शिक्षामित्रों के प्रदर्शन में अन्ना हजारे ने दिया बड़ा बयान, कहा- अगर न्याय न मिला तो देशव्यापी का होगा आंदोलन.

शिक्षामित्रों ने शुक्रवार को भी शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन जारी रखा। नतीजा ढाई सौ से ज्यादा प्राथमिक विद्यालयों में ताले पड़ गए। इस बीच, दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ ने दावा किया है कि समाजसेवी अन्ना हजारे ने आंदोलन में उनका सहयोग करने का आश्वासन दिया है।शिक्षामित्रों के प्रदर्शन में अन्ना हजारे ने दिया बड़ा बयान, कहा- अगर न्याय न मिला तो देशव्यापी का होगा आंदोलन.अब राहुल गांधी शनिवार को जायेंगे गोरखपुर,पीडि़त परिवारों से करेंगे मुलाकात!

संघ के अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि उनके प्रतिनिधि मंडल ने महाराष्ट्र में रालेगढ़ सिद्धी पहुंचकर अन्ना हजारे को शिक्षा मित्रों की स्थिति के बारे में जानकारी दी। अन्ना ने शिक्षा मित्रों से सहानुभूति दिखाते हुए केंद्र व राज्य सरकार से उचित निर्णय लेने की अपील की है।

उन्होंने शिक्षामित्रों को न्याय न मिलने पर देशव्यापी आंदोलन की बात कही है। संयुक्त सक्रिय शिक्षक शिक्षामित्र संघ के संरक्षक दुष्यंत चौहान ने कहा कि अब सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही वार्ता की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट से समायोजन रद्द होने के बाद शिक्षामित्रों के दूसरे चरण के आंदोलन के तीसरे दिन  कई स्कूलों में शिक्षामित्र पढ़ाने के लिए नहीं पहुंचे। बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़े के मुताबिक करीब 250 स्कूलों में पढ़ाई बंद हो गई है जबकि तमाम स्कूलों में एक ही शिक्षक बचा है।

उधर आगरा में डायट परिसर में क्रमिक अनशन पर बैठी शिक्षामित्र खेरागढ़ ब्लाक में तैनात रेनूबाला शाम को बेहोश हो गई। इसके बाद एसएन मेडिकल कॉलेज में शिक्षामित्रों और डॉक्टरों के बीच झड़प भी हुई। वहीं संभल में शिक्षामित्रों ने जुलूस निकालकर राज्यमंत्री गुलाब देवी के आवास का घेराव किया और ज्ञापन सौंपा। राज्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हुए शीघ्र ही सरकार कोई ठोस निर्णय लेगी।

घायल शिक्षामित्र की जिला अस्पताल में मौत, रोड जामकर प्रदर्शन

बहराइच जिला मुख्यालय पर आयोजित धरना प्रदर्शन से घर लौट रहा शिक्षामित्र देर शाम लखनऊ-बहराइच मार्ग पर घायल हो गया। उसे लहूलुहान हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन यहां इलाज शुरू होते ही उसने दम तोड़ दिया।

सूचना पर पहुंचे परिवारीजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा कर तोड़ फोड़ की। वहीं मृतक शिक्षामित्र के साथियों ने स्ट्रेचर पर उसके शव को बौद्ध परिपथ पर रखकर जाम लगा दिया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं लेकिन प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है।

जरवलरोड थाना अंतर्गत दिकौली गांव निवासी विमल कुमार दीक्षित (35) समायोजित सहायक अध्यापक के पद पर प्राथमिक विद्यालय लौलौ पुर विशेश्वरगंज में तैनात थे। समायोजन बहाली के लिए जिला मुख्यालय पर चल रहे धरना-प्रदर्शन में वह शुक्रवार को शामिल होने आए थे। यहां पर प्रदर्शन खत्म होने के बाद विमल देर शाम को बाइक से घर लौट रहे थे। तभी लखनऊ-बहराइच मार्ग पर फखरपुर थाना अंतर्गत बैदौरा चौराहे के निकट उन्हें तेज रफ्तार बोलेरो ने टक्कर मार दी।

लहूलुहान हालत में उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। यहां पर इलाज शुरू होते ही विमल की मौत हो गई। इस पर परिवारीजनों ने इलाज में लापरवाही की बात कहते हुए जमकर हंगामा किया। फर्नीचर उलट दिए। पहुंचे शिक्षामित्रों ने विमल के शव को स्ट्रेचर समेत बौद्ध परिपथ पर रखकर जाम लगा दिया है। एएसपी कमलेश दीक्षित, सिटी मजिस्ट्रेट प्रमिल कुमार सिंह पहुंचे हैं। लेकिन परिवारीजन व शिक्षामित्र दोषी चिकित्सक पर कार्रवाई और 50 लाख मुआवजे के साथ आश्रित को नौकरी की मांग कर रहे हैं।

