साजिश के चलते हरियाणा को जलाया गया-यशपाल मलिक

जाट नेता यशपाल मलिक ने भाजपा पर आरोप लगते हुए कहा है कि जाट आरक्षण आंदोलन में कैप्टन अभिमन्यु और ओपी धनखड़ ने साजिश रची थी. मलिक ने कहा कि कैप्टन अभिमन्यु और धनखड़ ने सीएम बनने की महत्वाकांक्षा पूरी करने के लिए साजिश रची थी. इस साजिश के चलते ही पूरे हरियाणा को आंदोलन के दौरान जलाया गया था.जाट नेता यशपाल मलिक ने भाजपा पर आरोप लगते हुए कहा है कि जाट आरक्षण आंदोलन में कैप्टन अभिमन्यु और ओपी धनखड़ ने साजिश रची थी. मलिक ने कहा कि कैप्टन अभिमन्यु और धनखड़ ने सीएम बनने की महत्वाकांक्षा पूरी करने के लिए साजिश रची थी. इस साजिश के चलते ही पूरे हरियाणा को आंदोलन के दौरान जलाया गया था. हरियाणा जाट हिंसा की कसूरवार, बीजेपी सरकार -पूर्व मुख्यमंत्री मलिक का कहना है कि आंदोलन में हिंसा के लिए सीएम मनोहर लाल खट्टर , राजकुमार सैनी, ओपी धनखड़ और कैप्टन अभिमन्यु की जिम्मेदारी तय हो. यशपाल मलिक ने पीएम मोदी और अमित शाह से सीएम मनोहर लाल को बर्खास्त करने की मांग की है. वहीं मलिक का कहना है कि विपक्ष पर बेजवजह आरोप लगाए जा रहे हैं. बैठक के दौरान यशपाल मलिक ने वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु पर खुलकर हमला बोला. हरियाणा: अब सरकार को बताना होगा शादी के बाद ससुराल से क्या मिला उन्होंने कहा कि कैप्टन अभिमन्यु और कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा की साजिश रची थी.उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी उन्हें आंदोलन के लिए उकसा रही है. मलिक ने कहा कि अगर वे आंदोलन करने पर आए तो एक घंटे की सूचना पर आंदोलन हो सकता है. हरियाणा के हर जिले में जाट समिति की 21 जुलाई को बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की जाना है.

मलिक का कहना है कि आंदोलन में हिंसा के लिए सीएम मनोहर लाल खट्टर , राजकुमार सैनी, ओपी धनखड़ और कैप्टन अभिमन्यु की जिम्मेदारी तय हो. यशपाल मलिक ने पीएम मोदी और अमित शाह से सीएम मनोहर लाल को बर्खास्त करने की मांग की है. वहीं मलिक का कहना है कि विपक्ष पर बेजवजह आरोप लगाए जा रहे हैं. बैठक के दौरान यशपाल मलिक ने वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु पर खुलकर हमला बोला.

उन्होंने कहा कि कैप्टन अभिमन्यु और कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा की साजिश रची थी.उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी उन्हें आंदोलन के लिए उकसा रही है. मलिक ने कहा कि अगर वे आंदोलन करने पर आए तो एक घंटे की सूचना पर आंदोलन हो सकता है. हरियाणा के हर जिले में जाट समिति की 21 जुलाई को  बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की जाना है. 

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