सुशील मोदी: लालू की बेटी मीसा ने दिल्ली में करोड़ों की जमीन कौड़ियों में खरीदी

बिहार में सत्ता की साझेदार राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद और उनके परिवार की कथित अवैध संपत्तियों को लेकर हमलावर बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने लालू प्रसाद की बेटी व राज्यसभा सांसद मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार पर मुखौटा कंपनियों के जरिये कौड़ियों के दाम पर करोड़ों की जमीन खरीदने का आरोप लगाया है.ये भी पढ़े: कपिल मिश्रा: के आरोपों पर क्या केजरीवाल ने गंवा दिया ‘हीरो’ बनने का मौका?

सुशील मोदी का आरोप है कि मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार ने दिल्ली में संदिग्‍ध तरीके से महज 1.40 करोड़ रुपये में सौ करोड़ कीमत वाली की संपत्ति खरीदी है. सुशील मोदी कहते हैं, भारती और कुमार ने 25 अक्तूबर, 2008 में अपनी कंपनी मिशेल पैकर्ज़ एंड प्रिंटर (PLT Ltd.) के 10 रुपये मूल्य वाले शेयर शालिनी होल्डिंग लिमिटेड, ऐड-फ़िन कैपिटल सर्विस, मणि माला दिल्ली प्रॉपर्टीज़ प्राइवेट लिमिटेड और डायमंड विनिमय प्राइवेट लिमिटेड को 90 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर बेचे थे. फिर इन चारों कंपनियों ने अगले साल 25 सितंबर को ये सारे शेयर भारती और कुमार की कंपनी को वापस बेच दिया और 90 रुपये की कीमत पर खरीदे गए इन शेयरों के लिए बस एक और दो रुपये ही लिए.

बीजेपी नेता का आरोप है कि इन शेयर की अवैध खरीद-बिक्री में जो प्रॉफ़िट हुआ, उससे उन लोगों ने 26, पालम फार्म, बिजवासन में 1.40 करोड़ रुपये में एक बंगला खरीदा और इसके लिए कंपनी के शेयर बेचने से प्रोफ़िट को सोर्स ऑफ इनकम बताया गया.

सुशील मोदी इसके साथ ही आरोप लगाते हैं कि राजधानी दिल्ली के सैनिक फॉर्म में H-27/1, western Avenue and w-8/3 lane पर स्थित केएचके होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मालिक विवेक और उनकी पत्नी आरती नागपाल ने 15 अक्टूबर, 2014 को अपनी कंपनी के सारे शेयर लालू प्रसाद की बेटी और दामाद के नाम ट्रांसफर कर दिए. मोदी कहते हैं कि नागपाल दंपति ने आखिर बिना किसी कैश ट्रांज़ैक्शन के उन्हें अपनी कंपनी क्यों और किस तरह सौंप दी, इस बात की जांच होनी चाहिए.

सुशील मोदी कहते हैं, मेरा मानना है कि 2004 से 2009 तक लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए इन कंपनियों के मालिकों को जो फायदा पहुंचाया गया, उसी की ऐवज में मीशा भारती और उनके पति को इन कंपनियों ने फर्जीवाड़ा कर फायदा पहुचाया है. इन मामलों की सीबाईआई और ईडी से जांच होनी चाहिए. इससे सारा सच उजागर होगा कि लालू यादव ने रेल मंत्री रहते हुए किस तरह भ्रष्टचार किया था और काम के बदले में ज़मीन और कंपनियां अपने और अपने परिवार के नाम पर कराए थे.

वह कहते हैं, ‘मीशा भारती ने इन कंपनियों और अपने इस फ़ार्म हाउस की जानकारी राज्यसभा सांसद के तोर पर चुनाव आयोग को दिए गए हलफ़नामे में नहीं दिया है. ऐसे में चुनाव आयोग से मेरी अपील है कि वह इसका संज्ञान ले और मीशा भारती के खिलाफ कार्रवाई करे.

नीतीश कुमार की पूर्ववर्ती सरकार में उपमुख्यमंत्री रह चुके सुशील मोदी कहते हैं, हमने 2009 में विशेष न्यायालय अधिनियम 2009 नाम से एक क़ानून बनाया था, जिसके तहत भ्रष्ट लोगों की संपत्तियों को ज़ब्त करके सरकारी काम में इस्तेमाल किया जा सकता है. इस नियम के तहत दो अधिकारियों की संपत्तियां जब्त करके स्कूल बनाए गए थे. लालू के परिवार की भी अवैध ढंग से अर्जित इन संपत्तियों को जब्त उनमें स्कूल खोल दी जानी चाहिए

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