सबसे अलग हैं हनुमान जी के ये तीन मंदिर

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे हनुमान मंदिरों के बारे में जो बाकि मंदिरों से थोड़े अलग हैं. जी हाँ, सभी जगह हनुमान जी एक जैसे ही होते हैं जहाँ पर उनकी मूर्ति खड़ी हुई होती है और हनुमानजी के हाथ में पहाड़ होता है. लेकिन आज कुछ तीन हनुमान अलग हैं जिन्हें आप शायद ही जानते होंगे. यहाँ के हनुमान अपनी किसी अलग ही मुद्रा में हैं और उसी के कारण उन्हें जाना भी जाना जाता है.आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे हनुमान मंदिरों के बारे में जो बाकि मंदिरों से थोड़े अलग हैं. जी हाँ, सभी जगह हनुमान जी एक जैसे ही होते हैं जहाँ पर उनकी मूर्ति खड़ी हुई होती है और हनुमानजी के हाथ में पहाड़ होता है. लेकिन आज कुछ तीन हनुमान अलग हैं जिन्हें आप शायद ही जानते होंगे. यहाँ के हनुमान अपनी किसी अलग ही मुद्रा में हैं और उसी के कारण उन्हें जाना भी जाना जाता है.  * सालासर बालाजी हनुमान मंदिर :  राजस्थान के चुरू जिले में सालासर बालाजी हनुमान मंदिर है. इस मंदिर में खास बात ये है कि यहाँ के हनुमानजी दाढ़ी और मूंछ हैं. जी हैं उनके चेहरे पर दाढ़ी और मूंछ लगी होती है. इसके अलावा उनके चेहरे पर भगवान राम के लिए सिन्दूर लगा हुआ है. दूर-दूर लोग आते हैं इनके दर्शन करने. और इस मंदिर को मुस्लिम कारीगरों ने बनाया है जो बहुत प्रसिद्द है.  * उल्टेन हनुमान जी :  ये मंदिर सांवेर में स्थित है जो उज्जैन से सिर्फ 30 किलोमीटर की दूरी पर है. इस मंदिर का नाम उल्टे इसलिए पड़ा क्योंकि यहाँ हनुमान जी की मूर्ति उलटी स्थापित है. यहाँ भगवन की मूर्ति का उल्टा मुख जिस पर कहा जाता है ये वही जगह जहाँ से हनुमान जी उलटे हो कर पाताल लोक गए थे.  * लेटे हनुमान जी :  ये हनुमान मंदिर उत्तर प्रदेश में इलाहबाद के किले से लगा हुआ है. यहाँ के हनुमान जी की प्रतिमा लेटी हुई है. ये देश का इकलौता मंदिर है जहाँ हनुमान इस मुद्रा में हैं. आपको बता दें, ये प्रतिमा करीब 20 फीट लम्बी है. लेकिन इस मंदिर के अलावा ऐसे कई और मंदिर हो गए हैं जहाँ पर हनुमानजी लेटी हुई मुद्रा में हैं.

सालासर बालाजी हनुमान मंदिर :

राजस्थान के चुरू जिले में सालासर बालाजी हनुमान मंदिर है. इस मंदिर में खास बात ये है कि यहाँ के हनुमानजी दाढ़ी और मूंछ हैं. जी हैं उनके चेहरे पर दाढ़ी और मूंछ लगी होती है. इसके अलावा उनके चेहरे पर भगवान राम के लिए सिन्दूर लगा हुआ है. दूर-दूर लोग आते हैं इनके दर्शन करने. और इस मंदिर को मुस्लिम कारीगरों ने बनाया है जो बहुत प्रसिद्द है.

उल्टेन हनुमान जी :

ये मंदिर सांवेर में स्थित है जो उज्जैन से सिर्फ 30 किलोमीटर की दूरी पर है. इस मंदिर का नाम उल्टे इसलिए पड़ा क्योंकि यहाँ हनुमान जी की मूर्ति उलटी स्थापित है. यहाँ भगवन की मूर्ति का उल्टा मुख जिस पर कहा जाता है ये वही जगह जहाँ से हनुमान जी उलटे हो कर पाताल लोक गए थे.

लेटे हनुमान जी :

ये हनुमान मंदिर उत्तर प्रदेश में इलाहबाद के किले से लगा हुआ है. यहाँ के हनुमान जी की प्रतिमा लेटी हुई है. ये देश का इकलौता मंदिर है जहाँ हनुमान इस मुद्रा में हैं. आपको बता दें, ये प्रतिमा करीब 20 फीट लम्बी है. लेकिन इस मंदिर के अलावा ऐसे कई और मंदिर हो गए हैं जहाँ पर हनुमानजी लेटी हुई मुद्रा में हैं.

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