सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को स्वाइन फ्लू का अलर्ट….

स्वाइन फ्लू पर दिल्ली के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। राजस्थान में लगातार मिल रहे स्वाइन फ्लू मरीजों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने यह कदम उठाया है। हालांकि सरकार का कहना है कि दिल्ली में फ्लू अब तक काफी हद तक नियंत्रण में है। वर्ष 2017 में दिल्ली में स्वाइन फ्लू से 12 लोगों की मौत हुई थी। 31 दिसंबर तक राजधानी में 2812 मरीज फ्लू ग्रस्त पाए गए हैं।सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को स्वाइन फ्लू का अलर्ट....
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि फिलहाल राजधानी में स्वाइन फ्लू के एक भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन फिर भी एहतियातन निर्देश जारी किया गया है। इसमें डाक्टरों को एच1एन1 लक्षण वाले मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट करने की हिदायत दी गई है। उनका कहना है कि सचेत रहने से ही इस वायरस की शुरुआत में पहचान कर इलाज किया जा सकता है। 

ज्यादा संक्रमण फैला रहा नया स्ट्रेन

स्वाइन फ्लू के नए स्ट्रेन मिशिगन को लेकर राजधानी के विशेषज्ञों का कहना है कि यह बहुत तेजी से संक्रमण फैला रहा है। सफदरजंग अस्पताल के डॉ. जुगल किशोर बताते हैं कि फ्लू (इन्फ्लूएंजा) वायरस को तीन व्यापक श्रेणियों में बांटा जाता है-इन्फ्लूएंजा ए, बी या सी। इन्फ्लूएंजा ए सबसे सामान्य प्रकार है। एच1एन1 फ्लू इन्फ्लूएंजा ए की एक किस्म है, जो वायरल सीरोटाइप को इंगित करती है।

यह एक किस्म की शॉर्टहैंड है, जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली से वायरस की पहचान करती है और वायरस को कोशिकाओं में प्रवेश करने की अनुमति देती है। डॉ. रजनीश मल्होत्रा ने कहा कि वायरस छोटी बूंदों के संक्रमण के माध्यम से फैलता है, जो एक व्यक्ति की खांसी, छींक या बोलते समय गिरती हैं। वायरस केवल 3 से 6 फीट की दूरी को कवर कर सकता है। 

यह हैं लक्षण
वरिष्ठ डॉ. आरएन कालरा ने कहा कि एच1एन1 के कुछ लक्षणों में शामिल हैं-मांसपेशियों में दर्द, सूखी खांसी, दस्त, मतली, या उल्टी, ठंड, थकान या बुखार, सिरदर्द, सांस की तकलीफ या गले में खराश। मैक्स अस्पताल के डॉ. विवेक कुमार ने कहा कि सभी डॉक्टरों को सलाह दी जाती है कि अस्पताल में भर्ती, गंभीर रूप से बीमार और उच्च जोखिम वाले मरीजों के लिए एंटीवायरल दवाओं के उपयोग की सलाह दी जाए।

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