साईं व्रत दिलाएगा इच्छुक फल की प्राप्ति

हफ्ते में आने वाला गुरूवार का दिन साईं बाबा का होता हैं इस दिन साईं बाबा की ख़ास तरीके से पूजा की जाती है और साईं भक्त हर गुरूवार को अपने पूरे मन से सांई बाबा का व्रत कर विधि विधान से पूजा पाठ करते हैं. ऐसा माना गया है कि अगर कोई व्यक्ति साईं का व्रत पूरी श्रद्धा से रखता है और पूरे विधि विधान से साईं की पूजा पाठ करता है तो उसकी झोली हमेशा खुशियों से भरी रहेंगी और उसके जीवन में कभी किसी प्रकार की समस्या नहीं आएँगी.हफ्ते में आने वाला गुरूवार का दिन साईं बाबा का होता हैं इस दिन साईं बाबा की ख़ास तरीके से पूजा की जाती है और साईं भक्त हर गुरूवार को अपने पूरे मन से सांई बाबा का व्रत कर विधि विधान से पूजा पाठ करते हैं. ऐसा माना गया है कि अगर कोई व्यक्ति साईं का व्रत पूरी श्रद्धा से रखता है और पूरे विधि विधान से साईं की पूजा पाठ करता है तो उसकी झोली हमेशा खुशियों से भरी रहेंगी और उसके जीवन में कभी किसी प्रकार की समस्या नहीं आएँगी.    आपको साईं की पूजा करते समय कुछ ख़ास बातों पर अवश्य ध्यान देना होगा नहीं तो आपको पूरी तरह इस व्रत का फल नहीं मिलेगा. तो चलिए जानते हैं कि साईं का व्रत किस प्रकार पूर्ण विधि विधान से किया जाना चाहिए. बता दें कि साईं बाबा के व्रत 1, 9, 11 या 21 गुरूवार किये जाते हैं जिसे करने पर इच्छुक फल की प्राप्ति होती है.    कोई भी स्त्री या पुरुष इस व्रत को कर सकता है जब भी आप इस व्रत की शुरुआत करें तो सबसे पहले साईं नाथ का नाम लेकर ही करें. पूजन विधि प्रारंभ करने से पहले आसन पर पीला कपडा बिछाकर साईंबाबा की तस्वीर उस पर रखें. फिर तस्वीर पर चंदन व कुम-कुम लगाकर पीले फूल या हार चढाऐं और भोग लगाऐं. पूजा के बाद हर गुरूवार को साईं के मंदिर जाए. इस व्रत को आप फलाहार लेकर भी कर सकते हैं. जब भी आप इस व्रत का उद्यापन करें तब आप गरीबों को भेजन करवाऐं और साईं की कथा की पुस्तक भेंट करें और प्रसाद के रूप में आप खिचड़ी बांटे.हफ्ते में आने वाला गुरूवार का दिन साईं बाबा का होता हैं इस दिन साईं बाबा की ख़ास तरीके से पूजा की जाती है और साईं भक्त हर गुरूवार को अपने पूरे मन से सांई बाबा का व्रत कर विधि विधान से पूजा पाठ करते हैं. ऐसा माना गया है कि अगर कोई व्यक्ति साईं का व्रत पूरी श्रद्धा से रखता है और पूरे विधि विधान से साईं की पूजा पाठ करता है तो उसकी झोली हमेशा खुशियों से भरी रहेंगी और उसके जीवन में कभी किसी प्रकार की समस्या नहीं आएँगी.    आपको साईं की पूजा करते समय कुछ ख़ास बातों पर अवश्य ध्यान देना होगा नहीं तो आपको पूरी तरह इस व्रत का फल नहीं मिलेगा. तो चलिए जानते हैं कि साईं का व्रत किस प्रकार पूर्ण विधि विधान से किया जाना चाहिए. बता दें कि साईं बाबा के व्रत 1, 9, 11 या 21 गुरूवार किये जाते हैं जिसे करने पर इच्छुक फल की प्राप्ति होती है.    कोई भी स्त्री या पुरुष इस व्रत को कर सकता है जब भी आप इस व्रत की शुरुआत करें तो सबसे पहले साईं नाथ का नाम लेकर ही करें. पूजन विधि प्रारंभ करने से पहले आसन पर पीला कपडा बिछाकर साईंबाबा की तस्वीर उस पर रखें. फिर तस्वीर पर चंदन व कुम-कुम लगाकर पीले फूल या हार चढाऐं और भोग लगाऐं. पूजा के बाद हर गुरूवार को साईं के मंदिर जाए. इस व्रत को आप फलाहार लेकर भी कर सकते हैं. जब भी आप इस व्रत का उद्यापन करें तब आप गरीबों को भेजन करवाऐं और साईं की कथा की पुस्तक भेंट करें और प्रसाद के रूप में आप खिचड़ी बांटे.

आपको साईं की पूजा करते समय कुछ ख़ास बातों पर अवश्य ध्यान देना होगा नहीं तो आपको पूरी तरह इस व्रत का फल नहीं मिलेगा. तो चलिए जानते हैं कि साईं का व्रत किस प्रकार पूर्ण विधि विधान से किया जाना चाहिए. बता दें कि साईं बाबा के व्रत 1, 9, 11 या 21 गुरूवार किये जाते हैं जिसे करने पर इच्छुक फल की प्राप्ति होती है.

कोई भी स्त्री या पुरुष इस व्रत को कर सकता है जब भी आप इस व्रत की शुरुआत करें तो सबसे पहले साईं नाथ का नाम लेकर ही करें. पूजन विधि प्रारंभ करने से पहले आसन पर पीला कपडा बिछाकर साईंबाबा की तस्वीर उस पर रखें. फिर तस्वीर पर चंदन व कुम-कुम लगाकर पीले फूल या हार चढाऐं और भोग लगाऐं. पूजा के बाद हर गुरूवार को साईं के मंदिर जाए. इस व्रत को आप फलाहार लेकर भी कर सकते हैं. जब भी आप इस व्रत का उद्यापन करें तब आप गरीबों को भेजन करवाऐं और साईं की कथा की पुस्तक भेंट करें और प्रसाद के रूप में आप खिचड़ी बांटे.

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