संजय भंडारी पर ED का बड़ा एक्शन, 27 करोड़ की संपत्ति जब्त

प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने आर्म्स डीलर संजय भंडारी पर शिकंजा कसते हुए उसकी करोड़ों की संपत्ति जब्त की है.संजय भंडारी पर ED का बड़ा एक्शन, 27 करोड़ की संपत्ति जब्त

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दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ये कार्रवाई की है. ईडी ने भंडारी से जुड़ी करीब 27 करोड़ की संपत्ति जब्त की है. भंडारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज है, जिसके आधार पर ये एक्शन लिया गया है.

इससे पहले भी संजय भंडारी की प्रॉपर्टी जब्त की गई थी. जिनमें उसकी लग्जरी कारें भी थीं. कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा से भंडारी के रिश्तों को लेकर आरोप लगते रहे हैं.

इन प्रॉपर्टी पर गिरी गाज

दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में संजय भंडारी के संपत्ति को टारगेट किया गया है. इनमें पंचशील शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, शाहपुर जट के अलावा वसंत विहार के हिल व्यू अपार्टमेंट में रेसिडेंसियल फ्लैट, गुरुग्राम  के साउथ सिटी में घर को जब्त किया गया है. इनके अलावा नोएडा में भी कुछ प्रॉपर्टी ईडी ने अटैच की है.

विदेशों में करोड़ों की संपत्ति

देश के बाहर भी संजय भंडारी के पास भारी संपत्ति है. संजय के पास विदेश में 150 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है. इनमें यूएई के बैंकों में जमा अघोषित धन भी शामिल है. अपनी इस अचूक दौलत से भंडारी ने दुबई में लंदन में 2 फ्लैट खरीद हैं और दुबई में भी उनका फ्लैट है. 

प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि उसने ‘विदेशों में जमा भंडारी की अघोषित संपत्ति के मामले’ में संपत्तियां जब्त की हैं और यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (फेमा) की धारा 37ए के तहत की गई है.

फेमा कानून की धारा 37ए कहती है कि यदि इस कानून का उल्लंघन करके विदेशी मुद्रा, विदेशी प्रतिभूति या विदेशों में अचल संपत्ति जमा की है तो, उसी कीमत की उसकी संपत्ति भारत में जब्त की जा सकती है.

ईडी ने इसी साल फरवरी में पीएमएलए कानून और फेमा कानून के तहत भंडारी के खिलाफ आपराधिक आरोप का मामला दर्ज किया था. सूचना है कि वह भारत छोड़कर किसी दूसरे देश में जा चुका है.

दिल्ली पुलिस ने भी एक साल पहले सरकारी गोपनीयता कानून के उल्लंघन का एक मामला भंडारी के खिलाफ दर्ज किया है. भंडारी का मामला सबसे पहले तब सामने आया जब आयकर विभाग ने पिछले साल अप्रैल में उनके खिलाफ तलाशी अभियान चलाया और उनके परिसरों से कुछ ‘संवेदनशील’ रक्षा दस्तावेज बरामद किए.

इन छापेमारियों के दौरान आयकर विभाग को 2010 में लंदन के एक बेहद महंगे अपार्टमेंट की मरम्मत संबंधी ईमेल पर हुई बातचीत भी मिली थी. कथित रूप से यह इस फ्लैट का मालिकाना हक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वड्रा के पास है.

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