सीजन के पहले कोहरे का कहर: यमुना एक्सप्रेस-वे पर इस तरह से एक के बाद एक भिड़ीं गाड़ियां, देखे विडियो

लगातार दूसरे दिन दिल्ली और आसपास के इलाकों में घना कोहरा रहा. इसके चलते कई हादसे भी हुए. स्मॉग के कारण बुधवार सुबह यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक के बाद एक 18 गाड़ियां आपस में भिड़ गईं. हादसे में कई लोग जख्मी हो गए हैं. घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती करा दिया है. गनीमत की बात ये रही कि इसमें किसी की मौत नहीं हुई.सीजन के पहले कोहरे का कहर: यमुना एक्सप्रेस-वे पर इस तरह से एक के बाद एक भिड़ीं गाड़ियां, देखे विडियो क्या आपका भी है HDFC बैंक में सेविंग या सैलरी एकाउंट, तो पढ़ लें ये खबर, वरना…

बहुत कम हो गई है विजिबिलिटी

कोहरे के कारण विजिबिलटी इतनी कम थी कि नजदीक का भी कुछ नजर नहीं आ रहा था, जिसके चलते गाड़ियां आपस में टकरा गई. एक्सीडेंट होने पर लोग कार से बाहर निकलकर भागने लगें और गाड़ियां चली गई.- देखें वीडियो

वीडियो में आप देख सकते हैं, कि कैसे एक के बाद एक गाड़ी पीछे से टकरा रही हैं और लोग अपनी जान बचाकर गाड़ियों से निकल-निकल कर भाग रहे हैं.

क्यों हो रहा है स्मॉग

पड़ोसी राज्यों में खेतों में पराली जलाए जाने से उठने वाले धुएं और राजधानी में ठंड के कारण बढ़ी नमी की वजह से राष्ट्रीय राजधानी ‘गैस चैंबर’ में तब्दील हो गई. इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत आने लगी.

प्रदूषण के स्तर में कमी लाने के लिए अधिकारियों ने सिलसिलेवार कदम उठाते हुए प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने और पार्किंग शुल्क को चार गुना करने सहित कई घोषणाएं की.

दिल्ली सरकार ने बच्चों, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और दमा एवं हृदय से जुड़ी अन्य बीमारियों सहित ऐसे लोगों के लिए स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है, जिनके इससे प्रभावित का खतरा अधिक है.  

दो दिन खराब रहेगा मौसम

पिछले 2 दिनों से जो वेदर है उसका कारण यह है कि एक एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन निचले स्तर पर बना हुआ है. उन्होंने कहा कि जब कोई एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन निचले स्तर पर होता है तो ऊपर से नीचे हवा बैठती है. इससे निचले स्तर का प्रदूषण बिखर नहीं पाता. उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि 9 तारीख से यह सिस्टम कमजोर पड़ जाएगा और मौजूदा स्थिति से मुक्ति मिलेगी. 10 नवंबर से उत्तर भारत की तरफ उत्तरी हवाएं चलेंगी जिससे तापमान में गिरावट की संभावना है.

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक जब वायुमंडल में महीन कण होते हैं तो इन कणों के आसपास नमी इकट्ठा हो जाती है.  इससे कोहरे के घने होने की संभावना बढ़ जाती है.

देखे विडियो:-

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