सर्दियों में खाएं ये हरी सब्जी, कई बीमारियां रहेंगी दूर….

सर्दी में हमेशा खाना ऐसा खाना चाहिए, जिससे बदहजमी जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। लेकिन हम आज आपको इससे निजात पाने के लिए एक रामबाण तरीका बताएंगे। आपको बता दे कि यह प्रॉब्लम्स मौसम के कारण होती हैं तो हम सिर्फ इनसे बचने के तरीके ही ढूंढ सकते हैं। इन प्रॉब्लम्स से बचने का सबसे अच्छा तरीका है मौसम के अनुसार अपनी डाइट को फिक्स करना।

सर्दियों में खाएं ये हरी सब्जी, कई बीमारियां रहेंगी दूर....

जानिये कैसे? सर्दियों में रूख्‍ाी त्वचा से निजात दिलाएंगे अंडे के छिलके

सर्दी के मौसम में सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि इन दिनों में हमें खाने के लिए कई हेल्दी हरी सब्जियों के ऑप्शन मिल जाते हैं। इन सब्जियों को हम कई तरह से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। आइए जानते हैं सर्दी के मौसम में हरी सब्जियों में एक बथुआ का सेवन करने से किन बीमारियों से दूर रह सकते हैं। बथुआ की सब्जी खाने के ये हैं चमत्कारी फायदे पथरी बथुआ पथरी की बीमारी में बहुत ही फायदेमंद साबित होती है। अगर इसका रस शक्कर के साथ मिलाकर पिया जाए तो पथरी गल जाती है।

मज़े मज़े में सलाद खाना पड़ सकता है भारी, जानिए क्या हैं नुकसान

दिल की बीमारी  बथुआ, खासकर कि उसकी लाल पत्तियां खाने से दिल की बीमारियां दूर रहती हैं। लीवर नियमित रूप से बथुए का साग खाने से लीवर मजबूत होता है। शरीर की जलन  अगर आप कहीं जल गए हों तो उस जगह बथुए के पत्तों को पीसें और इसका लेप लगा लें, जलन शांत होगी। कब्ज बथुए का रस पीने से कब्ज दूर होती है। आप बथुए का साग या फिर इसका उबला हुआ पानी भी पी सकते हैं।

बथुआ और दही बाकी सब्जियां तो हर सीजन में मिल जाती हैं, लेकिन बथुआ एक ऐसी सब्जी है, जो इसी सीजन में मिलती है और जरूरी विटामिन्स के साथ रेयर मिनरल्स जैसे कॉपर , मर्करी, और गोल्ड भी होते हैं। इसलिए बथुआ इस सीजन में ज्यादा से ज्यादा खाएं। आयुर्वेद कहता है कि गोल्ड पाइल्स के ट्रीटमेंट और इजेशन के लिए अच्छा होता है और कॉपर लीवर के लिए। बथुआ का रायता सही डाइट का एक बेहद अच्छा ऑप्शन है। क्योंकि बथुआ से सारे विटामिन्स मिल जाते हैं और दही से प्रोटीन  यह रखें डाइट सुबह उठकर एक गिलास गर्म पानी में दो चुटकी दालचीनी पाउडर से लें। दालचीनी बॉडी का मेटाबॉलिज्म ठीक करती है और जोड़ों में दर्द के लिए ठीक है। नाश्ते में फ्रूट्स और खड़े अनाज की चीज लें। दलिया, दही के साथ वेजीटेबल पराठा आदि के साथ दूध जरूर लें।
ब्रेकफास्ट और खाने के बीच कोई भी एक सूप लें। खाने के आधा घंटा पहले सूप लेने से डायजिशिन अच्छा रहता है। बाजार का सूप प्रिफर न करें। दालचीनी पाउडर, अलसी के सीड्स, गाजर, टमाटर, कॉर्न आदि को सूप में मिक्स करें। कभी अगर आप सूप नहीं ले रहे हैं तो काला नमक और जीरा डालकर दाल का पानी पी लें। शाम को स्नैक्स में भुना चना, तिली का भरपूर इस्तेमाल करें। तिली विटामिन ई का अच्छा सोर्स है। गुड़, मूंगफली ड्राय फ्रूट्स, खोपरा, बादाम को भी अपनी डाइट में इस्तेमाल करें। रात में हल्का खाना खाएं। दाल के साथ मक्के की रोटी या बाजरे की रोटी और मिक्स दलिया खा सकते हैं।
– हरी सब्जी इस मौसम में लोहे की कढ़ाई में ही बनाएं। 
– हरी सब्जी के साथ कुछ खट्टा जरूर होना चाहिए। आयरन बॉडी में तभी जाता है विटामिन सी जरूर आता है।
– दिन में एक कप हर्बल टी जरूर लें।
 
 

You May Also Like

English News