सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे 27 मुन्नाभाई गिरफ्तार, दस लाख रुपया बरामद

उत्तर प्रदेश पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा में सेंध लगाने के प्रयास में आज भी 27 मुन्नाभाई एसटीएफ के हत्थे चढ़ गए। मेरठ के साथ ही मथुरा व आगरा में सॉल्वर गैंग के सदस्यों को गिफ्तार किया गया है। इनमें बिहार के साथ हरियाणा के लोग हैं।शकील ने एसटीएफ को बताया कि करीब 50 छात्रों से सौदा तय हुआ था। वह लोग दस छात्रों से ही पैसा वसूल पाए थे। गिरोह आधार कार्ड पर फोटो बदलकर सॉल्वर को परीक्षा कक्ष में बैठाते थे। इससे पहले इस गिरोह ने रेलवे ग्रुप -डी की परीक्षा में सॉल्वर बैठाकर कई छात्रों का चयन कराया है। सभी आरोपी हरियाणा के सोनीपत व पानीपत के रहने वाले हैं। आज आरोपितों ने कई अभ्यर्थियों के स्थान पर सॉल्वर को परीक्षा में बैठाया था।  इस तरह करते हैं धंधा  पकड़े गए इस गिरोह के कुछ लोग कैंडिडेट को अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद सॉल्वर से परीक्षा दिलाते थे। आरोपी सॉल्वर को एक लाख रुपये देते थे और अभ्यर्थी से चार लाख रुपये परीक्षा में पास कराने के नाम पर लेते थे।  आगरा से भी एक गिरफ्तार  आगरा के सिकंदरा से भी एक सॉल्वर को पकड़ा गया है। सिकन्दरा के पनवारी स्थित बाल मुकुंद इंटर कॉलेज में परीक्षा दे रहा सॉल्वर जय प्रकाश बिहार के बक्सर जिले के हमीरपुर का रहने वाला है। वह यहां अलीगढ़ के थाना गोदाम स्थित कैंट निवासी हेमंत की जगह पर लिखित परीक्षा दे रहा था।

मेरठ में आज 22 मुन्ना भाई को पुलिस ने बड़ी मात्रा में मोबाइल फोन तथा दस लाख रुपया नकद के साथ गिरफ्तार किया। सीओ ब्रजेश सिंह ने बताया कि यह सभी लोग मेरठ के परीक्षा केंद्रों में दूसरे की जगह परीक्षा देने के प्रयास में थे। इनको एसटीएफ ने गिरफ्तार कर इनके पास से दस लाख रुपया भी बरामद किया।

यूपी पुलिस परीक्षा में हो रही बड़ी नकल का एक आज बार फिर खुलासा हुआ है। कल बड़ी संख्या में नकलची पकड़े जाने के बाद आज भी यह लोग अपने अभियान में लगे थे। पुलिस ने मेरठ से 22 सॉल्वर और छात्रों को गिरफ्तार किया। यह सभी सॉल्वर हरियाणा के हैं और परीक्षार्थी वेस्ट यूपी के जिलों के रहने वाले हैं। सॉल्वर गिरोह ने प्रत्येक परीक्षार्थी से नकल के नाम पर चार से पांच लाख रुपये वसूले थे। इनके कब्जे से 26 मोबाइल, 10 लाख रुपये, प्रिंटर, लैपटॉप और भारी मात्रा में छात्रों के दस्तावेज मिले हैं।

एसटीएफ सीओ ब्रजेश कुमार के ने बताया कि इस गिरोह को कंकरखेड़ा इलाके में एक मकान से पकड़ा गया है। इनका मास्टरमाइंड शकील है जो बागपत के कुरड़ी गांव का रहने वाला है। शकील का यूपी पुलिस कॉस्टेबल के पद पर वर्ष 2015 में चयन हुआ है। शकील ने एक दिन पहले हुई परीक्षा में कई जिलों में सॉल्वर बैठाए थे। शकील का दावा है कि सॉल्वर पकड़े भी नहीं गए।

शकील ने एसटीएफ को बताया कि करीब 50 छात्रों से सौदा तय हुआ था। वह लोग दस छात्रों से ही पैसा वसूल पाए थे। गिरोह आधार कार्ड पर फोटो बदलकर सॉल्वर को परीक्षा कक्ष में बैठाते थे। इससे पहले इस गिरोह ने रेलवे ग्रुप -डी की परीक्षा में सॉल्वर बैठाकर कई छात्रों का चयन कराया है। सभी आरोपी हरियाणा के सोनीपत व पानीपत के रहने वाले हैं। आज आरोपितों ने कई अभ्यर्थियों के स्थान पर सॉल्वर को परीक्षा में बैठाया था।

इस तरह करते हैं धंधा

पकड़े गए इस गिरोह के कुछ लोग कैंडिडेट को अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद सॉल्वर से परीक्षा दिलाते थे। आरोपी सॉल्वर को एक लाख रुपये देते थे और अभ्यर्थी से चार लाख रुपये परीक्षा में पास कराने के नाम पर लेते थे।

आगरा से भी एक गिरफ्तार

आगरा के सिकंदरा से भी एक सॉल्वर को पकड़ा गया है। सिकन्दरा के पनवारी स्थित बाल मुकुंद इंटर कॉलेज में परीक्षा दे रहा सॉल्वर जय प्रकाश बिहार के बक्सर जिले के हमीरपुर का रहने वाला है। वह यहां अलीगढ़ के थाना गोदाम स्थित कैंट निवासी हेमंत की जगह पर लिखित परीक्षा दे रहा था। 

 

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