सवा दो लाख श्रद्धालुओं ने अमरनाथ यात्रा के लिए कराया पंजीकरण..

जम्मू में करंट पंजीकरण 27 जून से शुरू होगा और 28 जून को पहला जत्था पहलगाम व बालटाल के लिए रवाना होगा।सवा दो लाख श्रद्धालुओं ने अमरनाथ यात्रा के लिए कराया पंजीकरण..

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कश्मीर में काफी समय से हालात खराब चल रहे हैं, लेकिन यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। यात्रा 29 जून से शुरू हो रही है। बाबा अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण करवाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सवा दो लाख का आंकड़ा पार कर गई है। यात्रा के लिए एडवांस पंजीकरण की प्रक्रिया एक मार्च से शुरू की गई थी।

प्रशासन और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए करंट पंजीकरण भी करेगा। जम्मू में करंट पंजीकरण 27 जून से शुरू होगा और 28 जून को पहला जत्था पहलगाम व बालटाल के लिए रवाना होगा।

यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यात्रा के आधार शिविर यात्री निवास से जत्थे को रवाना करने व श्रद्धालुओं को ठहराने के प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती हो रही है। यात्रा मार्ग पर मरम्मत का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सभी आधार शिविरों में कैंप डायरेक्टर व एडशिनल कैंप डायरेक्टर पहले ही पहुंच चुके हैं। साधुओं को यात्रा के पारंपरिक मार्ग पहलगाम से रवाना किया जाएगा। साधुओं को जम्मू शहर के मंदिरों में ठहराया जा रहा है।

जम्मू, राज्य ब्यूरो। बाबा अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण करवाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सवा दो लाख का आंकड़ा पार कर गई है। हालांकि कश्मीर में काफी समय से हालात खराब चल रहे हैं, लेकिन यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। यात्रा 29 जून से शुरू हो रही है।

यात्रा के लिए एडवांस पंजीकरण की प्रक्रिया एक मार्च से शुरू की गई थी। प्रशासन और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए करंट पंजीकरण भी करेगा। जम्मू में करंट पंजीकरण 27 जून से शुरू होगा और 28 जून को पहला जत्था पहलगाम व बालटाल के लिए रवाना होगा।

यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यात्रा के आधार शिविर यात्री निवास से जत्थे को रवाना करने व श्रद्धालुओं को ठहराने के प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती हो रही है। यात्रा मार्ग पर मरम्मत का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सभी आधार शिविरों में कैंप डायरेक्टर व एडशिनल कैंप डायरेक्टर पहले ही पहुंच चुके हैं। साधुओं को यात्रा के पारंपरिक मार्ग पहलगाम से रवाना किया जाएगा। साधुओं को जम्मू शहर के मंदिरों में ठहराया जा रहा है।

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