सात देशों पर प्रतिबंध लगाने वाले फैसले पर अड़े ट्रंप, कहा- यह मुस्लिम बैन नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौतरफा आलोचना के बीच सात देशों के लोगों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के अपने फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बहुत अच्छे से काम कर रहा है और इसे कई साल पहले ही ले लिया जाना चाहिए था। ट्रंप ने आगे कहा कि हम बिलकुल सख्त प्रतिबंध लगाने जा रहे हैं।
सात देशों पर प्रतिबंध लगाने वाले फैसले पर अड़े ट्रंप, कहा- यह मुस्लिम बैन नहीं

ट्रंप ने मुस्लिमों के प्रवेश पर लगाया प्रतिबंध तो ईरान ने उठाया बड़ा कदम

दुनिया के सात मुस्लिम बहुल देशों के लोगों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने वाले डोनाल्ड ट्रंप के फैसले का देश और विदेश में भारी विरोध हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रतिबंध सभी मुस्लिमों पर नहीं है। ट्रंप ने सफाई देते हुए कहा है कि यह ‘मुस्लिम बैन’ नहीं है। लोगों में भ्रम फैलाया जा रहा है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक एक बयान में ट्रंप ने कहा, ‘अमेरिका आप्रवासियों का चहीता देश है और हम आगे भी उत्पीड़ित लोगों के प्रति दया दिखाते रहेंगे लेकिन हमें अपने नागरिकों और सीमा की सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होगी। अमेरिका हमेशा से ही आजादी और वीरों की भूमि रहा है।’

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ट्रंप ने कहा कि ‘यह धर्म के बारे में नहीं है यह आतंकवाद और हमारे देश को सुरक्षित रखने के बारे में है।’ उन्होंने कहा कि इस आदेश से अन्य 40 मुस्लिम देश प्रभावित नहीं होंगे। वहीं ट्रंप के शासकीय आदेश का बचाव करते हुए वाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति वही कर रहे हैं जिसका उन्होंने अपने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था।

मीडिया लोगों में फैला रहा है भ्रमः ट्रंप

ट्रंप ने मीडिया पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, ‘मीडिया लोगों में भ्रम फाला रहा है।’ ट्रंप ने कहा कि ‘यह मीडिया भी जानता है कि हम अमेरिका को सुरक्षित और आजाद रखेंगे। और मैं यह साफ करना चाहता हूं कि यह मुस्लिम बैन नहीं है जैसा मीडिया अफवाह फैला रहा है।’

गौरतलब है कि ट्रंप ने शु्क्रनवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए जिसमें सात मुस्लिम देशों के अप्रवासियों के अमेरिका में आने पर प्रतिबंध लगा दिया। इस आदेश के तहत इराक, सीरिया, ईरान, सूडान, लीबिया, सोमालिया और यमन के लोगों की गहन जांच के बाद ही उन्हें अमेरिका में प्रवेश मिल सकता है।

आदेश पर दस्तखत करने के बाद विमान में सवार रहे सात मुस्लिम देशों के लोग जब अमेरिका पहुंचे, तो उनको हिरासत में ले लिया गया। जिसके बाद में दुनिया भर में विरोध-प्रदर्शन हुआ।

 
 

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