सिर्फ छह दिन बाद, चीन के लिए फिर ज़मीन ही नहीं पानी भी बनेगा खतरा

सिर्फ छह दिन बाद, चीन के लिए फिर ज़मीन ही नहीं पानी भी बनेगा खतरा…प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा से पहले भारत ने जापान से एयरक्राफ्ट खरीदने के रुके हुए प्रोजेक्ट में एक बार फिर जान फूंक दी है। जल्द ही भारत जापान से एक दर्जन यूएस-2आई एम्फीबियस (जमीन और पानी पर चलने वाला) एयरक्राफ्ट खरीदेगा। इस सौदे की कीमत 10,000 करोड़ रुपए होगी।

सिर्फ छह दिन बाद, चीन के लिए फिर ज़मीन ही नहीं पानी भी बनेगा

मालूम हो कि प्रधानमंत्री मोदी 11-12 नवंबर को जापान के दौरे पर होंगे। मोदी की जापान यात्रा के दौरान ही 10 हजार करोड़ के इस एयरक्राफ्ट सौदे पर बातचीत हो सकती है। दोनों देश असैन्य परमाणु सहयोग समझौते पर भी हस्ताक्षर कर सकते हैं।

सोमवार को रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर की अध्यक्षता में होने वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में भी यूएस-2आई एम्फीबियस के मुद्दे पर चर्चा की संभावना है। इस बैठक के तहत 6 एम्फीबियस प्लेन नेवी के लिए और 6 कोस्ट गार्ड के लिए खरीदे जाने हैं।

बता दें कि एयरक्राफ्ट यूएस-2आई के खरीद की डील 2013 में शुरू हुई थी लेकिन अधिक पैसों के चलते इसे अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया जा सका। हालांकि जापान ने यूएस-2आई एम्फीबियस एयरक्राफ्ट विमान की कीमतों को कम करने के संकेत दिए हैं।

ये हैं खूबियां

यूएस-2आई एम्फीबियस विमान को 30-38 किलोमीटर प्रति घंटे की विंड स्पीड पर समुद्र के साथ-साथ नदियों और झीलों पर भी चालू किया जा सकता है। यूएस-2आई का ज्यादातर इस्तेमाल सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए किया जाएगा। इमरजेंसी की स्थिति में 30 सैनिकों को भी यूएस-2आई के जरिए भेजा जा सकता है।

तो इसलिए अहम है ये डील

भारत और जापान दोनों ही देश चीन के बढ़ते असर से बेहद चिंतित हैं। ऐसी स्थिति में भारत अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर एक नई ताकत बनाना चाहता है। ज्ञात हो कि 2014 से जापान भारत-यूएस के साथ सलाना होने वाली मालाबार नेवल एक्सरसाइज में हिस्सा लेता रहा है।

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