शी जिनपिंग के सामने किम जोंग उन ने मांगी मदद

कुछ दिन पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन से सिंगापूर में ऐतिहासिक शिखर वार्ता मुलाकात की थी. अब जिसके बाद  किम जोंग उन ने  प्योंगयांग पर लगे प्रतिबंध को हटाने में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मदद की मांग की है. यह खबर एक जापानी समाचार पत्र ने दोनों देशों में कई अनाम सूत्रों का हवाला देते हुए छापी है.कुछ दिन पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन से सिंगापूर में ऐतिहासिक शिखर वार्ता मुलाकात की थी. अब जिसके बाद  किम जोंग उन ने  प्योंगयांग पर लगे प्रतिबंध को हटाने में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मदद की मांग की है. यह खबर एक जापानी समाचार पत्र ने दोनों देशों में कई अनाम सूत्रों का हवाला देते हुए छापी है.     इस समाचार पत्र ने प्रकाशित हुई खबर के अनुसार किम ने बीजिंग में पिछले महीने शी के साथ अपनी तीसरी बैठक के दौरान यह अनुरोध किया और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इसके लिए अपनी तरफ से अधिकतम प्रयास करने का वादा किया है. यहाँ पर किम ने शी से कहा, ‘हमे आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से बहुत सारी परेशानी का सामना करना पड़ हैं. अब हमने अमेरिका - उत्तर कोरिया के बीच शिखर वार्ता सफलतापूर्वक पूरी कर ली है, किम ने कहा मैं चाहता हूं कि चीन प्रतिबंध को जल्द हटवाने के लिए काम करे.’      बता दें की हाल के महीनों में शीत युद्ध के दौर के सहयोगी देशों ने प्योंगयांग के परमाणु परीक्षणों और बाद में उस पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का चीन द्वारा समर्थन किए जाने के कारण दोनों देशों के रिश्तों में आई दुरी को दूर करने का प्रयास किया है.

इस समाचार पत्र ने प्रकाशित हुई खबर के अनुसार किम ने बीजिंग में पिछले महीने शी के साथ अपनी तीसरी बैठक के दौरान यह अनुरोध किया और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इसके लिए अपनी तरफ से अधिकतम प्रयास करने का वादा किया है. यहाँ पर किम ने शी से कहा, ‘हमे आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से बहुत सारी परेशानी का सामना करना पड़ हैं. अब हमने अमेरिका – उत्तर कोरिया के बीच शिखर वार्ता सफलतापूर्वक पूरी कर ली है, किम ने कहा मैं चाहता हूं कि चीन प्रतिबंध को जल्द हटवाने के लिए काम करे.’ 

बता दें की हाल के महीनों में शीत युद्ध के दौर के सहयोगी देशों ने प्योंगयांग के परमाणु परीक्षणों और बाद में उस पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का चीन द्वारा समर्थन किए जाने के कारण दोनों देशों के रिश्तों में आई दुरी को दूर करने का प्रयास किया है.

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