सर्जिकल स्ट्राइक: लंदन में PM मोदी ने बताया- जब फोन पर आने से डर गया था पाकिस्तान

भारतीय सेना ने 28-29 सितंबर 2016 को पाकिस्तान की सीमा में जाकर आतंकी कैंप को नष्ट किया था. इस सर्जिकल स्ट्राइक में कम से कम 50 आतंकी मारे गए थे. इसके करीब 2 साल बाद इस स्ट्राइक का वीडियो सामने आया है. आपको बता दें कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ समय पहले इस घटना का जिक्र किया और बताया था कि कैसे पाकिस्तानी अधिकारी फोन पर आने से भी घबरा रहे थे.भारतीय सेना ने 28-29 सितंबर 2016 को पाकिस्तान की सीमा में जाकर आतंकी कैंप को नष्ट किया था. इस सर्जिकल स्ट्राइक में कम से कम 50 आतंकी मारे गए थे. इसके करीब 2 साल बाद इस स्ट्राइक का वीडियो सामने आया है. आपको बता दें कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ समय पहले इस घटना का जिक्र किया और बताया था कि कैसे पाकिस्तानी अधिकारी फोन पर आने से भी घबरा रहे थे.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल अप्रैल के मध्य में यूरोप के दौरे पर थे जहां उन्होंने लंदन में 'भारत की बात, सबके साथ' कार्यक्रम के जरिए दुनिया को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर जमकर लताड़ा और सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी कहानी भी बताई थी.  प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि जब सीमापार हमारे जवानों ने सर्जिकल स्ट्राइक किया तो भारत में मीडिया या लोगों को बताने से पहले हमने पहले पाकिस्तान को बता दिया था. हमने उनकी सेना को फोन किया और कहा कि हमने सर्जिकल स्ट्राइक की है, अगर समय हो तो वहां से लाशें उठा लो.  मोदी ने कहा, 'सर्जिकल स्ट्राइक के बाद हम पाकिस्तान को 11 बजे से ही फोन कर रहे थे, लेकिन वे फोन पर आने से भी डरे हुए थे. 12 बजे हमने उनसे बात की और तब भारतीय मीडिया को बताया गया.'  ऐतिहासिक सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने वाली टीम की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'मुझे अपनी सेना पर गर्व है, क्योंकि उन्होंने सटीकता के साथ सर्जिकल हमलों को अंजाम दिया और सुबह होने से पहले ही अपना काम पूरा कर वह लौट आई.' पीएम मोदी ने बताया कि जो प्लान तय किया गया था, वह 100 फीसदी पूरा हुआ और एक फीसदी भी गलती नहीं हुई.   भारत को बर्दाश्त नहीं आतंकवाद  सीमापार आतंकवाद के मुद्दे पर मोदी ने पाकिस्तान को जमकर कोसा. उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि आतंक का निर्यात करने वालों को मोदी उसी की भाषा में जवाब देना जानता है.   मोदी ने आगे कहा, 'जिन्हें आतंक का निर्यात पसंद है, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि भारत बदल गया है और उनके पुराने तौर-तरीकों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हम शांति में यकीन रखते हैं, लेकिन हम आतंक का निर्यात करने वालों को बर्दाश्त नहीं करेंगे. हम उन्हें करारा जवाब देंगे और उसी भाषा में देंगे जिसे वे समझते हैं. आतंकवाद कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा.  भारत ने 28 और 29 सितंबर 2016 की रात को नियंत्रण रेखा के पार जाकर पाकिस्तान की सीमा में सात आतंकी शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक कर उन्हें तबाह कर दिया था. यह सेना की उन आतंकवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई थी, जो नियंत्रण रेखा के रास्ते भारत में घुसपैठ करने की तैयारी कर रहे थे.  भारत किसी के भू-भाग पर कब्जे के बारे में नहीं सोचता  भारत के इतिहास का जिक्र कर प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत किसी के भू-भाग पर कब्जा करने के बारे में नहीं सोचता. पहले और दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हमारा कोई लेना-देना नहीं था, लेकिन हमारे सैनिकों ने युद्ध में हिस्सा लिया. ये बड़े त्याग थे. संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा बलों में हमारी भूमिका को देखिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल अप्रैल के मध्य में यूरोप के दौरे पर थे जहां उन्होंने लंदन में ‘भारत की बात, सबके साथ’ कार्यक्रम के जरिए दुनिया को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर जमकर लताड़ा और सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी कहानी भी बताई थी.

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि जब सीमापार हमारे जवानों ने सर्जिकल स्ट्राइक किया तो भारत में मीडिया या लोगों को बताने से पहले हमने पहले पाकिस्तान को बता दिया था. हमने उनकी सेना को फोन किया और कहा कि हमने सर्जिकल स्ट्राइक की है, अगर समय हो तो वहां से लाशें उठा लो.

मोदी ने कहा, ‘सर्जिकल स्ट्राइक के बाद हम पाकिस्तान को 11 बजे से ही फोन कर रहे थे, लेकिन वे फोन पर आने से भी डरे हुए थे. 12 बजे हमने उनसे बात की और तब भारतीय मीडिया को बताया गया.’

ऐतिहासिक सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने वाली टीम की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘मुझे अपनी सेना पर गर्व है, क्योंकि उन्होंने सटीकता के साथ सर्जिकल हमलों को अंजाम दिया और सुबह होने से पहले ही अपना काम पूरा कर वह लौट आई.’ पीएम मोदी ने बताया कि जो प्लान तय किया गया था, वह 100 फीसदी पूरा हुआ और एक फीसदी भी गलती नहीं हुई.

भारत को बर्दाश्त नहीं आतंकवाद

 

सीमापार आतंकवाद के मुद्दे पर मोदी ने पाकिस्तान को जमकर कोसा. उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि आतंक का निर्यात करने वालों को मोदी उसी की भाषा में जवाब देना जानता है.  

मोदी ने आगे कहा, ‘जिन्हें आतंक का निर्यात पसंद है, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि भारत बदल गया है और उनके पुराने तौर-तरीकों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हम शांति में यकीन रखते हैं, लेकिन हम आतंक का निर्यात करने वालों को बर्दाश्त नहीं करेंगे. हम उन्हें करारा जवाब देंगे और उसी भाषा में देंगे जिसे वे समझते हैं. आतंकवाद कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा.

भारत ने 28 और 29 सितंबर 2016 की रात को नियंत्रण रेखा के पार जाकर पाकिस्तान की सीमा में सात आतंकी शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक कर उन्हें तबाह कर दिया था. यह सेना की उन आतंकवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई थी, जो नियंत्रण रेखा के रास्ते भारत में घुसपैठ करने की तैयारी कर रहे थे.

भारत किसी के भू-भाग पर कब्जे के बारे में नहीं सोचता

भारत के इतिहास का जिक्र कर प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत किसी के भू-भाग पर कब्जा करने के बारे में नहीं सोचता. पहले और दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हमारा कोई लेना-देना नहीं था, लेकिन हमारे सैनिकों ने युद्ध में हिस्सा लिया. ये बड़े त्याग थे. संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा बलों में हमारी भूमिका को देखिए.

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