सावन सोमवार : विधि विधान से करें पहला सोमवार व्रत

जैसा कि आप जानते हैं आज सावन का पहला सोमवार है और देशभर के सभी शिव मंदिरों में भक्तों मकई भीड़ लगी हुई है. भगवान शिव की एक झलक पाने के लिए भक्त लम्बी लाइन में लगे हुए और दर्शन करने का इंतज़ार कर रहे हैं. सावन के सोमवार में कई लोग भगवान शिव का व्रत भी रखते हैं, जिस पर ये कहा जाता है कि सावन सोमवार व्रत रखने से सभी परेशानियों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख शांति आती है. इतना ही नहीं, कहा जाता है कुंवारी लड़कियां अगर इस व्रत को करती हैं तो उन्हें मनचाहा जीवन साथी मिलता है.जैसा कि आप जानते हैं आज सावन का पहला सोमवार है और देशभर के सभी शिव मंदिरों में भक्तों मकई भीड़ लगी हुई है. भगवान शिव की एक झलक पाने के लिए भक्त लम्बी लाइन में लगे हुए और दर्शन करने का इंतज़ार कर रहे हैं. सावन के सोमवार में कई लोग भगवान शिव का व्रत भी रखते हैं, जिस पर ये कहा जाता है कि सावन सोमवार व्रत रखने से सभी परेशानियों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख शांति आती है. इतना ही नहीं, कहा जाता है कुंवारी लड़कियां अगर इस व्रत को करती हैं तो उन्हें मनचाहा जीवन साथी मिलता है.  धार्मिक ग्रन्थ के अनुसार ये माना जाता है कि सावन के महीने में भगवान शिव खुद धरती पर आते हैं और भक्तों के रमते हैं  और साथ ही कांवड़ियों के साथ मस्ती में रहते हैं. तो अगर आप भी सावन के व्रत कर रहे हैं तो हम बता देते हैं कैसे करना चाहिए सावन के पहले सोमवार का व्रत.   सावन के पहले सोमवार देशभर के शिव मंदिर में लगा भक्तों का तांता  * व्रत को विधि विधान से पूरा करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और घर को स्वच्छ बनाएं उसके बाद भगवान शिव पार्वती का पूजन करें.     * पूजन के दौरान आप जल के साथ दूध अर्पित कर सकते हैं, रुद्राभिषेक करा सकते हैं और बिल्व पत्र चढ़ाएं. सावन में शिवलिंग पर दूध चढ़ाना महत्व रखता है.   * इसके अलावा आप भगवान शिव का अभिषेक गन्ने के रस से भी कर सकते हैं जिससे जीवन में सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है.  * पूजन के बाद आप भगवान शिव पार्वती की कथा सुनें, दिन भर फलाहार लेकर आप शाम को व्रत खोल सकते हैं.      *इसके पहले आप दिनभर में भगवान शिव के मंत्र का जाप कर सकते हैं महामृत्युंजय मंत्र और भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र कर सकते हैं.  * आरती के पश्चात भोग लगाएं और परिवार में बांटने के पश्चात स्वयं ग्रहण करें. इससे आपके जीवन की सभी परेशानी दूर होंगी और भगवान शिव की कृपा  बनी रहेगी.

धार्मिक ग्रन्थ के अनुसार ये माना जाता है कि सावन के महीने में भगवान शिव खुद धरती पर आते हैं और भक्तों के रमते हैं  और साथ ही कांवड़ियों के साथ मस्ती में रहते हैं. तो अगर आप भी सावन के व्रत कर रहे हैं तो हम बता देते हैं कैसे करना चाहिए सावन के पहले सोमवार का व्रत. 

व्रत को विधि विधान से पूरा करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और घर को स्वच्छ बनाएं उसके बाद भगवान शिव पार्वती का पूजन करें.

पूजन के दौरान आप जल के साथ दूध अर्पित कर सकते हैं, रुद्राभिषेक करा सकते हैं और बिल्व पत्र चढ़ाएं. सावन में शिवलिंग पर दूध चढ़ाना महत्व रखता है. 

इसके अलावा आप भगवान शिव का अभिषेक गन्ने के रस से भी कर सकते हैं जिससे जीवन में सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है.

 पूजन के बाद आप भगवान शिव पार्वती की कथा सुनें, दिन भर फलाहार लेकर आप शाम को व्रत खोल सकते हैं. 

इसके पहले आप दिनभर में भगवान शिव के मंत्र का जाप कर सकते हैं महामृत्युंजय मंत्र और भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र कर सकते हैं.

आरती के पश्चात भोग लगाएं और परिवार में बांटने के पश्चात स्वयं ग्रहण करें. इससे आपके जीवन की सभी परेशानी दूर होंगी और भगवान शिव की कृपा  बनी रहेगी.

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