सीएम अरविंद केजरीवाल का रुख तय करेगा, धरना खत्म होगा या जारी रहेगा टकराव

देश की राजधानी दिल्ली में मचे राजनीतिक और प्रशासनिक घमासान के बीच सबकी निगाहें अब सीएम अरविंद केजरीवाल के इस रुख पर लगी हैं कि वे पिछले एक सप्ताह से चल रहे विवाद खत्म करने के लिए दिल्ली के आइएएस अधिकारियों को बुलाते हैं या नहीं। इस कड़ी में मंगलवार को आइएएस अधिकारियों ने कहा कि वे औपचारिक बातचीत के लिए अरविंद केजरीवाल के बुलावे का इंतजार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये संभावित बैठक दिल्ली सचिवालय में बुलाई जा सकती है और इसमें फरवरी महीने में मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ हुई बदसलूकी से बने हालात के बाद कोई परिणाम निकलेगा।AAP के सूत्रों की मानें तो जब सीएम और अधिकारी बात करने को तैयार हैं तो एलजी जल्द ही इस मसले पर बैठक बुलाएं और गतिरोध खत्म करें। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर लिखा कि सभी संबंधित पक्षों की बैठक बुलाने के लिए उन्होंने सोमवार को एलजी को चिट्ठी लिखी थी, लेकिन एलजी जवाब नहीं दे रहे हैं। केजरीवाल ने एलजी पर पीएम के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया।    वहीं, कहा जा रहा है कि दिल्ली में एलजी दफ्तर में आदमी पार्टी (AAP) का धरना ऐसे मोड़ पर जा फंसा है, जहां केजरीवाल को वापसी का राह नहीं दिखाई दे रही है। सूत्रों के मुताबिक, सीएम केजरीवाल धरना खत्म करें तो आइएएस एसोसिएशन बातचीत को तैयार है, लेकिन सारा मामला 'पहले आप' पर आकर लटक गया है।  बता दें कि धरने पर बैठे मंत्री मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद काम पर लौटने की तैयारी में हैं। ऐसे में अब सिर्फ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और परिवहन मंत्री गोपाल राय ही धरने पर बचे हैं।    क्या माफी मांगेंगे केजरीवाल  आइएएस एसोसिएशन के एक सदस्य ने साफ कहा है कि माफी मांगे जाने का मुद्दा अभी जिंदा है। यदि सुलह की बात होती है तो केजरीवाल और सिसोदिया को 19 फरवरी की घटना के लिए माफी मांगनी ही होगी। अन्यथा हम लोगों के विरोध प्रदर्शन कोई मतलब नहीं रह जाएगा।    बता दें कि रविवार को आइएएस एसोसिएशन द्वारा दिल्ली सरकार में काम करते हुए हो रही परेशानी पर अपनी व्यथा रखे जाने के बाद केजरीवाल ने अधिकारियों को अपने परिवार का सदस्य बताया था तथा उन्हें सुरक्षा देने की बात कही थी। इसके बाद आइएएस एसोसिएशन ने भी कुछ नरमी दिखाई। एसोसिएशन ने सुरक्षा के मुद्दे पर केजरीवाल से बात करने के लिए हामी भरी।

आइएएस अधिकारियों की ओर से यह बयान तब आया है जब एक दिन पहले ही दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल अनिल बैजल से बैठक बुलाने की गुजारिश की है, ताकि दिल्ली सरकार और अधिकारियों के बीच गतिरोध को खत्म किया जा सके।

मनीष सिसोदिया की पहल के बाद अब आइएएस अधिकारी दिल्ली के सीएम के साथ बैठक की बाट जोह रहे हैं, जिसमें उम्मीद है कि वे उनकी सुरक्ष को जरूरी कदम उठाने के बारे में बात करेंगे।

वहीं, बुधवार को दिल्ली की केजरीवाल सरकार द्वारा दी गई सुरक्षा की गारंटी पर आइएएस अफसरों ने सकारात्मक संकेत दिए और कहा कि वह सीधे सीएम से बातचीत के इच्छुक हैं। उधर, AAP ने मंगलवार को एक पत्रकार वार्ता कर गेंद को एलजी के पाले में डाल दिया है।

AAP के सूत्रों की मानें तो जब सीएम और अधिकारी बात करने को तैयार हैं तो एलजी जल्द ही इस मसले पर बैठक बुलाएं और गतिरोध खत्म करें। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर लिखा कि सभी संबंधित पक्षों की बैठक बुलाने के लिए उन्होंने सोमवार को एलजी को चिट्ठी लिखी थी, लेकिन एलजी जवाब नहीं दे रहे हैं। केजरीवाल ने एलजी पर पीएम के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया।

वहीं, कहा जा रहा है कि दिल्ली में एलजी दफ्तर में आदमी पार्टी (AAP) का धरना ऐसे मोड़ पर जा फंसा है, जहां केजरीवाल को वापसी का राह नहीं दिखाई दे रही है। सूत्रों के मुताबिक, सीएम केजरीवाल धरना खत्म करें तो आइएएस एसोसिएशन बातचीत को तैयार है, लेकिन सारा मामला ‘पहले आप’ पर आकर लटक गया है।

बता दें कि धरने पर बैठे मंत्री मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद काम पर लौटने की तैयारी में हैं। ऐसे में अब सिर्फ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और परिवहन मंत्री गोपाल राय ही धरने पर बचे हैं।

क्या माफी मांगेंगे केजरीवाल

आइएएस एसोसिएशन के एक सदस्य ने साफ कहा है कि माफी मांगे जाने का मुद्दा अभी जिंदा है। यदि सुलह की बात होती है तो केजरीवाल और सिसोदिया को 19 फरवरी की घटना के लिए माफी मांगनी ही होगी। अन्यथा हम लोगों के विरोध प्रदर्शन कोई मतलब नहीं रह जाएगा।

बता दें कि रविवार को आइएएस एसोसिएशन द्वारा दिल्ली सरकार में काम करते हुए हो रही परेशानी पर अपनी व्यथा रखे जाने के बाद केजरीवाल ने अधिकारियों को अपने परिवार का सदस्य बताया था तथा उन्हें सुरक्षा देने की बात कही थी। इसके बाद आइएएस एसोसिएशन ने भी कुछ नरमी दिखाई। एसोसिएशन ने सुरक्षा के मुद्दे पर केजरीवाल से बात करने के लिए हामी भरी।

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