साइना नेहवाल के पापा के विवाद पर बोलीं ज्वाला गुट्टा- मेरे घरवाले मैच के टिकट खरीदते हैं

ऑस्ट्रेलिया में होने जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में साइना नेहवाल के पिता को एंट्री न मिलने का विवाद समाप्त हो गया है, लेकिन इस मामले में अब दो भारतीय खिलाड़ियों के बीच विवाद छिड़ गया है. साइना के ट्विटर पर इस मामले को उठाने के बाद भारत की शीर्ष डबल्स बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने उन्हें अपने निशाने पर लिया है.ऑस्ट्रेलिया में होने जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में साइना नेहवाल के पिता को एंट्री न मिलने का विवाद समाप्त हो गया है, लेकिन इस मामले में अब दो भारतीय खिलाड़ियों के बीच विवाद छिड़ गया है. साइना के ट्विटर पर इस मामले को उठाने के बाद भारत की शीर्ष डबल्स बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने उन्हें अपने निशाने पर लिया है.   Gutta Jwala ✔ @Guttajwala  Hmmm..my family always paid for tickets n stayed in hotels...I have no idea what’s being promised n what’s the demand?? But for the games when u know dates long before the team leaves..isn’t it better to book n plan in advance? Threatening not play..is it correct??  7:15 PM - Apr 3, 2018 326 90 people are talking about this Twitter Ads info and privacy ज्वाला ने इस मामले पर मंगलवार को दो ट्वीट किए. उन्होंने साइना का नाम लिए बिना उनको अपने निशाने पर लिया. ज्वाला ने लिखा, 'मेरे परिवार ने हमेशा टिकटों के पैसे दिए और होटलों में रुके. मुझे नहीं पता कि क्या वादा किया गया और मांग क्या है? लेकिन जब आपको टीम के रवाना होने से काफी पहले ही तारीखों और कार्यक्रम की जानकारी है, ऐसे में क्या पहले से योजना नहीं बनानी चाहिए थी? न खेलने की धमकी देना, क्या ये सही है?'  Gutta Jwala ✔ @Guttajwala  Funny...how such things like demanding for money awards plots etc etc  on social media doesn’t count for controversies...and when asked for right to play is controversial 😒🙄 #hypocrisytoanotherlevel  7:19 PM - Apr 3, 2018 132 34 people are talking about this Twitter Ads info and privacy उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा, 'यह हास्यास्पद है. सोशल मीडिया पर पैसे, और पुरस्कार जैसी चीजें मांगना को विवाद क्यों नहीं कहा जाता, जबकि खेलने के अधिकार की बात करो को यह विवाद बन जाता है.' इसके साथ ज्वाला ने एक हैशटैग भी दिया जिसमें लिखा था 'नई ऊंचाई पर पाखंड'.  आपको बता दें कि पिता को कॉमनवेल्थ गेम्स खेल गांव में एंट्री ना मिलने पर साइना नेहवाल ने ट्वीट कर इस संबंध में अपनी नाराजगी जाहिर की थी.   Saina Nehwal ✔ @NSaina  Surprise to see that when we started from India for commonwealth games 2018 my father was confirmed as the team official and I paid the whole amount for that but when we came to the games village ... his name was cut from team official category .. and he can’t even stay with me .  7:53 PM - Apr 2, 2018 · Gold Coast, Queensland 3,306 709 people are talking about this Twitter Ads info and privacy उन्होंने कहा था, मेरे पिता मेरे मैच नहीं देख सकते. वह मुझसे मिल भी नहीं सकते. यह किस तरह की मदद हुई?  Saina Nehwal ✔ @NSaina  He can’t c my matches and he can’t enter the village nor he can meet me in anyway .. what kind of support is this ..@thecgf  7:55 PM - Apr 2, 2018 · Gold Coast, Queensland 953 179 people are talking about this Twitter Ads info and privacy साइना ने कहा, 'मैं अपने पिता को मैचों में ले जाती हूं. मुझे उनके सपोर्ट की जरूरत रहती है. मुझे समझ नहीं आ रहा है कि अगर ऐसा होना था तो मुझे पहले क्यों नहीं बताया गया.'  Saina Nehwal ✔ @NSaina  I wanted his support as I regularly take him for my competitions ...but i didn’t understand why nobody informed me all this earlier .. that he can’t enter anywhere #CommonwealthGames2018  7:57 PM - Apr 2, 2018 · Gold Coast, Queensland 1,415 241 people are talking about this Twitter Ads info and privacy हालांकि, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की पहल से यह विवाद 24 घंटे के भीतर ही समाप्त हो गया . मंगलवार को हरवीर सिंह की कॉमनवेल्थ गेम्स खेल गांव में एंट्री हो गई. अब हरवीर अपनी बेटी साइना के मैचों को देख सकते हैं. इसके बाद साइना ने मदद के लिए आईओए का शुक्रिया अदा किया. View image on Twitter View image on Twitter  Saina Nehwal ✔ @NSaina  Thank u so much @ioaindia for the support and help sorting out my father’s accreditation card in such short notice ..Hopefully it will b great for the matches ahead ..and I m sorry for all the trouble 🙏🙏#CommonwealthGames2018  5:49 PM - Apr 3, 2018 · Gold Coast, Queensland 2,347 286 people are talking about this Twitter Ads info and privacy इसके बाद ज्वाला ने साइना पर तंज किया है. वैसे साइना नेहवाल और ज्वाला गुट्टा के बीच जुबानी जंग नई नहीं है. 2012 में ज्वाला ने साइना पर टिप्पणी की थी और कहा था कि वह अकेली ही मेहनती खिलाड़ी नहीं हैं, लेकिन उन्हें ही प्रमोट किया जाता है. ज्वाला की शिकायत रही है कि उनके साथ बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने हमेशा से सौतेला व्यवहार किया है.  इसके बाद 2013 में भी ज्वाला ने साइना पर निशाना साधा था. साइना ने इंडोनेशिया के दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी तौफीक हिदायत पर टिप्पणी की थी, जिसके विरोध में ज्वाला ने साइना का नाम लिए बिना उन्हें साथी खिलाड़ियों की इज्जत करने को कहा था.  पूर्व ओलंपिक और विश्व चैंपियन हिदायत ने इंडियन बैडमिंटन लीग में में विदेशी खिलाड़ियों के साथ भेदभाव और कम रकम मिलने की शिकायत की थी. इस पर साइना ने कहा था कि हिदायत को यह नहीं भूलना चाहिए कि वह रिटायर हो चुके हैं. इसके बाद ज्वाला ने बिना साइना का नाम लिए ट्वीट किया था, 'तौफीक महान खिलाड़ी हैं और मुझे नहीं लगता कि आप उनकी बात को सिर्फ इसलिए खारिज कर दें क्योंकि वह रिटायर हो चुके हैं.'

