सावधान ! एटीएम से निकल रहे ‘मनोरंजन बैंक’ के नोट

देश की जनता पहले ही कई सारी समस्याओं से जूझ रही है, जैसे डाटा लीक, पेपर लीक, बलात्कार, कहीं बेमौसम बारिश तो कहीं गर्मी की मार, सीमा पर पाकिस्तान और सीमा के अंदर आतंकवाद, रोज़ाना अख़बार इन सब घटनाओं से लथपथ आता है, ऐसे में जनता के लिए एक और बुरी खबर है, उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सरकारी बैंकों से नकली नोट निकलने की घटना सामने आई है, जिससे सब हैरत में हैं.लखनऊ: देश की जनता पहले ही कई सारी समस्याओं से जूझ रही है, जैसे डाटा लीक, पेपर लीक, बलात्कार, कहीं बेमौसम बारिश तो कहीं गर्मी की मार, सीमा पर पाकिस्तान और सीमा के अंदर आतंकवाद, रोज़ाना अख़बार इन सब घटनाओं से लथपथ आता है, ऐसे में जनता के लिए एक और बुरी खबर है, उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सरकारी बैंकों से नकली नोट निकलने की घटना सामने आई है, जिससे सब हैरत में हैं.  यह घटना 22 अप्रैल की है, जब एक हिंदी अख़बार के पत्रकार प्रवीण उत्तम, बरेली के सुभाष नगर इलाके में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से 1200 रुपये निकालकर बाहर निकल रहे थे. एटीएम से 500 के 2 और 100 के 2 नोट निकले थे, पैसे लेकर जैसे ही प्रवीण एटीएम से बाहर निकल कर उन्होंने नोटों को जेब में रखने के लिए, उनपर एक नज़र डाली तो उनके होश उड़ गए, एटीएम से निकला 500 के एक नोट नकली था, जाली भी नहीं, वो "मनोरंजन बैंक ऑफ़ इंडिया" का नोट था, जो बच्चे खेलने के लिए इस्तेमाल करते हैं.प्रवीण इस घटना से अवाक् थे, तभी अशोक पाठक नमक एक और व्यक्ति वहां पैसे निकलने पहुंचे तो उनके साथ भी यही घटना घटी, उन्होंने साढ़े चार हज़ार रूपए निकाले, जिसमे से 500 के दो नोट "चिल्ड्रन बैंक ऑफ़ इंडिया के निकले". ये दोनों वयक्ति एटीएम में ही खड़े थे कि एक तीसरा व्यक्ति इंद्रा कुमार शुक्ल वहां आ पहुंचा, पूर्व के दोनों व्यक्तियों ने इंद्र कुमार को घटना के बारे में बताया तो तीनों ने एटीएम से पैसे निकलने का वीडियो बनाने का प्लान बनाया, इंद्रा कुमार के साथ भी जब यही धोका हुआ, तो वो कैमरे में क़ैद हो गया.  इन तीनों लोगों ने सोचा कि अब पूरे सबूत के साथ यह बात बैंक के मैनेजर को बताई जाए.  जब बैंक मैनेजर बच्चन साहा को तीनों व्यक्तियों ने ठगी कि दास्ताँ बताई तो वो भी हैरत में पड़ गए. इस पूरे वाकये का वीडियो शूट भी पक्के सबूत के तौर पर सामने था. इसलिए इनकार करना संभव नहीं था. बैंक मैनेजर ने इन तीनों लोगों से लिखित शिकायत दर्ज कराइ, जांच पड़ताल में पता चला  बरेली शहर में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के तीन ATM हैं. इन तीनों ATM में नोटों के भरने का काम बैंक नहीं, बल्कि बाहर की एक एजेंसी करती है, जिसका नाम Securitrans India Pvt Ltd है. लेकिन इसके बाद जब Securitrans India से संपर्क करने की कोशिश की गई तो कई बार कोशिश के बावजूद कोई सामने नहीं आया.  खुद जब बैंक के मैनेजर ने 19 अप्रैल को बैंक से नोट ले जाने वाले राहुल मिश्रा को बैंक बुलाना चाहा तब भी कोई सामने नहीं आया, यहाँ तक कि एटीएम में नोट भरने वाली कंपनी के लेटर पैड पर भी 9 डिजिट का ही नंबर लिखा हुआ है. इसकी शिकायत पुलिस में कर दी गई है, पुलिस पुरे मामले की जांच कर रही है.

यह घटना 22 अप्रैल की है, जब एक हिंदी अख़बार के पत्रकार प्रवीण उत्तम, बरेली के सुभाष नगर इलाके में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से 1200 रुपये निकालकर बाहर निकल रहे थे. एटीएम से 500 के 2 और 100 के 2 नोट निकले थे, पैसे लेकर जैसे ही प्रवीण एटीएम से बाहर निकल कर उन्होंने नोटों को जेब में रखने के लिए, उनपर एक नज़र डाली तो उनके होश उड़ गए, एटीएम से निकला 500 के एक नोट नकली था, जाली भी नहीं, वो “मनोरंजन बैंक ऑफ़ इंडिया” का नोट था, जो बच्चे खेलने के लिए इस्तेमाल करते हैं.प्रवीण इस घटना से अवाक् थे, तभी अशोक पाठक नमक एक और व्यक्ति वहां पैसे निकलने पहुंचे तो उनके साथ भी यही घटना घटी, उन्होंने साढ़े चार हज़ार रूपए निकाले, जिसमे से 500 के दो नोट “चिल्ड्रन बैंक ऑफ़ इंडिया के निकले”. ये दोनों वयक्ति एटीएम में ही खड़े थे कि एक तीसरा व्यक्ति इंद्रा कुमार शुक्ल वहां आ पहुंचा, पूर्व के दोनों व्यक्तियों ने इंद्र कुमार को घटना के बारे में बताया तो तीनों ने एटीएम से पैसे निकलने का वीडियो बनाने का प्लान बनाया, इंद्रा कुमार के साथ भी जब यही धोका हुआ, तो वो कैमरे में क़ैद हो गया.

इन तीनों लोगों ने सोचा कि अब पूरे सबूत के साथ यह बात बैंक के मैनेजर को बताई जाए.  जब बैंक मैनेजर बच्चन साहा को तीनों व्यक्तियों ने ठगी कि दास्ताँ बताई तो वो भी हैरत में पड़ गए. इस पूरे वाकये का वीडियो शूट भी पक्के सबूत के तौर पर सामने था. इसलिए इनकार करना संभव नहीं था. बैंक मैनेजर ने इन तीनों लोगों से लिखित शिकायत दर्ज कराइ, जांच पड़ताल में पता चला  बरेली शहर में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के तीन ATM हैं. इन तीनों ATM में नोटों के भरने का काम बैंक नहीं, बल्कि बाहर की एक एजेंसी करती है, जिसका नाम Securitrans India Pvt Ltd है. लेकिन इसके बाद जब Securitrans India से संपर्क करने की कोशिश की गई तो कई बार कोशिश के बावजूद कोई सामने नहीं आया.  खुद जब बैंक के मैनेजर ने 19 अप्रैल को बैंक से नोट ले जाने वाले राहुल मिश्रा को बैंक बुलाना चाहा तब भी कोई सामने नहीं आया, यहाँ तक कि एटीएम में नोट भरने वाली कंपनी के लेटर पैड पर भी 9 डिजिट का ही नंबर लिखा हुआ है. इसकी शिकायत पुलिस में कर दी गई है, पुलिस पुरे मामले की जांच कर रही है. 

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