शिक्षा विभाग ने स्कूल बैग व जूते-मोजों को बदलने के दिए निर्देश…

परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थियों को गत वर्ष वितरित किए गए जूते-मोजे और स्कूल बैग एक वर्ष भी नहीं चल सके हैं। बड़ी संख्या में इनके फटने की शिकायतों के बाद विभाग ने स्कूल बैग व जूते-मोजों को बदलने के निर्देश दिए हैं।शिक्षा विभाग ने स्कूल बैग व जूते-मोजों को बदलने के दिए निर्देश...

कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को इनका वितरण निशुल्क किया गया था। ठेके की शर्तों के मुताबिक एक वर्ष से कम अवधि में ही फटने पर इन्हें बदलकर देना है। जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों की शिकायतों के बाद पता चला कि करीब 40 लाख से अधिक विद्यार्थियों के जूते मोजे और स्कूल बैग फट गए हैं।

इस पर निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने सभी बीएसए को जूते-मोजे और स्कूली बैगों के फटने का आंकड़ा एकत्र करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अगर सप्लायर इन्हें बदलकर नहीं देता है तो उस पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए हैं।

कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों की किताबें जमा होंगी
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को शैक्षिक सत्र की शुरुआत में पुरानी किताबों से ही पढ़ाई करनी होगी। पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन में विलंब के चलते बेसिक शिक्षा निदेशालय ने सभी बीएसए को कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों की किताबें जमा करने के निर्देश दिए हैं। निदेशक ने बताया कि 1 अप्रैल से शुरू हो रहे नए शैक्षिक सत्र के कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों में इन पुस्तकों के वितरण के निर्देश दिए हैं। नई किताबें छपने के बाद उन्हें दी जाएगी।

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