सावन के शनिवार की रात है कुछ खास, जानिए अपना गुडलक…

वैसे तो श्रावण मास के महीने का हर अपने आप में खास है। यदि कोई व्यक्ति अपने मनोरथ सिद्ध करना चाहता है तो उसके लिए इन दिनों में से उत्तम कोई भी दिन नहीं होगा। सावन के शनिवार की रात है कुछ खास, जानिए अपना गुडलक...

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लेकिन श्रावण मास में सोमवार, मंगलवार और शनिवार का दिन सबसे खास माना जाता है। क्योंकि यह दिन किसी न किसी प्रकार से भगवान शिव से जुड़ा हुआ है। 

 
इसलिए श्रावण मास में शनिदेव के पूजन का महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यतानुसार, शिव को गुरु और शनि को शिष्य माना जाता है। जिस प्रकार से शिव भूत-प्रेतों को वश में रखते हैं उसी प्रकार से शनिदेव भी व्यक्ति के बुरे और अच्छए करमों का लेखा-जोखा रखते हैं। 
 
लेकिन सावन के महीने के शनिवार की रात बेहद ही खास है इसलिए यदि आप भी इस दिन अपना गुडलक पाना चाहते हैं तो जरूर जानिए कुछ विशेष बातें व उपाय…
 
शनिदेव को लोहबान, बरगद का पत्ता चढ़ाएं। भोग स्वरूप इमरती चढ़ाएं। लगाएं। इसके अलावा 108 बार इस मंत्र का का जाप करें ‘ॐ छायादेवीसुताय नमः’। इसके बाद इमरती को गाय को खिला दें।  

विशेष उपाय

एक पात्र में सरसों का तेल लेकर उसमें अपनी छाया देखने के बाद सारी समस्याएं व दुख कह दें।

इसके बाद किसी शनि मंदिर में उस तेल का दान कर दें। काले रंग का वस्त्र धारण करें।

2.  हाथ में 1 मुट्ठी उड़द की दाल को सिर से वार कर किसी काली गाय को खिला दें।

गुडलक का मुहूर्त

शाम 6 से शाम 7 तक।
शाम 18:17 से रात 20:03 तक।
रात 9:51 से रात 10:06 तक।

गुडलक मंत्र

ॐ शनैश्चराय नमः॥

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