सम्पति की लालच में की गयी थी विनोद व शुभम की हत्या

लखनऊ , 6 जनवरी सरोजनीनगर इलाके मेें बीते 7 दिसम्बर को विनोद कुमार व उसके साथी शुभम कुमार की हत्या किसी और न नहीं बल्कि उसके मामा के बेटे ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर की थी। क्राइम ब्रांच व सरोजनीनगर पुलिस ने इस दोहरे हत्याकाण्ड का खुलासा करते हुए मृतक के विनोद के मामा के बेटे सरोज को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से एक तमंचा, बाइक, कुछ रुपये व मोबाइल फोन बरामद किया है। इस वारदात में शामिल आरोपी के दो साथी अभी फरार है। आरोपी मृतक की सम्पति हड़पना चाहता था और इसी के चलते उसकी हत्या कर दी।
सम्पति की लालच में की गयी थी विनोद व शुभम की हत्या
एसपी क्राइम डाक्टर संजय कुमार ने बताया कि काकोरी के हरदोईयाल लालपुर गांव निवासी विनोद कुमार व उसके साथी शुभम कुमार बीते 7 दिसम्बर को बाइक से घर से निकले थे। इसके बाद विनोद के मामा के बेटे सरोज ने उसी दिन विनोद व शुभम की गुमशुदगी की रिपोर्ट सरोजनीनगर थाने में दर्ज करायी थी। 7 दिसम्बर की देर रात को विनोद की बाइक लावारिस हालत में पिपरसण्ड रेलवे स्टेशन के पास खड़ी मिली थी।  8 दिसम्बर की सुबह पिपरसण्ड रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर विनोद व शुभम के शव पड़े मिले थे।
इस मामले में छानबीन के दौरान विनोद के मामा के बेटे सरोज ने विनोद के ताऊ व उसके बेटों पर हत्या का आरोप लगाते हुए हत्या की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। सरोज ने पुलिस को यह भी बताया था कि 7 दिसम्बर की रात विनोद ने उसको फोन किया था और बताया कि कुछ लोगों ने शुभम की हत्या कर दी है और वह लोग उसको भी मार देेगें। इस आधार पर पुलिस ने जब विनोद के ताऊ व उसके बेटों से पूछताछ शुरू की तो उनकी इस घटना में कोई भूमिका नहीं मिली। इसके बाद पुलिस को विनोद के मामा के बेटे सरोज पर कुछ शक हुआ। पुलिस ने जब सर्विलांस की मदद से सरोज के मोबाइल फोन की लोकेशन निकाली तो 7 दिसम्बर की रात सरोज की लोकेशन पिपरसण्ड इलाके में मिली। बस इसके बाद से पुलिस को सरोज पर शक हो गया।
पुलिस ने अपनी छानबीन को और आगे बढ़ाया तो पता चला कि सरोज ने कुछ दस्तावेजों में विनोद के पिता का नाम बदल कर अपने पिता जगत पाल दर्ज कराया है। इस सारी बातों का पता चलने के बाद शुक्रवार को सरोजनीनगर पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने सरोज रावत को गिरफ्तार किया। पूछताछ की गयी तो उसने अपने दो साथियों आशू व सुरेश के साथ मिलकर विनोद व शुभम की हत्या करने की बात कबूली। आरोपी ने बताया कि विनोद की मौत के बाद वह उसकी सारी सम्पति अपने नाम कराना चाहता था। बस  इसी के चलते उसने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने सरोज के पास से घटना में प्रयुक्त बाइक, एक तमंचा, एक मोबाइल फोन व 300 रुपये बरामद किये हैं। सरोजनीनगर पुलिस अब फरार आरोपी आशू व सुरेश की तलाश में जुट गयी है।

शुभम को एक लाख सुपारी देकर आरोपियों ने मार दिया

विनोद कुमार व शुभम कुमार की हत्या किसी फिल्म की स्क्रीपट से कम नहीं है। आरोपी सरोज ने बताया कि विनोद और शुभम बहुत अच्छे दोस्त थे। शुभम विनोद का ट्रैक्टर भी चलता था। सरोज ने जब विनोद की हत्या करने की साजिश रची तो उसने रुपये का लालच देकर शुभम को भी अपनी प्लानिंग में शामिल कर दिया। आरोपी सरोज ने शुभम को एक लाख रुपये देकर विनोद को पिपरसण्ड रेलवे स्टेशन लेकर आने और उसको जमकर शराब पिलाने के लिए कहा था। एक लाख रुपये की लालच में आकर शुभम ने भी वहीं किया। 7 दिसम्बर की रात शुभम विनोद को शराब पिलाने व मौज मस्ती के लिए पिपरसण्ड लेकर पहुंचा। यहां पर दोनों ने मिलकर खूब शराब पी। इसके बाद शुभम विनोद को पैदल रेलवे ट्रैक की तरफ लेकर आगे पढ़ा। पीछे-पीछे सरोज के दोनों साथी आशू व सुरेश भी थे। वह लोग जब लौनहा गांव के पास पहुंचे तो वहां सरोज भी पहुंच गया। उन लोगों ने मिलकर पहले विनोद की हत्या की और हत्या का आत्महत्या का रुप देने के लिए शव को रेलवे लाइन पर रख दिया। इस बीच शुभम पर चढ़ा शराब का नशा कुछ कम हुआ तो उसने विनोद की हत्या का विरोध करते हुए शोर मचाने लगा। खुद को फंसता देख आरोपी सरोज, आशु व सुरेश ने मिलकर शुभम को भी मौत के घाट उतार कर दिया और वहां से फरार हो गये। 

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