सावधान: पेडिक्योर से हो सकती हैं HIV और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियां!

पिछले कुछ सालों से फिश स्पा और पेडीक्योर काफी चलन में हैं। छोटी-छोटी मछलियों से भरे हुए टैंक में अपने पैर डालकर मृत कोशिकाओं को निकलवाने के बारे में सुनकर ही काफी अच्छा लगने लगता है। हर मॉल में फिश पेडीक्योर का स्टॉल आसानी से मिल ही जाता है जिस पर जाकर हमारी नजरें जा टिकती हैं। क्या आप फिश स्पा कराती हैं? या फिर अगर आप फिश स्पा कराने का सोच रही हैं? तो एक बार ये खबर जरूर पढ़ लें।सावधान: पेडिक्योर से हो सकती हैं HIV और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियां!जो मछलियां आपको मसाज के आनंद के साथ आपकी स्किन को निखार देती हैं, यह फिश स्पा आपके लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट ने फिश स्पा कराने वालो को चेतावनी दी है कि इससे एचआईवी और हेपेटाइटिस C जैसी खतरनाक बीमारियां फैल सकती हैं।

गवर्नमेंट हेल्थ प्रोटेक्शन एजेंसी द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक, डायबिटीज या जिनका प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर हैं, ऐसे लोगों को फिश स्पा से दूर ही रहना चाहिए क्योंकि ये लोग इसका शिकार हो सकते हैं। पिछले काफी समय में कई ऐसे केस सामने आए हैं जिसमें लोग फिश स्पा के दौरान वायरस की चपेट में आ गए।

गाइडलाइन में यह भी बताया गया है कि अगर फिश टैंक का पानी नहीं बदला जा रहा है तो एक कस्टमर से दूसरे कस्टमर को इन्फेक्शन हो सकता है। वहीं अगर कोई कस्टमर एचआईवी वायरस या हेपेटाइटिस से पीड़ित है और पेडिक्योर के दौरान खून निकलता है तो इन्फेक्शन फैलने की आशंका बढ़ जाती है।

कुछ समय से आ रही ऐसी शिकायतों को देखते हुए यूएस के कुछ राज्यों में फिश स्पा को बैन कर दिया गया है, क्योंकि खुले घावों के जरिए सीधे इन्फेक्शन फैलने का खतरा रहता है। बता दें कि इस ट्रीटमेंट में छोटी-छोटी मछलियां ग्राहकों की डेड स्किन पर हमला कर त्वचा का निखारने में मदद करती हैं।

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