, अस्थायी अध्यक्ष द्वारा सभी विधायकों को शपथ दिलाने और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक चार बजे शक्ति परीक्षण के पहले येद्दयुरप्पा ने अपना भाषण शुरू किया. उन्होंने जिस तरह से कर्नाटक में किसानों की आत्महत्या, पानी की समस्या और विकास की बात शुरू की और इसके लिए पूरी जिंदगी लड़ने का एलान किया, उससे साफ हो गया कि बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने में वे विफल रहे हैं, इसके बाद उन्होंने राजभवन जाकर त्यागपत्र दे दिया.

इस पर पूर्व मुख्यमंत्री एच डी देवेगौडा के बेटे कुमारस्वामी ने कहा है कि वे दिल्ली जा रहे हैं सोनिया गाँधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी से मुलाकात करने के लिए, उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के 24 घंटे के अंदर बहुमत साबित करने का दावा भी किया है. इससे पहले करीब 20 मिनट तक उन्होंने भावुक भाषण दिया, इसमें उन्होंने कर्नाटक के विकास के लिए पूरी जिंदगी काम करने का वाद किया और यह भरोसा भी जताया कि अगले चुनाव में भाजपा 150 का आंकड़ा हासिल करेगी.

वहीं दूसरी तरफ बहुमत नहीं जुटा पाने की बेचैनी दोपहर बाद भाजपा खेमे में दिखने लगी थी, अस्थायी अध्यक्ष द्वारा सभी विधायकों को शपथ दिलाने और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक चार बजे शक्ति परीक्षण के पहले येद्दयुरप्पा ने अपना भाषण शुरू किया. उन्होंने जिस तरह से कर्नाटक में किसानों की आत्महत्या, पानी की समस्या और विकास की बात शुरू की और इसके लिए पूरी जिंदगी लड़ने का एलान किया, उससे साफ हो गया कि बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने में वे विफल रहे हैं, इसके बाद उन्होंने राजभवन जाकर त्यागपत्र दे दिया.

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