शिव मंदिर में ताली बजाना पड़ सकता है आपको महंगा

हमारे दैनिक जीवन में बहुत सी ऐसी चीज़े होती है जो वैज्ञानिक दृष्टि से अच्छी होती है पर उनका धार्मिक महत्त्व हमारे जीवन को तहस-नहस कर देती है. एक्यूप्रेशर चिकित्सा प्रणाली में  ताली बजाने को शरीर के कई अंगों का अच्छा व्यायाम और कोशिकाओं को एक्टिव करने वाला माना गया है. वही शिव मंदिर में असमय ताली बजने से आपके जीवन में परेशानियों का तूफ़ान भी आ सकता है. हम बताते है कैसे ताली बजने से भगवान शिव आप पर क्रोधित हो सकते है. धार्मिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो आरती के दौरान ताली बजाने से व्यक्ति के हाथों से बुरी रेखाएं मिटने लगती हैं और अच्छी रेखाओं का निर्माण होता है. पूजा के दौरान भगवान से प्रार्थना करते हुए मनोकामना पूर्ति के लिए ताली बजाने का खास महत्व दिया जाता है, विशेषकर भगवान शिव की पूजा में शिवलिंग पर जल अर्पण और पूजा समाप्ति के बाद ताली बजायी जाती है

पुराणों के अनुसार शिव मंदिर में केवल सायंकाल की आरती के समय ही ताली बजाना चाहिए क्योंकि भगवान शंकर पूरा समय ध्यान में रहते है और दिन में ताली बजने से उनके ध्यान में विघ्न उत्पन्न होता है जिससे उनके गण रुष्ट हो जाते है और परिणामस्वरुप आपको उनके कोप का भाजन करना पड़ सकता है और मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है . 

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