सरकार का ऐलान: यूपी में महंगी बिजली का लगेगा बड़ा झटका, 12 फीसदी तक बढ़ेंगे दाम..

पावर कॉर्पोरेशन ने शहरी, ग्रामीण उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों को बिजली का तगड़ा झटका देने की तैयारी कर ली है। कॉर्पोरेशन ने शहरी घरेलू बिजली की दर 12 फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव किया है तो ग्रामीण घरेलू बिजली की दरों में भी 260 से 400 फीसदी तक की वृद्धि प्रस्तावित की गई है।सरकार का ऐलान: यूपी में महंगी बिजली का लगेगा बड़ा झटका, 12 फीसदी तक बढ़ेंगे दाम..अभी -अभी: योगी सरकार ने किया एक और बड़ा परिवर्तन, अब केवल इसी आधार पर होगा, यूपी पुलिस मे सिपाही का चयन

कॉर्पोरेशन ने 2017-18 के लिए बिजली दरों का जो प्रस्ताव मंगलवार को राज्य विद्युत नियामक आयोग को सौंपा है, उसमें सभी श्रेणियों में औसतन 24.66 फीसदी की वृद्धि का प्रस्ताव है।

कॉर्पोरेशन ने ग्रामीण मीटर्ड उपभोक्ताओं की दरों में करीब 150 फीसदी तो किसानों की बिजली दरों में भी 60 फीसदी इजाफे का प्रस्ताव किया है। हालांकि लघु एवं भारी उद्योगों को राहत देते हुए बढ़ोतरी से मुक्त रखा गया है। यह पहला मौका है जब कार्पोरेशन ने बिजली दरों में इतना ज्यादा वृद्धि का प्रस्ताव किया है।

घाटा पाटने के लिए दरें बढ़ाने पर फोकस
कॉर्पोरेशन ने 15,118 करोड़ रुपये के घाटे का अनुमान लगाया है। दरों में प्रस्तावित वृद्धि से करीब 11 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होगी। यानी घाटा कम करने के लिए दरें बढ़ाने पर ही ज्यादा फोकस रखा गया है।

शहर से लेकर ग्रामीण उपभोक्ताओं की कटेगी जेब

शहरी घरेलू उपभोक्ता : दरें 6.70 रुपये तक करने का प्रस्ताव
यूनिट–दर–प्रस्ताव
150–4.40–4.90
151-300–4.95–5.40
301-500–5.60–6.20
500 से ऊपर–6.20–6.70 (रुपये प्रति यूनिट)
फिक्स चार्ज 90 रुपये प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति किलोवाट का प्रस्ताव है।

लाइफलाइन (बीपीएल) उपभोक्ताओं की दरें यथावत, लेकिन खपत 150 यूनिट से घटाकर 100 यूनिट तक सीमित

ग्रामीण मीटर्ड उपभोक्ता : दरें दोगुनी, 4 स्लैब में बांटा
ग्रामीण मीटर्ड उपभोक्ताओं को अभी 2.20 रुपये प्रति यूनिट देना पड़ता था। अब इसके 4 स्लैब बना दिए हैं।

150 यूनिट तक 4.40 रुपये प्रति यूनिट
151-300 यूनिट तक 4.95 रुपये
301-500 यूनिट तक 5.60 रुपये
500 यूनिट से ज्यादा पर 6.20 रुपये
50 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह फिक्स चार्ज देना पड़ता है। इसे 65 रुपये करने का प्रस्ताव है।

ग्रामीण अनमीटर्ड उपभोक्ताओं पर सबसे ज्यादा बोझ

दो किलोवाट तक 180 रुपये प्रति किलोवाट की दर से भुगतान करना पड़ता था। इसे बढ़ाकर 650 रुपये प्रति किलोवाट करने का प्रस्ताव है। 2 किलोवाट से ऊपर 200 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये प्रति किलोवाट करने का प्रस्ताव है।

किसानों पर बढ़ेगा बोझ
ग्रामीण अनमीटर्ड किसानों को सिंचाई के लिए अभी हर महीने 100 रुपये प्रति हार्सपावर देना पड़ रहा है। इसे 160 रुपये प्रस्तावित किया गया है।

मीटर्ड सप्लाई पर फिक्स चार्ज 30 से बढ़ाकर 60 रुपये प्रति हार्सपावर कर दिया गया है।

बिजली दर एक रुपये यूनिट से बढ़ाकर 1.75 रुपये तथा मिनिमम चार्ज 75 रुपये प्रति हार्सपावर से बढ़ाकर160 रुपये प्रति हार्सपावर करने का प्रस्ताव है।

शहरी क्षेत्रों के निजी नलकूपों की दरों में भी वृद्धि प्रस्तावित की गई है।

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