सामने आया हिंदूवादी योगी का दूसरा चेहरा… मुस्लिम की मौत पर..!

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ का भी गुजरात से एक अलग ही रिश्ता है। बीते दिनों ही योगी को लेकर खबर आई थी कि उनके सीएम बनने की भविष्यवाणी भी एक गुजराती संत ने की थी। अब सीएम योगी का एक और गुजराती रिश्ता सामने आया है। यह सच जानकर लोग चौंक जरूर जाएंगे क्योंकि यह कोई हिंदू नहीं बल्कि मुस्लिम थे।

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सीएम योगी का नया चेहरा

सीएम योगी मुस्लिम गुरुभाई भी गुजरात के ही हैं और इनसे लगाव एक सगे भाई जैसा ही था। यूपी के गोरखपुर लोकसभा सीट को पांच बार से संभाल रहे योगी अपने गुरुभाई से मिलने गुजरात जाया ही करते थे।

प्रदेश के विसनगर के नाथ संप्रदाय वाले मठ के महंत गुलाबनाथ बापू मुस्लिम परिवार में जन्में थे। जन्म से उनका नाम गुल मोहम्मद पठान था, लेकिन उनकी पहचान हिंदू हार्डलाइनर के तौर पर है।

योगी के गुरु महंत अवैद्यनाथ गुलाबनाथ बापू के भी गुरु हैं। दोनों का आपसी संबंध बहुत प्रगाढ़ है। जब गुलाबनाथ बापू का 6 दिसंबर 2016 को 86 वर्ष की उम्र में निधन हुआ था उस वक्त योगी उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए थे। जहां योगी अपने आंसुओं को नहीं रोक पाए थे।

इतना ही नहीं योगी ने मठ के नए महंत को भी नियुक्त किया था। मठ की तरफ से विसनगर और वडगाम में मंदिरों के संचालन के साथ अन्नक्षेत्र (मुफ्त भोजन वितरण) का इंतजाम किया जाता है। वडगाम में 18 साल की उम्र में महंत गुलबनाथ ने महंत बालकनाथ से दीक्षा ली थी।

मठ के नए संचालक शंकरनाथ ने बताया, ‘गुलाबनाथ बापू गुरु-शिष्य परंपरा की छठी पीढ़ी थे। गोरखनाथ मठ के महंत अवैद्यनाथ और योगी आदित्यनाथ के बहुत घनिष्ठ संबंध थे। बापू अवैद्यनाथ को अपने गुरु की तरह मानते थे और इस वजह से योगी आदित्यनाथ को अपना गुरुभाई मानते थे।’

गोरखपुर मठ में होने वाले सभी बड़े कार्यक्रमों में बापू गुलबानाथ शरीक होते थे। पिछले साल जब बापू गोरखपुर मठ गए थे तो उन्हें योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मानित भी किया था। नए मठ प्रमुख ने बताया कि हर साल योगी 2 से तीन बार विसनगर मठ जरूर आते हैं।

नए मठ प्रमुख शंकरनाथ ने बताया, ‘बापू की सेहत बिगड़ने पर योगी लगातार फोन कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेते थे। योगी का यहां से नाता सिर्फ नाथ संप्रदाय की वजह से नहीं है। वह इस जगह से अलग से अपना रिश्ता महसूस करते हैं।’

उन्होंने कहा, ‘हम पिछले 25 साल से उन्हें जानते हैं। वह बहुत उर्जावान और नए विचारों से भरे रहने वाले इंसान हैं। वह परंपरा के खिलाफ जाने वाले विचारों को स्वीकार नहीं करेंगे।’

 

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