‘शिवगामी’ ने खोला ये बड़ा राज, पहले ठुकरा दिया थी बाहुबली लेकिन कहानी सुन खड़े हो गए थे रोंगटे…

नई दिल्ली : निर्देशक एसएस राजमौली फिल्म ‘बाहुबली 2’ बॉक्स ऑफिस पर अब तक ना जाने कितने रिकॉर्ड तोड़ चुकी है. फिल्म के सभी कलाकारों ने अपने परफॉर्मेंस से फिल्म को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है.'शिवगामी' ने खोला ये बड़ा राज, पहले ठुकरा दिया थी बाहुबली लेकिन कहानी सुन खड़े हो गए थे रोंगटे...यह भी पढ़े:> वीडियो: जानिए किन्नर क्या होते है और कैसे करते है सेक्स

फिल्म में बाहुबली और देवसेना के बाद अगर किसी किरदार की सबसे ज्यादा तारीफ हो रही है तो वह है राजमाता शिवगामी. शिवगामी का किरदार निभाने वाली राम्या कृष्णन ने इस फिल्म में अपने किरदार को एक अलग ही मुकाम पर पहुंचाया है. 

हाल ही में राम्या कृष्‍णन ने फिल्म को लेकर बहुत सारे खुलासे किए हैं. राम्या ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा कि ‘बाहुबली’ ने मुझे नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है. राम्या ने कहा कि बाहुबली में अपने किरदार की तारीफ सुनकर काफी खुश हूं. पूरी टीम ने पांच साल तक बहुत मेहनत की है. मुझे राजामौली सर पर पूरा भरोसा था. उन्होंने जैसा कहा मैंने बिलकुल वैसा किया. यकीनन फिल्म को देखते दर्शकों के रोंगटे खड़े हुए होंगे.’

फिल्म के बारे में राम्या ने कहा, ‘मूवी में एक सीन ऐसा भी था जिसे देखकर मैं खूब रोई थी. जब कटप्पा की बाहुबली की मौत की खबर लेकर आते हैं और मेरे हाथों पर उसका खून लगाते हैं तो ये सीन देखकर मैं रो पड़ी थी.’

राम्या ने ‘बाहुबली 2’ पहली बार बड़े स्क्रीन पर हैदराबाद में देखी थी. जब इस सीन को उन्होंने बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ देखा तो वो बहुत इमोशनल हो गईं और रोने लगीं. राम्या ने कहा, ‘राजामौली सर ने बिना डायलॉग वाले सीन में म्यूजिक से जान डाल दी थी. मुझे उस सीन में अपनी परफॉर्मेंस सबसे अच्छी लगी.’

बता दें कि राम्या से पहले शिवगामी का रोल श्रीदेवी को ऑफर हुआ था लेकिन फीस ज्यादा मांगने के चलते राजामौली ने उन्हें नहीं लिया था. इस पर राम्या ने कहा, ‘मुझे इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि मेरे से पहले ये रोल किसे मिलने वाला था. ये सब बातें मुझे अभी पता चली हैं.’

राम्या ने आगे कहा, ‘पहले मुझे ये फिल्म करने में कोई दिलचस्पी नहीं थी. क्योंकि प्रोड्यूसर्स को मेरी बहुत सारी डेट्स चाहिए थीं. उस दौरान मेरे कई और कमिटमेंट्स भी थे. मैं फिल्म को मना करने वाली थी. लेकिन जब राजामौली ने फिल्म की कहानी सुनाई तो मेरे रोंगटे खड़े हो गए. मैं लगातार 2 घंटे तक कहानी सुनती रही. कहानी सुनते ही मेरे दिमाग में हर सीन और हर शॉट बिलकुल क्लियर हो गया था.’

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