ज्वाला ने इस मामले पर मंगलवार को दो ट्वीट किए. उन्होंने साइना का नाम लिए बिना उनको अपने निशाने पर लिया. ज्वाला ने लिखा, ‘मेरे परिवार ने हमेशा टिकटों के पैसे दिए और होटलों में रुके. मुझे नहीं पता कि क्या वादा किया गया और मांग क्या है? लेकिन जब आपको टीम के रवाना होने से काफी पहले ही तारीखों और कार्यक्रम की जानकारी है, ऐसे में क्या पहले से योजना नहीं बनानी चाहिए थी? न खेलने की धमकी देना, क्या ये सही है?’

उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा, ‘यह हास्यास्पद है. सोशल मीडिया पर पैसे, और पुरस्कार जैसी चीजें मांगना को विवाद क्यों नहीं कहा जाता, जबकि खेलने के अधिकार की बात करो को यह विवाद बन जाता है.’ इसके साथ ज्वाला ने एक हैशटैग भी दिया जिसमें लिखा था ‘नई ऊंचाई पर पाखंड’.

आपको बता दें कि पिता को कॉमनवेल्थ गेम्स खेल गांव में एंट्री ना मिलने पर साइना नेहवाल ने ट्वीट कर इस संबंध में अपनी नाराजगी जाहिर की थी.

उन्होंने कहा था, मेरे पिता मेरे मैच नहीं देख सकते. वह मुझसे मिल भी नहीं सकते. यह किस तरह की मदद हुई?

 साइना ने कहा, ‘मैं अपने पिता को मैचों में ले जाती हूं. मुझे उनके सपोर्ट की जरूरत रहती है. मुझे समझ नहीं आ रहा है कि अगर ऐसा होना था तो मुझे पहले क्यों नहीं बताया गया.’
 

हालांकि, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की पहल से यह विवाद 24 घंटे के भीतर ही समाप्त हो गया . मंगलवार को हरवीर सिंह की कॉमनवेल्थ गेम्स खेल गांव में एंट्री हो गई. अब हरवीर अपनी बेटी साइना के मैचों को देख सकते हैं. इसके बाद साइना ने मदद के लिए आईओए का शुक्रिया अदा किया.

 इसके बाद ज्वाला ने साइना पर तंज किया है. वैसे साइना नेहवाल और ज्वाला गुट्टा के बीच जुबानी जंग नई नहीं है. 2012 में ज्वाला ने साइना पर टिप्पणी की थी और कहा था कि वह अकेली ही मेहनती खिलाड़ी नहीं हैं, लेकिन उन्हें ही प्रमोट किया जाता है. ज्वाला की शिकायत रही है कि उनके साथ बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने हमेशा से सौतेला व्यवहार किया है.
 
 इसके बाद 2013 में भी ज्वाला ने साइना पर निशाना साधा था. साइना ने इंडोनेशिया के दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी तौफीक हिदायत पर टिप्पणी की थी, जिसके विरोध में ज्वाला ने साइना का नाम लिए बिना उन्हें साथी खिलाड़ियों की इज्जत करने को कहा था.

पूर्व ओलंपिक और विश्व चैंपियन हिदायत ने इंडियन बैडमिंटन लीग में में विदेशी खिलाड़ियों के साथ भेदभाव और कम रकम मिलने की शिकायत की थी. इस पर साइना ने कहा था कि हिदायत को यह नहीं भूलना चाहिए कि वह रिटायर हो चुके हैं. इसके बाद ज्वाला ने बिना साइना का नाम लिए ट्वीट किया था, ‘तौफीक महान खिलाड़ी हैं और मुझे नहीं लगता कि आप उनकी बात को सिर्फ इसलिए खारिज कर दें क्योंकि वह रिटायर हो चुके हैं.’

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