सोनिया ने किया RSS पर हमला- कहा- ऐसे संगठनों का आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं

भारत छोड़ो आंदोलन के 75 साल पूरे होने पर लोकसभा में चर्चा करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बिना नाम लिए आरएसएस पर हमला करते हुए कहा कि ऐसे संगठन शुरू से इस आंदोलन के खिलाफ था। इसके साथ ही मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश में फिलहाल बहस करने की स्पेस काफी कम हो गई है। लोग डर और भय के माहौल में जी रहे हैं। सोनिया ने किया RSS पर हमला- कहा- ऐसे संगठनों का आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं
लोकसभा में चर्चा की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में 9 अगस्त का एक महत्वपूर्ण स्थान है। सभी प्रमुख नेता जेल चले गए थे। अंग्रेजों ने इस आंदोलन की विशालता के बारे में नहीं सोचा था। 

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1947 की आजादी में भारत छोड़ो आंदोलन का प्रमुख योगदान है।
1857 से शुरू हुआ आजादी का बिगुल 1942  में जाकर के पूरा हुआ था।
9 अगस्त को इसलिए चुना गया था क्योंकि इसी दिन काकोरी कांड हुआ था।
जयप्रकाश नारायण, लोहिया ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया था। क्योंकि सभी बड़े नेताओं को अंग्रेजों ने नजरबंद किया था। 
जनता ने गांधी द्वारा दिए गए करो या मरो के नारे को बिलकुल अपना लिया था। 
भारत के आजाद होने के साथ ही ब्रिटेन का पूरी दुनिया से औपनिवेशवाद खत्म हो गया था। 
1942 में देश का हर आदमी नेता बन गया था। 
भारत के लिए इतने सालों में अवसर काफी बढ़ गए हैं। 
मिलकर काम हो तो गांधी का सपना पूरा होगा।
हम कई समस्याओं के खिलाफ काफी अच्छे से काम कर सकते हैं। 
हम ईमानदारी का संकल्प करके देश को आगे ले जा सकते हैं। 
दल से बड़ा देश, राजनीति से बड़ी राष्ट्रनीति। 
गांव छोड़कर लोग शहर की तरफ रुख कर रहे हैं। 
हम मिलकर काम करेंगे तो सफलता मिलेगी। 
महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज का सपना भ्रष्टाचार की वजह से पीछे छूट गया है। 
छोटी-छोटी बातों पर लोग हिंसक हो रहे हैं। ट्रैफिक जाम पर लोग लड़ लेते हैं। 
जीएसटी किसी एक के लिए नहींं बल्कि पूरे देश के लिए कामयाबी की बात है। 
 

Poverty, lack of education & malnutrition, these are big challenges we face, need to bring a positive change in this regard: PM Modi

Our women played a leading role during the freedom struggle: PM Modi in Lok Sabha

 

 

Success of  is not due to our Govt or one party, its due to contribution of all parties, states and traders: PM Modi

 

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि वो शुक्रगुजार हैं कि कांग्रेस द्वारा आयोजित इस आंदोलन में भाग लिया था, जिसकी नींव महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू और सरदार पटेल ने रखी थी। 

करो या मरो के नारे से पूरे देश को उत्तेजित कर दिया था। 
नेहरू ने अपना सबसे लंबा वक्त जेल में इस आंदोलन के दौरान बिताया।
कई लोग भूमिगत हो गए थे। सत्याग्रहियों को डराने के लिए महिलाओं को भी अंग्रेज सरकार ने नहीं बख्शा था। 
आंदोलन के दौरान कई कांग्रेसी जेल में मर गए थे। महिलाओ ने भी इस आंदोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। 
बिना नाम लिए किया RSS पर हमला, कहा ऐसे संगठनों का आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं रहा। 
ये ऐसे संगठन थे जो इस आंदोलन के शुरू से खिलाफ थे।  

Nafrat aur badle ki rajneeti ke badal chha gaye hain, public space mein behes ki gunjaish kam ho rahi hai: Sonia Gandhi

 

A lot of atrocities were committed on the protesters, but no one stepped back: Sonia Gandhi on 

We must not forget that some organizations opposed  , such orgs have no role in freedom struggle: Sonia Gandhi

 

इससे पहले पीएम मोदी ने ट्वीट करके कहा कि 75 साल पहले 1942 में भारत को अंग्रेजों से मुक्त कराना बड़ी जिम्मेदारी थी। लेकिन अब विषय काफी अलग हैं। आज हम शपथ लेते हैं कि भारत को 2022 तक गरीबी, गंदगी, भ्रष्टाचार, जातिवाद से मुक्ति दिलाएं। 
 

In 1942, the need of the hour was to free India from colonialism. Today, 75 years later the issues are different, tweets PM Modi

 

 

In 1942, the need of the hour was to free India from colonialism. Today, 75 years later the issues are different, tweets PM Modi

Let us pledge to free India from poverty, dirt, corruption, terrorism, casteism, communalism &create a ‘New India’ of our dreams by 2022: PM

 

मुंबई के आजाद मैदान से 1942 में महात्मा गांधी ने अंग्रेजों से भारत छोड़ने का ऐलान किया था। इस आंदोलन में 940 लोग मारे गए थे, 1630 घायल, 18 हजार नजरबंद और 60229 लोग गिरफ्तार हुए थे। 

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