शिक्षामित्र दूसरे भी सत्याग्रह पर अड़े, बच्चों को पढ़ाने नहीं पहुंचे स्कूल
समायोजन की मांग को लेकर आंदोलित अंबेडकरनगर के करीब दो हजार शिक्षामित्र लगातार दूसरे दिन सत्याग्रह पर डटे रहे। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के निकट बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन किया। कहा कि उनके समायोजन के संबंध में सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया गया तो 21 अगस्त से विधानभवन घेरने के लिए लखनऊ में कूंच करेंगे।

शिक्षक पद से हटाए जाने के बाद से आंदोलनरत शिक्षामित्रों के तीनों संगठनों ने गत गुरुवार से कलेक्ट्रेट के निकट सत्याग्रह शुरू कर दिया। इसके साथ ही स्कूलों में बढ़ाना बंद कर दिया। शुक्रवार को दूसरे दिन भी कार्य से विरत रहते हुए बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन किया।

उत्तर प्रदेश शिक्षामित्र शिक्षक कल्याण समिति के रामचंदर मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार की हठधर्मिता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के अनिल विश्वकर्मा ने कहा कि 14 वर्ष तक सेवा करने वाले शिक्षामित्रों को अपना भविष्य अब अंधकार दिख रहा है। सरकार को समायोजन के बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए। ऐसा होने तक आंदोलन चलता रहेगा।

एक भी स्कूल में पढ़ाई शुरू न करा सका प्रशासन
रायबरेली में शिक्षामित्रों की हड़ताल से सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था बेपटरी हो गई है। शिक्षामित्रों के स्थान पर दूसरे शिक्षकों की तैनाती करके पठन-पाठन का कार्य कराने के अफसरों का दावा पूरी तरह से खोखला साबित हो गया। एक भी स्कूल में पढ़ाई न शुरू हो सकी।

नतीजतन बच्चे थोड़ी दे मौज-मस्ती कर घरों को लौट गए। हड़ताल से प्रभावित 200 स्कूलों में पढ़ाई शुरू करवाने के लिए 2200 शिक्षकों की जरूरत है। ऐसे में शिक्षकों की कमी को दूर कर पाना शिक्षा विभाग के अफसरों के लिए आसान नहीं दिख रहा है।

जिले में 2600 सरकारी स्कूल संचालित हैं, जिसमें ढाई लाख से ज्यादा बच्चे शिक्षाग्रहण कर रहे हैं। शिक्षामित्रों की हड़ताल से एक बार भी पढ़ाई व्यवस्था चौपट हो गई है। वैसे तो वैसे तो हर स्कूल में पठन-पाठन का कार्य प्रभावित रहा, लेकिन 200 एकल स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह से चौपट रही। नतीजतन ये 200 एकल स्कूल संचालित हैं।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार शुक्ला ने गुरुवार को कहा था कि जहां पर स्कूल बंद हैं, वहां के नजदीक स्कूल में तैनात शिक्षकों को वहां पर पढ़ाई कराने के लिए भेजा जाएगा, लेकिन यह दावा खोखला साबित हुआ। दूसरे दिन भी 200 स्कूलों में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी।

विकास भवन गेट पर ताला जड़ शिक्षामित्रों का प्रदर्शन

सुल्तानपुर में संयुक्त शिक्षा मित्र संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शुक्रवार को आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन व उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक शिक्षामित्र संघ की ओर से तिकोनिया पार्क में दूसरे दिन भी धरना-प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष दिनेशचंद्रा ने कहा कि जब तक सरकार हमारी मांगें पूरी नहीं करती, शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। बृजेश पांडेय ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता नहीं चलेगी। जल्द ही शिक्षामित्रों के पक्ष में सार्थक निर्णय लेना होगा।

महामंत्री प्रदीप यादव ने कहा कि शिक्षामित्रों की भलाई के लिए सरकार को सदन में अध्यादेश लाना होगा। पवन कुमार ने कहा कि शिक्षामित्रों को एकजुट होना होगा। धरने के बाद जुलूस की शक्ल में दीवानी चौराहा, डीएम आवास, बस स्टेशन होते हुए विकास भवन के मुख्य द्वार पर पहुंचे शिक्षामित्रों ने वहां ताला जड़ दिया। साथ ही मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया।

लगभग घंटे भर लगे जाम के बाद जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे एसडीएम सदर प्रमोद पांडेय को शिक्षामित्रों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर केसी मिश्र, राकेश मिश्र, प्रदीप यादव, रणजीत सिंह, प्रयागदत्त तिवारी, सुतीक्ष्ण तिवारी, राम प्रसाद मिश्र, अमर सिंह, आकांक्षा सिंह, जगबहादुर, लक्ष्मन सिंह, केशरीनंदन दुबे, करुणाशंकर पांडेय, हरिओम भट्ट, डॉ. अशोक वर्मा, करुणाशंकर पांडेय, अनिल सिंह, राजेंद्र मिश्र, प्रमोद दुबे, सत्यनारायण यादव, बृजेश पांडेय समेत बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे।

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