सिद्धू का पुतला फूंक रहे भाजयुम कार्यकर्ताओं ने मारा चौकी प्रभारी को थप्पड़, मचा हडकंप 

हजरतगंज चौराहा पर मंगलवार शाम नवजोत सिंह सिद्धू का पुतला फूंकने आए भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारियों की पुलिस से भिड़ंत हो गई। पुतला दहन के बाद चौराहा पर जाम लगने पर पुलिसकर्मियों ने कार्यकर्ताओं को हटाने की कोशिश की तो वह हाथापाई और धक्का-मुक्की करने लगे।

सचिवालय चौकी प्रभारी को थप्पड़ मार दिया जिससे माहौल गरमा गया और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। भाजपाई भागकर पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पहुंचे और गेट पर हंगामा करने लगे। उधर, पुलिस ने घायल भाजपाइयों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया।

जानकारी पाकर पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी आ गए और अस्पताल के गेट पर धरना-प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आनंद शाही को निलंबित करने की मांग की। कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक, दयाशंकर सिंह समेत कई नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर करीब चार घंटे चला हंगामा शांत कराया।

अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि शाम करीब सात बजे भारतीय जनता युवा मोर्चा के करीब 150 कार्यकर्ता पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू का पुतला लेकर हजरतगंज चौराहा पहुंचे थे।

कार्यकर्ताओं ने चौराहा घेर लिया और पुतले में आग लगा दी। सड़क पर जाम लगने लगा तो सचिवालय चौकी इंचार्ज सुभाष सिंह ने कार्यकर्ताओं को टोका। उन्हें हटने के लिए कहा तो वह अभद्रता करने लगे। कार्यकर्ता अराजक हो गए और चौकी प्रभारी से धक्का-मुक्की व हाथापाई शुरू कर दी जिससे माहौल गरमा गया।

कार्यकर्ताओं पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। मौके पर भगदड़ मच गई। कार्यकर्ता चौराहा से शोर मचाते हुए भागे और भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में घुस गए। यहां से लाठी-डंडे लेकर कार्यकर्ता बाहर निकले और गेट पर ही पुलिस के खिलाफ हंगामा व नारेबाजी करने लगे।

इस बीच भाजपाइयों और पुलिस के बीच टकराव की जानकारी पाकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी समेत कई अधिकारी व आसपास के थानों की फोर्स भी वहां आ गई। भाजपाई हजरतगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आनंद शाही को निलंबित करने की मांग करने लगे। उधर, लाठीचार्ज और भगदड़ में घायल भाजपाइयों को पुलिस ने सिविल अस्पताल में भर्ती करा दिया। 

जानकारी पाकर भाजपाई भी सिविल अस्पताल पहुंच गए और हंगामा करने लगे। सिविल अस्पताल के गेट पर बैठकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक, दयाशंकर सिंह समेत कई नेताओं ने सिविल अस्पताल पहुंचकर उन्हें समझाया। कैबिनेट मंत्री ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली।

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