श्रीलंका से धवन का ‘याराना’ बुनेगा टीम इंडिया की जीत का ताना-बाना

निदाहस ट्रॉफी में एक बार फिर भारत और श्रीलंका आमने-सामने हैं. दोनों टीमों के बीच हुई पहली भिड़ंत में बाजी श्रीलंका के नाम रही थी . ऐसे में टीम इंडिया की नजर इस बार हिसाब बराबर करने पर होगी, जिसमें सलामी बल्लेबाज और इस सीरीज में टीम के उप-कप्तान शिखर धवन की भूमिका निर्णायक रहने वाली है.श्रीलंका से धवन का 'याराना' बुनेगा टीम इंडिया की जीत का ताना-बाना
श्रीलंका से धवन का बहुत याराना लगता हैश्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में शिखर धवन के अहम ऱोल के पीछे है उनका शानदार रिकॉर्ड, जो बाकी के भारतीय बल्लेबाजों के मुकाबले कहीं बेहतर हैं. इसके अलावा उनका मौजूदा फॉर्म भी धाकड़ है. क्रिकेट का फॉर्मेट चाहे जो भी हो धवन का रिकॉर्ड ना सिर्फ श्रीलंका के खिलाफ शानदार है बल्कि श्रीलंकाई सरजमीं पर भी जबरदस्त है.
यानी अगर भारत को श्रीलंका से अपना हिसाब चुकता करना है तो इस मुहिम में धवन को फ्रंट से लीड करना होगा.धवन Vs श्रीलंकापहले जरा धवन के श्रीलंका के खिलाफ रिकॉर्ड पर नजर डालते हैं. धवन ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट की 10 पारियों में 71.20 की औसत से रन बनाए हैं. वहीं वनडे में धवन का औसत 16 पारियों में 70.21 का रहा है. जबकि, T20 की 5 पारियों में उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 49.25 की औसत से रन बनाए हैं.श्रीलंका में धवनअब जरा श्रीलंका में धवन का रिकॉर्ड भी देख लीजिए. 
श्रीलंका में खेले 6 टेस्ट में धवन ने 66.67 की औसत से 3 शतक के साथ 520 रन बनाए हैं. वनडे में भी धवन का औसत श्रीलंकाई सरजमीं पर 60 के पार का है. श्रीलंका में खेले 4 वनडे में धवन ने 63.33 की औसत से 1 शतक के साथ 190 रन बनाए हैं. वहीं, श्रीलंका में 2 T20 में धवन ने 72.50 की औसत से 145 रन बनाए हैं, इसमें 2 अर्धशतक शामिल है.धवन को श्रीलंका जमता हैखास बात ये है कि धवन ने अपने T20 करियर का सबसे बड़ा स्कोर भी श्रीलंका में ही बनाया है. ट्राएंगुलर T20 सीरीज के पहले मैच में धवन ने श्रीलंका के खिलाफ 90 रन की पारी खेली थी जो कि उनके T20 करियर की सबसे बड़ी पारी थी.
निदाहस ट्रॉफी में धवन सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि टूर्नामेंट के भी टॉप स्कोरर हैं. श्रीलंका के खिलाफ पहले मैच में उनकी धमाकेदार पारी बेकार गई थी. लेकिन, श्रीलंकाई सरजमीं पर 9 इंटरनेशनल मैचों में 80 का औसत रखने वाले धवन इस बार पूरी तरह तैयार है. भारत अगर श्रीलंका से हिसाब बराबर करने में कामयाब रहता है तो इससे वो फाइनल खेलने का भी प्रबल दावेदार बन जाएगा.

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