सड़क हादसे में दो हिस्सों में कटी लड़की, फिर भी वो माँ से बोलती रही- मम्मी आई लव यू, मुझे बचा लो

आज हम आपको हादसे की एक ऐसी खबर बताने जा रहे हैं जो ना सिर्फ आपको झकझोर कर रख देगी, बल्कि ये सोचने पर भी मजबूर कर देगी कि कहीं इंसानियत की भी मौत तो नहीं हो रही है. मेरठ की सड़क पर एक्सीडेंट के बाद एक बेटी दो हिस्सों में कट गई. उसकी सांसे चल रही थी और बार-बार यही बोल रही थी- मम्मी आई लव यू, मुझे बचा लो.’ वो तड़प रही थी. मां रो रही थी, लेकिन लोग इस हादसे का मोबाइल से वीडियो बनाने में जुटे हुए थे.सड़क हादसे में दो हिस्सों में कटी लड़की, फिर भी वो माँ से बोलती रही- मम्मी आई लव यू, मुझे बचा लोयह भी पढ़े: 1993 मुंबई ब्लास्ट: आज टाडा कोर्ट सुना सकती है अबु सलेम के खिलाफ फैसला..

मेरठ की एक सड़क पर घटी इस घटना की तस्वीरों को हम आपको नहीं दिखा सकते हैं, लेकिन ये हाद ऐसा है, जहां सड़क दुर्घटना के बाद एक बेटी का शरीर दो हिस्सों में बंट चुका है. रोती बिलखती मां असहाय सी अपनी बिटिया के लिए जार-जार हो रही है. तब उसकी लाडो की सांस चल रही थी. टूटती सांसों से वो अपनी मां को आई लव यू बोल रही थी. मम्मी मुझे बचा लो. बस यही गुहार लगा रही थी. मां का कलेजा फटा जा रहा था. 

 

पूरी कहानी जानने से पहले आप अपने कलेजे को मजबूत कर लें क्योंकि इस मंजर को देखने और जानने के लिए भावनाओं पर काबू रखना बेहद जरुरी होगा. मेरठ के हापुड़ रोड शास्त्रीनगर चौराहे पर हुए सड़क हादसे को जिसने भी देखा सिहर उठा. दसवीं क्लास में पढ़ने वाली कनक वर्मा सड़क हादसे का शिकार होकर दो टुकड़ों में बंट चुकी थी. मां को जैसी ही घटना की जानकारी मिली, वो बदहवास अपनी बच्ची के पास पहुंची और आवाक रह गई.

दुनिया की किसी भी मां के लिए अपनी ममता की मूरत को इस हालत में देखना गंवारा नहीं होगा. किसी भयावह सपने में भी इन तस्वीरों से वास्ता नहीं पड़ा होगा. अपने कलेजे के टुकड़े को यूं देखकर मां तड़प उठी. मां की लाडो जिंदगी से दूर जा रही थी. कनक वर्मा की धड़कन चल रही थी. वो अपनी मां के करीब जाने की कोशिश कर रही थी. नौ महीने तक अपनी बच्ची को कोख में पालने वाली मां अपनी लाडली को गोद में भरना चाहती थी.

बच्ची बार बार यही बोल रही थी. मम्मी आई लव यू. मुझे बचा लो. जिंदगी के तमाम अरमानों को अपनी बेटी पर कुर्बान करने वाली ये मां लाचार दिख रही थी. दिल को झकझोर देने वाला ये मंजर तब सामने आया जब हर रोज की तरह ट्यूशन पढ़ने जा रही कनक शर्मा को एक ट्रक ने रास्ते में कुचल दिया. कनक अपने दादा जी के साथ स्कूटी पर जा रही थी लेकिन ट्रक के पहिए ने मौत बनकर उसे रौंद दिया. 30 मिनट तक शरीर सड़क पर पड़ा रहा.

मेरठ के हापुड़ रोड शास्त्रीनगर चौराहे पर पर इस मंजर को देखकर शरीर का एक एक कोना कांप उठता है. जिन बच्चों के शरीर पर एक खरोंच तक से मां बाप की आह निकल जाती है. सोचिए, जब उन्हीं में से एक मां की आंखों के सामने उसकी लाडली दो हिस्सों में सड़क पर तड़प रही है तो मां के दिल पर क्या बीत रही होगी. मां कभी अपनी गुड़िया को देखती. कभी अपनी लाडली के चेहरे पर हाथ फेरती. कभी गोद में भरने की कोशिश करती.

घटना 24 मई के शाम की है. आधे तक सड़क पर तड़पने के बाद मां और भाई कनक को लेकर अस्पताल गए. लेकिन कुछ देर बाद मेरठ की इस लाडली ने दुनिया को अलविदा कह दिया. अपनी आंखों के सामने अपनी जान को जाते देख मां की जुबां भी मद्धम पड़ गई है. रोंगटे खड़ी वाली इन तस्वीरों को वहां मौजूद किसी शख्स ने ही बनाया है, लेकिन सवाल उन लोगों से भी जो खुद को इंसान कहने का दम तो भरते हैं लेकिन इंसानियत से दूर तक नाता नहीं.

यह सवाल उठता है कि लोगों ने कनक वर्मा को अस्पताल क्यों नहीं पहुंचाया. किसी ने कनक वर्मा की मां और भाई की मदद क्यों नहीं की. कनक 30 मिनट तक सड़क पर तड़पती रही तो किसी ने तुरंत एंबुलेंस की व्यवस्था क्यों नहीं की. क्या लोगों को कनक के खून से अपने कपड़े खराब होने का डर था. किसी भी तमाशबीन ने कनक के करीब जाकर उससे बात करके उसकी हिम्मत क्यों नहीं बढ़ाई. क्या लोगों का फर्ज सिर्फ वीडियो बनाकर पूरा हो गया.

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