सुषमा स्वराज आज SCO समिट को संबोधित करेंगी

 भारत की विदेश मंत्री अपने 5 दिवसीय चीन दौरे पर हैं, वहां वे आज SCO देशों के सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी, आज चीन में होने वाले विदेश मंत्रियों की बैठक में सुषमा भारत की ओर से सभा को सम्बोधित करेंगी. इससे पहले सोमवार को सुषमा ने चीन के विदेश मंत्री  वांग यी से भी मुलाकात की थी. दोनों के बीच हुई बैठक में द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई थी.बीजिंग: भारत की विदेश मंत्री अपने 5 दिवसीय चीन दौरे पर हैं, वहां वे आज SCO देशों के सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी, आज चीन में होने वाले विदेश मंत्रियों की बैठक में सुषमा भारत की ओर से सभा को सम्बोधित करेंगी. इससे पहले सोमवार को सुषमा ने चीन के विदेश मंत्री  वांग यी से भी मुलाकात की थी. दोनों के बीच हुई बैठक में द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई थी.  सुषमा स्वराज ने कहा कि साल 2018 में चीन सतलज और ब्रह्मपुत्र नदी के डेटा भारत को उपलब्ध कराएगा. इसके अलावा भारत और चीन के बाद आतंकवाद, क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल हेल्थकेयर जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत हुई. सुषमा स्वराज ने बताया कि पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत होगी और कई समझौतों को अंतिम रूप दिया जाएगा  विदेश मंत्री सुषमा ने सोमवार को पीएम मोदी की आगामी चीन यात्रा की जानकारी भी दी थी, उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी 27 और 28 अप्रैल को चीन की यात्रा पर आएँगे. सुषमा ने यह भी कहा था कि भारत और चीन अपने आपसी मतभेद भुलाकर अच्छे पड़ोसियों की तरह रहने के प्रयास कर रहे हैं. गौरतलब है कि चीन और भारत को लेकर सीमा विवाद होता रहता है, ऐसे में विदेश मंत्री की चीन यात्रा जरूर दोनों देशों के बीच तनाव को कम करेगी.

सुषमा स्वराज ने कहा कि साल 2018 में चीन सतलज और ब्रह्मपुत्र नदी के डेटा भारत को उपलब्ध कराएगा. इसके अलावा भारत और चीन के बाद आतंकवाद, क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल हेल्थकेयर जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत हुई. सुषमा स्वराज ने बताया कि पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत होगी और कई समझौतों को अंतिम रूप दिया जाएगा

विदेश मंत्री सुषमा ने सोमवार को पीएम मोदी की आगामी चीन यात्रा की जानकारी भी दी थी, उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी 27 और 28 अप्रैल को चीन की यात्रा पर आएँगे. सुषमा ने यह भी कहा था कि भारत और चीन अपने आपसी मतभेद भुलाकर अच्छे पड़ोसियों की तरह रहने के प्रयास कर रहे हैं. गौरतलब है कि चीन और भारत को लेकर सीमा विवाद होता रहता है, ऐसे में विदेश मंत्री की चीन यात्रा जरूर दोनों देशों के बीच तनाव को कम करेगी.     

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