सौर तूफान से बचाता धरती का दूसरा चुंबकीय क्षेत्र, जानें इससे जुड़ी खास बातें…

वैज्ञानिकों ने धरती के दूसरे चुंबकीय क्षेत्र का नक्शा अंतरिक्ष से तैयार किया है। धरती के स्थल मंडल (ठोस परत और ऊपरी भित्ति) पर मौजूद यह चुंबकीय क्षेत्र धरती को सौर तूफानों से बचाता है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की तीन सैटेलाइट की मदद से चार साल के अध्ययन के बाद इस नक्शे को तैयार किया गया है। इसमें जर्मनी के एक अंतरिक्ष यान, समुद्री जहाजों और विमानों से ली गई तस्वीरों के डाटा को भी शामिल किया गया है। यह अब तक का चुंबकीय क्षेत्र की सबसे ज्यादा जानकारी देने वाला नक्शा है। नक्शे में दिखता है कि कैसे इस चुंबकीय क्षेत्र में हजारों उतार चढ़ाव हैं। सौर तूफान से बचाता धरती का दूसरा चुंबकीय क्षेत्र, जानें इससे जुड़ी खास बातें...

प्रोजेक्ट वैज्ञानिक डॉ इर्वान थेबाल्ट ने बताया, यह स्थल मंडल पर स्थित चुंबकीय क्षेत्र का सबसे ज्यादा रिसोल्यूशन वाला मॉडल है। 250 किलोमीटर की स्केल से जमीन को अभूतपूर्व तरीके से मापा गया है। यह हमारे पैरों के नीचे की जमीन के बारे में नई समझ प्रदान करता है। यह प्रोजेक्ट बड़ी कामयाबी है क्योंकि चुंबकीय क्षेत्र के बेहद छोटे उतार-चढ़ाव को रिकार्ड करता है। 

यूं करती धरती की हिफाजत
चुंबकीय क्षेत्र चार्ज की एक परत होती है, जो सौर आंधियों से आने वाले चार्ज को परावर्तित कर देती है। इस सुरक्षा परत के बिना ये कण ओजोन को भेद देंगे, जो अल्ट्रावायलेट विकिरण से बचाने वाला एक मात्र कवच है।  धरती के चुंबकीय क्षेत्र का ज्यादातर हिस्सा धरती के भीतर पिघले लोहे के अति गर्म समंदर से बनता है। पर इसका कुछ हिस्सा धरती के स्थल मंडल की चट्टानों से भी निर्मित होता है। चूंकि स्थल मंडल वाला चुंबकीय क्षेत्र कमजोर होता है, इसलिए इसे अंतरिक्ष से पकड़ना मुश्किल होता है। 

 

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