#सावधान: मोबाइल पेमेंट करने से पहले जरुर ध्यान में रखें ये बात…

नोटबंदी के बाद से सरकार ने जिस तरह से डिजिटल तरीके से पेमेंट करने को बढ़ावा दिया है, उससे लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना कर पड़ रहा है। स्मार्टफोन और इंटरनेट के सस्ते होने से ज्यादातर लोग मोबाइल से ही पेमेंट करने लगे हैं। लेकिन लोगों में स्मार्टफोन को वायरस व हैकिंग आदि से सेफ करने की जानकारी न होने के कारण कई बार साइबर थेफ्ट के शिकार हो जाते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं वो 10 बातें, जिनको मोबाइल पेमेंट करने से ध्यान रखना चाहिए। #सावधान: मोबाइल पेमेंट करने से पहले जरुर ध्यान में रखें ये बात...Amazon सेल: अब इन कंपनियों के स्मार्टफोन पर मिलेंगे भारी छूट…

सावधानी से करें इंटरनेट पर सर्च
जब भी आप इंटरनेट पर किसी तरह के प्रॉडक्ट के बारे में सर्च या सोशल मीडिया पर उसका विज्ञापन देखते हैं तो गलती से ऐसी साइट्स पर चले जाते हैं जो कि पूरी तरह से फर्जी होती हैं। इन साइट्स को भी सर्च इंजन पर पहले से लेकर के पांचवे नंबर पर दिखाया जाता है। आमतौर पर लोग ऐसी वेबसाइट्स को सही मान लेते हैं, उन्हें लगता है कि यह सही होगी। हालांकि ऐसा नहीं होता है। इसलिए फर्जी वेबसाइट के बारे में पता करने के लिए उसका सर्टिफिकेट चेक जरुर करें।

ऐसे करें सर्टिफिकेट को चेक
कभी भी किसी वेबसाइट के सर्टिफिकेट को चेक करने के लिए या फिर उसके बारे में पता करने के लिए वेबसाइट के लिंक पर क्लिक न करके उसके यूआरएल को टाइप करें। हालांकि इसमें समय लगता है, लेकिन आप आसानी से उसके सर्टिफिकेट के बारे में पता चल जाता है। अगर यूआरएल में HTTPS है तो फिर वो साइट पूरी तरह से सिक्योर है। 

क्रेडिट कार्ड में रखें लो लिमिट
कई प्रमुख बैंक वर्चुअल कार्ड्स के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए ऐप लॉन्च कर रहे हैं। इन वर्चुअल कार्ड का इस्तेमाल कस्टमर ऐप के जरिए बिल पेमेंट के लिए कर सकते हैं। इसके लिए कस्टमर को बैंक की वेबसाइट पर जाकर के रजिस्टर करना होगा। इसके बाद बैंक कस्टमर के मोबाइल फोन पर 16 डिजिट का नंबर और CVV 2 नंबर भेजेगा। 

NFC टेक्नोलॉजी के प्रयोग से नहीं करना पड़ेगा कार्ड को स्वाइप

एनएफसी (नियर फील्ड कम्यूनिकेशन) टेक्नोलॉजी से युक्त कार्ड को कई बैंकों ने लॉन्च कर दिया है। इस टेक्नोलॉजी की मदद से कार्ड को प्वाइंट ऑफ सेल टर्मिनल पर क्रेडिट कार्ड को स्वाइप नहीं करना पड़ता है। कस्टमर को अपना कार्ड केवल टर्मिनल पर दिखाना पड़ेगा जिसके द्वारा बिल का पेमेंट हो जाता है। बैंक इस तरह की सर्विस मोबाइल के जरिए देने की तैयारी कर रहे हैं।

मोबाइल पर कभी ना करें अकाउंट की जानकारी स्टोर
मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए हम कई सारे ऐप भी डाउनलोड कर लेते हैं। इन ऐप्स पर अकाउंट से संबंधित जानकारी को स्टोर ना करें। इसमें क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, एटीएम पिन आदि शामिल हैं। इसके अलावा ऐप पर कभी भी यूजरनेम और पासवर्ड को भी सेव ना करें। ऐसा इसलिए अगर आपका मोबाइल चोरी हो गया तो अकाउंट से संबंधित सारी जानकारी गलत हाथों में पड़ सकती है। 
पब्लिक वाई-फाई को न करें फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन के लिए इस्तेमाल 
अपने मोबाइल पर किसी भी बैंकिंग ऐप का प्रयोग करने के लिए पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल ना करें। हमेशा अपने मोबाइल डाटा का इस्तेमाल करें। ऐसा इसलिए क्योंकि पब्लिक नेटवर्क को हैकर्स जल्दी से हैक कर लेते हैं। 

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